50 करोड़ के प्याज घोटाले में हटाए जा सकते हैं दमोह कलेक्टर ?

दमोह- पिछले साल शासन के लिए प्याज की मार भारी पड़ी ? और कई अधिकारियों के लिए प्याज आफत बन गई और बिना सोचे समझे जल्दीबाजी में लिए गए निर्णय से प्याज की जो खरीदी हुई और जो बिक्री हुई उससे तभी कई प्रकार की आशंकाएं अब आने लगी थी ? कि इसमें कहीं ना कहीं व्यापक घोटाला हो सकता है ? और उड़ती उड़ती खबर आई कि इसमें कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं है, एक बहुत बड़ा घोटाला होगा ? क्योंकि जिस गति से प्याज की आवक दमोह स्टेशन पर हो रही थी और उस को आनन-फानन में ठिकाने लगाया जा रहा था उससे यह आशंका तभी लगने लगी थी कि इसमें कहीं ना कहीं बहुत बड़ा घोटाला हो सकता है ? और रिमझिम बारिश के बीच प्याज की शान में इस घोटाले को और भी बढ़ने का मौका दे दिया, और आनन-फानन में प्याज को ठिकाने लगाया गया जिसका कि कोई हिसाब-किताब नहीं कि कितनी प्याज की बिक्री हो गई इसका कोई भी हिसाब किताब नहीं था क्योंकि जो प्याज की बिक्री हो रही थी उसकी ना कोई रसीद थी ना उसका कोई देखरेख वाला था ? ऐसे में सवाल है कि इसमें घोटाले की बू आती थी ? पर इन आशंकाओं को बल तब मिला जब एक पॉपुलर दैनिक अखबार में यह खबर छापी की 50 करोड़ के प्याज घोटाले में मध्यप्रदेश के 6 कलेक्टर हटाए जा सकते हैं ?और जिसमें दमोह कलेक्टर का नाम भी शामिल है पिछले दिनों से ही उड़ती उड़ती खबर यह भी आ रही थी कि अब दमोह कलेक्टर का कार्यकाल अंतिम चरण में है ? और इनके हटाने का फरमान कभी भी आ सकता है क्योंकि इनके द्वारा किए गए

कार्य जग जाहिर होने लगे थे ? और जिस की खबरें पान की गुमटी और छोटी मोटी जगहों पर होने लगी थी ? इससे यह माना जा रहा है कि दमोह कलेक्टर के ऊपर की छत्रछाया कभी भी हट सकती है ? और कुछ सूत्रों का यह भी मानना है कि आने वाला वर्ष चुनावी वर्ष है जिसके तहत यह फेरबदल होना भी अनिवार्य हो गया था ? और इस खबर को बल तब मिला जब एक लीडिंग दैनिक अखबार की लिंक में यह खबर जागरूक नागरिकों ने पढ़ी  आई कि प्याज घोटाले में मध्यप्रदेश के 6 कलेक्टर हटाए जा सकते हैं ? जिसमें हाई पावर जांच कमेटी ने शहडोल छतरपुर नरसिंहपुर जिला दमोह और विदिशा के तत्कालीन कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है, उड़ती उड़ती खबर आई है कि रिपोर्ट में किसी भी कलेक्टर का नाम नहीं लिखा है वही धार विदिशा भोपाल देवास नगर रीवा जबलपुर छतरपुर शहडोल गुना नरसिंहपुर और दमोह में गंभीर अनियमितता सामने आए उड़ती उड़ती खबर आई है कि इसका सत्यापन नहीं है ?

अब देखना होगा कि प्याज खरीदी और बेचने के मामले में प्रदेश के छह कलेक्टरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है उस पर हाई पावर जांच कमेटी के बाद क्या निर्णय आता है इसका सभी को इंतजार रहेगा ?

 

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