जो योजनाएं किसी कारण से बंद हैं उनका फिजीकल वैरीफिकेशन करा लें- सांसद पटैल

दमोह :
जिला सर्तकता एवं निगरानी मूल्यांकन समिति की बैठक सांसद दमोह प्रहलाद पटैल की अध्यक्षता में mp कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, रोजगार गारण्टी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मध्यान्ह भोजन, आईडब्लूएमपी, इंदिरा आवास योजना, एनआरएलएम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सिंचाई, नगर पालिका, वन, म.प्र.ग्रामीण सड़क सहित लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल, विधायक हटा उमादेवी खटीक, विधायक जबेरा प्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत डॉ. जगदीश जटिया, अपर कलेक्टर अनिल शुक्ला खासतौर पर मौजूद थे।

बैठक के दौरान सांसद प्रहलाद पटैल ने कहा समस्या से आदमी रू-ब-रू हैं जो जल आवर्धन योजनाएं बंद हैं, चालू नहीं हो सकती ऐसे हैण्ड पम्पों की कैपिंग की जाये, या फिर बंद कर दें ताकि किसी प्रकार की कोई घटना ना हो। हैण्ड पम्प जहां पानी का स्त्रोत हैं वहीं खोदे जायें। उन्होंने पीएचई विभाग की समीक्षा करते हुये कहा जिले में नलजल योजना के तहत जो योजनाएं किसी कारण से बंद हैं उनका फिजीकल वैरीफिकेशन करा लें।

जबेरा में पानी की सप्लाई के स्त्रोत खत्म हो रहे हैं वैकल्पिक व्यवस्था बनायें, व्यवस्था बन जाने से पानी के संकट से बच पायेंगे। पटेरा एवं बटियागढ़ ब्लाक में सबसे ज्यादा योजनाएं बंद हैं इसमें जिम्मेदारी तय की जाये। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया नहरों का काम पूरा कराया गया है, गूजरी तालाब से सिंचाई कराई है, पानी दे रहे हैं, नहर ठीक हो गई है। सांसद श्री पटैल ने कहा हम सबको पता है सूखे के कारण पानी की समस्या है, पुराने ढांचों को सुरक्षित करें, छोटे बड़े सोर्स हैं, नहरों की सफाई, तालाबों का गहरीकरण हो सकता है। सोर्स ऐसे देखें जो बड़े स्तर के हों।

पहली प्रदेश-व्यापी गिद्ध गणना 23 जनवरी को

भोपाल :विलुप्ति की कगार पर पहुँच चुके प्रकृति के सफाईकर्मी गिद्ध को बचाने के लिये राज्य शासन द्वारा वर्ष 2016 में दो चरण में राज्य-व्यापी गणना करवायी जायेगी। प्रथम चरण गणना 23 जनवरी और द्वितीय चरण गणना मई, 2016 को होगी। संकलित जानकारी एवं गणना के आँकड़ों के आधार पर भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल प्रादेशिक गिद्ध एटलस तैयार करेगा। एटलस के आधार पर गिद्ध और गिद्ध आवास स्थलों के संरक्षण की रणनीति तैयार की जायेगी।

प्रदेश में पहली बार राज्य-व्यापी गिद्ध गणना करवायी जा रही है। अब तक किये गये सर्वेक्षणों में 30 जिले के 592 स्थान पर गिद्धों के आवास पाये गये हैं। सर्वाधिक 80 गिद्ध आवास श्योपुर जिले में, 68 छिन्दवाड़ा और 59 श्योपुर जिले में चिन्हांकित किये गये हैं। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, छिन्दवाड़ा, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, डिण्डोरी, जबलपुर, मण्डला, रीवा, सतना, सीधी, दमोह, सागर, उमरिया, शहडोल, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, सिवनी, नरसिंहपुर, मंदसौर, नीमच एवं होशंगाबाद जिले में भी गिद्ध आवास मिले हैं।

भारतीय वन प्रबंधन संस्थान द्वारा भोपाल, इंदौर, सिवनी, जबलपुर, छतरपुर एवं शिवपुरी में गिद्ध गणना प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जा चुका है। इसके अलावा 1 से 15 जनवरी 2016 तक वन वृत्त स्तरीय कार्यशालाएँ होंगी।

व्यक्ति-संस्थाएँ भी भाग ले सकते हैं गणना में

गिद्ध गणना में व्यक्ति एवं संस्थाएँ भी भाग ले सकते हैं। इसके लिए वे संबंधित वन मंडलाधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए श्री शाहबाज अहमद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) एवं नोडल अधिकारी, राज्य स्तरीय गिद्ध गणना से मोबाइल नम्बर 9424790022, डॉ. के.के. झा, प्रोफेसर भारतीय वन प्रबंध संस्थान से मो. 9425609902 और पर्यटन प्रबंधक श्री ज्ञान प्रकाश शुक्ला से 9827625091 पर संपर्क किया जा सकता है।valcher

ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार के ऑनलाइन आवेदन अब 18 जनवरी तक

भोपाल :राज्य शासन द्वारा ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और अभिनव पहल के लिये वर्ष 2014-15 के ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार दिये जायेंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 18 जनवरी 2016 कर दी गई है। पूर्व में यह तिथि 31 दिसम्बर 2015 निर्धारित थी।

ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार 2014-15 के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत मेप-आई.टी. द्वारा सभी विभाग, जिला, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और निजी क्षेत्र में 10 अलग-अलग श्रेणी में ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं।

विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी सचिव श्री मनीष रस्तोगी ने सभी शासकीय विभाग, कार्यालय, सभी कमिश्नर एवं कलेक्टर को पत्र भेजकर पुरस्कारों के ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिये प्रेरित करने की अपेक्षा की है। पुरस्कार विभिन्न श्रेणी एवं पुरस्कार राशि तथा प्रक्रिया संबंधी और अधिक जानकारी के लिए मेप -आई.टी. में विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री विनय पाण्डेय से टेलीफोन नम्बर 2518702,2518713 एवं 2518716 पर सम्पर्क किया जा सकता है। पुरस्कार के संबंध में अधिक जानकारी एवं विवरण मेप-आई.टी. की वेबसाइट www.mapit.gov.in/itawards पर उपलब्ध है।

अपात्र व्यक्तियों के नाम गरीबी रेखा सूची से हटाये-कमिश्नर के निर्देश

commisnorदमोह :

संभाग कमिश्नर आर.के.माथुर ने दमोह में सम्पन्न विभागीय अधिकारियों की बैठक में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की।

स्थानीय कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न जिला अधिकारियों की बैठक में कमिश्नर आर.के.माथुर ने विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके विभाग अंतर्गत जो निर्माण कार्य पूरे हो गये हैं, उन्हें जब तक पूर्ण नहीं माना जा सकेगा, जब तक उनकी सी.सी.जारी ना हो जाये। कमिश्नर ने बैठक में मौजूद सभी एसडीएम को ताकीद किया कि वे अपने अनुविभाग क्षेत्र में अपात्र व्यक्तियों के नाम गरीबी रेखा सूची से हटाये जाने की प्रक्रिया सतत रूप से जारी रखें। अभी तक उन्होंने यदि रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता अथवा सचिव आदि पद पर कार्यरत व्यक्तियों के नाम काटे हैं तो स्वप्रेरणा से अपने स्तर से धनाढ¬ लोगों की पहचान करें और उनके नाम बी.पी.एल. सूची से हटाये जाने की कार्यवाही करें।

कमिश्नर ने बैठक में उपस्थित लीड बैंक अधिकारी को निर्देशित किया कि वे सभी बैंकर्स को इस आशय के निर्देश प्रसारित करें, कि शासकीय योजनाओं के अंतर्गत जो लोन अथवा स्वरोजगार प्रकरण बैकों को विभागों द्वारा प्रेषित किये जाते हैं उन पर आवश्यक आपत्तियां दर्शाकर प्रकरण 15 दिवस में वापस भेजे जायें। इसके अतिरिक्त स्वीकृत प्रकरणों का वितरण भी 15 दिवस में सुनिश्चित कराया जाये। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक प्रकरणों को बैंकों में रोककर वर्ष की अंतिम तिमाही में विभागों को ना लौटाये। कमिश्नर ने विभागीय अधिकारियों द्वारा बताई गई समस्या के आधार पर बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक जनवरी के प्रथम सप्ताह में बुलाने हेतु कलेक्टर को निर्देशित किया और इस बैठक में स्वयं उपस्थित रहने के प्रति आश्वस्त किया।

उप स्वास्थ्य केन्द्र नोहटा के एम.पी.डब्ल्यू राय निलंबित

दमोह : coll

फर्जी दस्तखत कराना, आपसी मतभेद फैलाना, र्दुभावना स्वरूप साजिश रचने के संबंध में नोहटा के ग्रामीणों द्वारा शिकायती आवेदन प्रस्तुत करने पर जाँच उपरांत अपने कार्य के प्रति संनिष्ठ एवं कत्र्तव्य परायण नहीं होने के आरोप में कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जबेरा अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र नोहटा के एम.पी.डब्ल्यू पुरूषोत्तम राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन काल में इनका मुख्यालय प्रा.स्वा.केन्द्र मड़ियादो, सामु.स्वा.केन्द्र हटा निर्धारित किया गया है। इन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

विदित हो नोहटा के ग्रामीणजनों द्वारा एम.पी.डब्ल्यू श्री राय के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायतों की जाँच करने के निर्देश दिये गये थे।

बगैर जानकारी के आप बैठक में आये हैं, इससे अच्छा तो आपको नहीं आना था

उज्जैन |बगैर जानकारी के आप बैठक में आये हैं, इससे अच्छा तो आपको नहीं आना था। आप लोगों ने बैठक को मजाक बना लिया है। यह उचित नहीं है। यह सख्त हिदायत ujjainडीएलसीसी की बैठक में कलेक्टर कवीन्द्र कियावत ने बैंकों के समन्वय अधिकारियों को दी। बैठक में उन्होंने कम सीडी अनुपात वाले बैंकर्स पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। श्री कियावत ने कहा कि 28 सितम्बर 2015 को आयोजित डीएलसीसी की पूर्व बैठक में ही मैंने आप लोगों को स्पष्ट किया था कि, यदि आप शासकीय योजनाओं के लक्ष्यों के अनुरूप ही ऋण वितरण सुनिश्चित करते हैं तो आपका सीडी अनुपात सुधर सकता है, लेकिन 90 दिन बीत जाने के बाद भी आपने कार्यवाही नहीं की।
कलेक्टर श्री कियावत ने बैंकर्स के इस रूख पर आरबीआई से आये प्रतिनिधि से भी सम्बन्धित बैंकों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आप महज अब नाखून दिखायें नहीं, उसका उपयोग भी करें। क्योंकि यदि एक बैठक में दिये गये निर्देशों का पालन नहीं होता है तो अगली बैठकों की जरूरत क्या है। इन सब स्थितियों में अन्तत: आम हितग्राही परेशान होता है और बैंक की उदासीनता के कारण उसे शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।

शिक्षकों की सेवा समाप्त कर आरोप पत्र जारी करें- कलेक्टर डॉ.शर्मा

दमोह : meeting

बालिका छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों में पलंग व्यवस्था सुनिश्चित कराये। पलंगों की कमी नहीं रहनी चाहिये। लंबित जाति प्रमाण पत्रों का निराकरण 31 दिसम्बर तक करना सुनिश्चित करें। इस आशय के निर्देश आज कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने साप्ताहिक समय सीमा बैठक में दिये। बैठक में सीईओ जिला पंचायत डॉ. जगदीश जटिया खासतौर पर मौजूद थे। जिला पंचायत कार्यालय को उत्कृष्ट प्रबंधन के लिये आईएसओ 9001:2008 सर्टिफिकेट मिलने पर कलेक्टर ने प्रमाण पत्र भेंट करते हुये सीईओ जिला पंचायत डॉ. जगदीश जटिया को बधाई दी।

कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने शिक्षा अधिकारी से कहा भुगतान क्यों नहीं हो रहा है क्या समस्या है स्पष्ट बतायें। बजट की कोई समस्या है तो मुझे बताएं। उन्होंने कार्यालय में शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त करने की बात कही। उन्होंने कहा धनेटा मॉल में आकस्मिक भ्रमण के दौरान दो शिक्षकों के अवकाश का आवेदन में डेट डाली गई थी और पंजी में अवकाश इंद्राज भी नहीं था। कलेक्टर ने दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई के निर्देश दिये।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ ने बताया अस्पताल में लाईट नहीं रहने पर जनरेटर का उपयोग किया जाता है। सभी जनरेटर व्यवस्थित हैं। टायलेट पर्याप्त हैं इसके अलावा सुलभ शौचालय भी परिसर में बना हुआ है। कलेक्टर ने नगर की नालियों, अस्थायी दुकानों की व्यवस्था, बस स्टैण्ड से अतिक्रमण हटाने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कच्चे शौचालय जहां भी हों उन्हें तोड़े। उन्होंने एवरेस्ट लॉज के समीप अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिये।

उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये कि नगर पंचायत पथरिया को 2 लाख रूपये और दमोह जनपद को 25 हजार रूपये की राशि उपलब्ध करायें। कलेक्टर ने वन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा पट्टा वितरण, सुअर द्वारा फसल नुकसानी के मामले देख लें प्रकरण पर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

कलेक्टर पहुंचे जिला चिकित्सालय, स्वास्थ्य संबधी ली जानकारी

hosदमोह :< जिले के पटेरा तहसील अंतर्गत ग्राम नीमखेड़ा में 25 दिसम्बर की शाम 7 बजे एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा भजिया खाने से 5 लोगों की मृत्यु हो गई तथा 4 महिलाएं इलाज के लिये भर्ती हैं। चिकित्सालय में कुर्मी पटैल परिवार की गीता पति लटोरी उम्र 35 वर्ष, चंदाबाई पति मकुंदी 40 वर्ष, माया पति हरिदास 42 वर्ष तथा बड़ी बहु पति मोहन 70 वर्ष भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है। अब स्थिति सामान्य है। आज सुबह कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा इन परिवार के सदस्यों से मिलने जिला चिकित्सालय पहुंचे और उन्होंने परिजनों से स्थास्थ्य संबंधी जानकारी ली। परिवार की महिला गीता ने कलेक्टर को बताया साहब मेरा पूरा परिवार उजड़ गया है, कल रात की घटना है मैने भजिया घर में बनाये थे और अपने पति लटोरी सहित परिवार के सदस्यों को खाने दिये। इसके बाद ही सबकी तबियत खराब हुई है। पूंछने पर बताया घर के चना में पाउडर मिलाकर रखा था। चना को दो बार धोंये के बाद पिसाये थे। गीता ने बताया इलाज ठीक चल रहा है, दवाईयां मिल रही हैं, कोई परेशानी नहीं है। गीता ने बताया पटेरा अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं मिलने पर दमोह अस्पताल में भर्ती हुये हैं। कलेक्टर ने एसडीएम हटा नंदलाल सामरथ को जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सीएमएच डॉ. ए.के.बड़ौनिया से कहा है पटेरा अस्पताल में घटना के समय कोई डाक्टर नहीं था इसकी जॉच कर तत्काल बतायें। उन्होंने कहा शासन की योजनाओं के तहत जो सुविधाएं प्राप्त होती हैं वह इनको उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद दुबे, एसडीएम राकेश कुशरे भी मौजूद थे। घटना में इनकी हुई मृत्यु मृतकों में लटोरी पिता मोहन पटैल 45 वर्ष, दीक्षा पिता लटोरी 12 वर्ष, काजल पिता लटोरी 8 वर्ष, हल्लीबाई पिता लटोरी 6 वर्ष तथा पुष्पेन्द्र पिता लटोरी 4 वर्ष शामिल हैं।

भजिया खाने से गई एक ही परिवार की ५ लोगो की मौत

bhajiyaदमोह जिले के पटेरा जनपद के नीमखेडा गाव में जहरीला खाना खाने से एक ही परिवार की ५ लोगो की मौत हो गई जिनमे पिता सहित ३ बच्ची व् १ बच्चा सहित कुल ५ लोगो की मौत हुई है व् २ की हालत घम्भीर बनी हुई है नीमखेडा गाव के लटोरी पटेल के यहाँ परिवार में विषाक्त बेसन के भजिये बनने से घटना को होना बताया गया है
रात को भजिया खाने के बाद से ही सभी की तबियत बिगड़ने लगी थी जिनको नजदीकी अस्पताल ले जाया गया परन्तु ५ लोगो ने ही दम तोड़ दिया , विषाक्त बेसन के भजिये बनने से ही घटना को अभी जोड़ा जा रहा है, इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई है वही पुलिस जाँच करने में जुट गई है व् शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

सिचाई के लिय नल कूप कराया निकल निकल रहीं आग की लपटे

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विदिशा/ग्यारसपुर। ग्राम मानौरा में पाँच दिन पहले शुक्रवार को कराए गए बोर के गड्ढे में से शनिवार को अचानक आग निकलना शुरू हो गई। आग निकलने की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को लगी तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा होने लगी। प्रशासन और इंडियन आयल की टीम मौके पर पहुंची और ट्यूबवेल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार बोर से निकलने वाली गैस मीथेन हो सकती है।
मानौरा के किसान राजेश साहू ने एक दिन पहले शुक्रवार को अपने खेत में बोर कराया था। इसमें140 फीट गहराई पर पानी निकल आया था, लेकिन पानी कम होने पर उन्होंने बोर की गहराई 425 फीट करा दी। जब इस बोर में लोहे की केसिंग डाली जा रही थी तब बेल्डिंग के दौरान चिंगारियों ने आग पकड़ ली। बोरिंग मशीन चला रहे कमर्चारियों ने साहू से कहा कि इस बोर में कुछ गड़बड़ है। इसलिए लोहे के बजाय प्लास्टिक की केसिंग डाली जाए। जब प्लास्टिक की केसिंग डाली गई तो वह भी गैस रिसाव के कारण ठीक से नहीं डल पा रही थी। बोरिंग में गड़बड़ स्थिति को देखकर मशीन आपरेटर मशीन सहित वहां से चले गए। गांव के ही एक व्यक्ति ने बोरिंग के पास माचिस जलाई तो आग भभक उठी। ग्रामीणों ने जैसे तैसे करके बोरिंग के ऊपर एक तगाड़ी ढकी और गीली मिट्टी से उसे ढक दिया।
घास डालते ही उठती हैं लपटें
शनिवार को इसकी जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में लोग खेत में बने ट्यूबवेल को देखने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्यूबवेल के मुंह के सामने घास या कचरा डालने पर आग की लपटें निकलना शुरू हो जाती हैं। लोगों का कहना था कि इस ट्यूबवेल से निकलने वाली आग काफी तीव्र होती है, जिसका प्रभाव काफी दूर तक महसूस किया जा रहा है।
इंडियन आयल टीम ने लिया जायजा
तहसीलदार बृजेश सक्सेना ने बताया कि बोरिंग से आग निकलने की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर गई। माइनिंग इंस्पेक्टर मौके पर पहुंची और इंडियन आयल की टीम को मौके पर बुलाया गया। तहसीलदार सक्सेना के अनुसार प्रारंभिक जांच में बोर से मीथेन गैस के रिसाव की पुष्टि हुई है। इसकी उपलब्धता का पता लगाने के लिए रविवार को बीना रिफायनरी की टीम को भी बुलाया जा रहा है(महराज सिंह )