दमोह। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर कोचर ने जानकारी दी है कि 1 मार्च से खाद वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था से खाद वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी।
🔹 क्या है ई-विकास प्रणाली?
ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इससे:
- सोसाइटी स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी
- डबल लॉक पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी
- किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी
🔹 डिफ़ॉल्टर किसानों के लिए विशेष अपील
कलेक्टर कोचर ने डिफ़ॉल्टर किसानों से अपील की है कि वे 0% ब्याज ऋण चुकाकर नॉन-डिफ़ॉल्टर बनें, ताकि उन्हें सोसाइटी से खाद लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
🔹 सोसाइटी सदस्यता जरूरी
किसानों से सोसाइटी की सदस्यता लेने का भी आग्रह किया गया है, जिससे वे आसानी से खाद एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
📌 किसानों को क्या होगा लाभ?
✅ लंबी लाइनों से मुक्ति
✅ पारदर्शी और तेज प्रक्रिया
✅ समय पर खाद उपलब्धता
✅ डिजिटल रिकॉर्ड से गड़बड़ी पर रोक
जिला प्रशासन का मानना है कि ई-विकास प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खाद वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।
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