दमोह। जिले में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्वयं औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब दुकान “दमोह-डी” का लाइसेंस निरस्त कर दिया। इसे जिले में आबकारी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हटा नाका से इमलाई मार्ग की ओर संचालित शराब दुकान के संबंध में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। कलेक्टर द्वारा पूर्व में संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि जिस स्थान के लिए दुकान का लाइसेंस जारी किया गया था, वहां दुकान संचालित नहीं की जा रही थी। इसके बजाय किसी अन्य स्थान पर शराब की बिक्री की जा रही थी। इसके अलावा बिक्री रजिस्टर में भी अनियमितताएं पाई गईं।
कलेक्टर के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर शराब निर्धारित मूल्य से कम तथा कहीं अधिक कीमत पर बेची जा रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
पूरी कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग की टीम भी मौजूद रही। विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से संबंधित शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट : BIGNEWS 24
