आखिर क्यों आजीविका मिशन दमोह बना रहा डाक्टर्स के लिए सुरक्षा कवच स्व सहायता समूहों की महिलाएं बना रहीं मास्क, सेनेटाइजर, पी पी ई किट और कोरोना सेफ्टी सूट

दमोह : कोराना वायरस से बचाव के लिए सम्पूर्ण देश मे अपने-अपने स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। विभिन्न प्रकार की शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाएं सहायक सामग्रियों की आपूर्ति हेतु दिन रात मेहनत कर रहीं हैं तथा अस्पताल प्रबंधन को सुरक्षा उपकरण और संदर्भ सामग्री की आपूर्ति और फील्ड वर्कर्स को वांछित सुरक्षा सामग्री की कमी से दो चार होना पड़ रहा है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए दमोह जिले मे जिला प्रशासन ने समस्त आवश्यक प्रबंधन में सारी शक्ति झोंक दी है और प्रयासों की इसी कड़ी में शामिल है, आजीविका मिशन के माध्यम से वायरस के रोकथाम हेतु आवश्यक सहायक सामग्री जैसे काटन बेस्ड वाशेबिल थ्री प्लाई मास्क, सेनेटाइजर, पी पी ई किट और कोरोना वायरस सेफ्टी सूट, फील्ड वर्कस हेतु सेफ्टी गाउन जैसी सहायक सामग्रियों का निर्माण और आपूर्ति। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर तरुण राठी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश मिश्रा के प्रयासों से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती तुलसा ठाकुर और सिविल सर्जन श्रीमती ममता तिमोरी के तकनीकी निर्देशन तथा जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम के प्रबंधन मे आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह उक्त सामग्रियां तैयार कर रहे हैं।

       थ्री प्लाई सर्जिकल मास्क: जिले में कुल 16 केन्द्रों में 72 स्वसहायता समूहों की 156 सदस्याएं निरंतर सर्जिकल मास्क बनाने का कार्य कर रहीं हैं। काटन बेस्ड फेब्रिक पर तैयार किए जाने वाले वाशेबिल मास्क की लागत लगभग छः रु. आती है और 10 रु. में जन सामान्य एवं विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 90 हजार से अधिक मास्क स्वसहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार कर विक्रय किए गए हैं जिसके माध्यम से लगभग 90 हजार लोगों को सीधे ही सस्ते एवं सुलभ मास्क प्राप्त हो सके एवं 156 दीदियों को दस बारह दिनों मे 3 से 4 हजार रु. की आय घर बैठे हो चुकी है।

       सेनेटाइजर: जिले के दमोह विकासखण्ड में चार स्वसहायता समूहों की 22 सदस्याएं सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र मे सेनेटाइजर निर्माण का कार्य कर रहीं हैं। सेनेटाइजर निर्माण हेतु वल्र्ड हैल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा सुझाए गए फार्मूले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तकनीकी मार्गदर्शन दे रहीं है। सेनेटाइजर निर्माण हेतु प्रमुख अवयव एथिल एल्कोहल (स्प्रिट) जिला प्रशासन के सहयोग से आबकारी विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया एवं अन्य समस्त रसायन जैसे हाइड्रोजन पैराक्साइड, ग्लिसरोल, रोज वाटर आदि स्थानीय मेडिकल स्टोर्स से प्राप्त की गईं।

       स्वसहायता समूहों द्वारा अब तक 3000 लीटर अर्थात लगभग 45 हजार शीशियां तैयार करके जिला चिकित्सालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायतों एवं मिशन अस्पताल सहित जन औषधि केन्द्र के माध्यम से जन सामान्य को उपलब्ध कराई गईं हैं। एक लीटर सेनेटाइजर तैयार करने मे 200 रु. की लागत आती है और समूह द्वारा 05 लीटर पैकिंग 280 रु. प्रति लीटर एवं विभिन्न साइज की पैकिंग में 350 रु. प्रति लीटर की दर से विक्रय किया जाता है इस प्रकार स्वसहायता समूहों द्वारा तीन लाख से अधिक राशि अर्जित की गई है और जन सामान्य को सस्ते एवं गुणवत्ता युक्त सेनेटाइजर सुलभ कराए गए हैं।

       पी पी ई किट: आजीविका मिशन के जिला स्तरीय सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र मे स्थापित की गई कार्यशाला में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमैण्ट्स (पी पी ई ) किट तैयार की जा रहीं हैं। मिशन द्वारा तैयार किट में शामिल हैं सर्जन किट जो कि 90 जी एस एम के नान वावेन फेब्रिक पर तैयार की जा रही है। किट में शामिल है लांग गाउन, हैड हुड, शूज कवर, सिंगल पेयर पैंकिंग ग्लब्ज, सर्जिकल मास्क और जीरो पावर का चश्मा। मिशन द्वारा उक्त किट मात्र तीन सौ रु. में तैयार की गई और चिकित्सकीय अमले को उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिशन के पास मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दमोह से 400 नग जिला चिकित्सालय से 300 नग, जिला चिकित्सालय भोपाल से 300 नग आर्मी होस्पीटल सागर से 300 नग सहित मिशन हास्पीटल एवं अन्य प्रायवेट हास्पीटल से 500 नग पी पी किट के क्रय आदेश दिए गए हैं। एक पी ई किट तैयार करने मे लगभग 280 रु. की लागत आती है जिसे 300 रु. की दर पर चिकित्सालयों एवं डाक्टर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है।

       कोरोना प्रोटेक्शन थ्री लेयर सूट: सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डाॅ ममता तिमोरी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. दिवाकर पटेल के निर्देशन मे मिशन द्वारा कोरोना वायरस से सुरक्षा हेतु थ्री लेयर का फुल बाडी कवर सूट तैयार किया गया है। उक्त सिंगल पीस सूट में अन्दर और बाहर की परत में 90 जी एस एम नान वावेन फेब्रिक का उपयोग किया गया है और दोनो परत के बीच मे एक परत प्लास्टिक की डाली गई है और चेहरे को कवर करने हेतु प्लास्टिक के पारदर्शी शीट से फेस कवर शील्ड बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि उक्त तीन परत सुरक्षा वाले सूट जिसमें बीच में प्लास्टिक शीट डाली गई है, के माध्यम से वायरस संक्रमण की संभावना न्यूनतम हो जाती है। विभिन्न चिकित्सालयों द्वारा कोरोना प्रोटेक्शन थ्री लेयर सूट की 2000 से अधिक की मांग आ चुकी है जिसमें से 400 की पूर्ति की जा चुकी है। एक सूट को तैयार करने मे लगभग 650 रु. की लागत आती है जिसे 700 रु. में डाक्टर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है।

       लाँग गाउन- मिशन की महिलाओं द्वारा काटन बेस्ट वाशेबिल फेब्रिक पर लाँग गाउन तैयार किए गए हैं जिसके साथ हेड कवर भी है। उक्त गाउन फील्ड वर्कर्स के लिए उपयोग में आ रहे हैं। इन गाउन्स का फायदा यह  है कि इनसे पूरा शरीर ढंक जाता है और अंदर के कपड़ों तक संक्रमण नही पहुंचता है कर्मचारी शाम को घर पहंुचने पर बाहर ही उक्त गाउन उतार कर घो सकता है जिससे संक्रमण की संभावना को कम किया जा सकता है।

       अन्य जिलों को भी आपूर्ति: आजीविका मिशन द्वारा न केवल दमोह जिले के विभिन्न विभागों को सहायक सामग्रियों की आपूर्ति की गई बल्कि अन्य जिलों को भी सहयोग किया गया है। भोपाल जिले में 300 पी पी ई किट, सागर जिले मे आर्मी हास्पिटल मे 300 किट सतना जिले में 500 किट नरसिंहपुर जिले में यूनियन बैक आफ इण्डिया के लिए 50 लीटर सेनेटाइजर एवं 300 नग मास्क आदि की आपूर्ति की गई है।

       कोरोना की महामारी से निपटने में मुख्य आवश्यकता मास्क और सेनेटाइजर्स की आपूर्ति की थी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. गिरीश मिश्रा के मार्गदर्शन मे आजीविका मिशन को उक्त आपूर्ति हेतु समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई। आजीविका मिशन के प्रयासों से जिले में मास्क और सेनेटाइजर्स की आपूर्ति निरंतर बनी रही जिससे विभिन्न विभागों को आसानी से उपलब्धता हो सकी एवं जन सामान्य को सस्ते मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध होने से काला बाजारी पर रोक लग सकी। मिशन के स्टाफ ने आगे बढ़कर पी पी ई किट जैसी सामग्रियों का भी निर्माण किया जो कि न केवल जिले के अस्पतालों की कमी को पूरा कर पाया बल्कि समूह की महिलाओं की आजीविका में भी सहायक सिद्ध हुआ।

       डा. गिरीश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी- जिला पंचायत: जिला प्रशासन कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए प्रमुख आवश्यक सामग्रियों जैसे सेनेटाइजर्स और मास्क की आपूर्ति को लेकर चिंतित था लेकिन मेरे साथ आजीविका मिशन की टीम ने स्वसहायता समूहों की 200 से अधिक महिलाओं के सहयोग से उक्त आपूर्ति को बनाए रखा और जिले ने कमी की समस्या से निजात पाई। बरिष्ठ डाक्टर्स के मार्गदर्शन में मिशन की महिलाओं ने कोराना सेफ्टी सूट जैसी किट तैयार कर मिशाल कायम की और लाक डाउन की विषम परिस्थिति में मिशन के स्टाफ और स्वसहायता समूहों की सदस्याओं ने बेहतर प्रयास किए जिसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं । 

       डा. तुलसा ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी: जिले मे चिकित्सा अमला विभिन्न सामग्रियों की कमी से परेशान था हमारे फील्ड वर्कर्स को ड्यूटी के दौरान संक्रमण से बचाने की चिंताएं भी थी। जिला प्रशासन के सम्मुख जब हमने उक्त चिंताएं व्यक्त कीं तो प्रशासन द्वारा आजीविका मिशन के सहयोग से पी पी ई किट, कोरोना सेफ्टी सूट और लोंग गाउन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है निश्चित रुप से उक्त प्रयासों से हमें चिकित्सकीय कार्य में सहयोग मिल पा रहा है।

       डा. ममता तिमोरी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक: हमारा चिकित्सालय कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु काफी चिंतित है और चिकित्सक किसी बेहतर सुरक्षा उपकरण की तलाश में थे, वरिष्ठ चिकित्सक श्री दिवाकर पटेल ने आजीविका मिशन के डी पी एम श्री श्याम गौतम को कोरोना सेफ्टी सूट के बारे मे चर्चा की और उनके समूहों के सहयोग से थ्री लेयर फुल बाडी कवर सूट तैयार किया गया जो कि संक्रमण से बचाव मे काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकता है।

       ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के 01 अप्रेल के ट्विटर वाल पर म.प्र. के स्वसहायता समूहों की दीदियो के सेनेटाइजर्स और फेस मास्क बनाने के प्रयासों की सराहना की गई। उक्त ट्वीट के साथ शेयर की गईं समस्त फोटो आजीविका मिशन दमोह की हैं। मिशन मे दिनरात आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में जुटीं दींदियां निश्चित रुप से उक्त पहचान पाने पर उत्साहित हुईं और दोगुनी क्षमता से निर्माण कार्य में जुट गईं हैं। कोरोना महामारी से संघर्ष मे म.प्र. राज्य आजीविका मिशन के स्टाफ और स्वसहायता समूह की दीदियों ने जिस लगन और परिश्रम से सहयोग किया है वह इस विषम परिस्थिति में शासन प्रशासन और जन सामान्य के लिएं संजीवनी साबित हो रहा है।

लॉक डाउन में हिंदू मुस्लिम एकता समिति कर रही है मजबूर असहाय परिवारों को लगातार सहायता

दमोह// हिंदू मुस्लिम एकता समिति नया बाजार नंबर 02 दमोह म.प्र. नोबल करोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु किये गये लॉक डाउन में गरीब मजदूर मजबूर, असहाय परिवारों हेतु लगातार एक क्विंटल के लगभग पका हुआ भोजन एवं कच्ची सब्जी का वितरण पूरे दमोह शहर की झुग्गी झोपड़ियों मे जैसे की किसन तलैया ,सितावली शमशान के पास,शोभा नगर ,चैनपुरा, बीड़ी कलोनी,न्यूदमोह ,अजमेरी हाल के पीछे कछियाना मोहल्ला,आदि  और जहा से भी हमे काल प्राप्त हुई है हम पोहचे है समिति के माध्यम से किया जा रहा है  एवं समिति के अध्यक्ष अकरम  राईन के द्वारा अपनी

 फेसबुक आई डी पर अपने मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाएं जो भी गरीब असहाय व्यक्ति है या जरूरतमंद है वह इन नंबरों के माध्यम से भी  संपर्क करके  दवाये ,दुग्ध खाद्य सामग्री ,कच्ची सब्जी प्राप्त कर सकते है,

और वही समिति के नदीमुद्दीन राईन (अधिवक्ता )के द्वारा बताया गया एक ओर सब्जी वितरण का कार्य पके हुए भोजन का वितरण की जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर समिति के अध्यक्ष अकरम राईन एवं टीम के द्वारा सरकारी अस्पताल में जरूरतमंद

को रक्तदान भी  किया जा रहा है समिति के सदस्य विपरीत परिस्थितियो में भी  शहरवासियों की हर संभव मदद करने के लिए संकल्पित हैं और समिति समस्त दानदाताओं का भी दिल की गहराइयों से धन्यवाद करती है और आगे भी सभी दानदाताओ से सहयोग की अभिलाषी है…

भ्रामक समाचार व अफवाहों पर ध्यान ना दें कई विज्ञापन भी लुभावने आ रहे हैं इस दौर में

दमोह जहां देश कोरोनावायरस को भगाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है वहीं इसी दौर में कई प्रकार की खबरें भ्रामक और अफवाह भरी भी सामने आ रही हैं जिन पर सहज रुप से विश्वास किया जा रहा है शासन और प्रशासन ने ऐसी खबरों की पुख्ता जानकारी ली है और उनके फैक्ट चेक किए जा रहे हैं जिसमें कई खबरें पूर्णता झूठी पाई गई हैं परंतु इन छोटी खबरों के आधार पर कई लोग बेवकूफ बनाए जा सकते हैं और वन भी रहे हैं इसलिए शासन प्रशासन का मानना है ऐसी खबरों की पुष्टि कर ले और भ्रामक और अफवाह वाली खबरों पर ध्यान ना दें और यदि खबर की पुष्टि के लिए कोई परेशानी हो रही हो तो वह अधिकृत शासकीय अधिकारियों से संपर्क करें और खबर की जानकारी ले सकते हैं अब आप देख सकते हैं कि एक खबर जो पूर्णता भ्रामक और अफवाह भरी है जो वायरल हो रही है

विधायक पथरिया द्वारा जरूरत की सामग्री क्रय करने के लिए 1 लाख रुपए राशि सौंपी

दमोह//विधायक पथरिया द्वारा संपूर्ण भारतवर्ष में माननीय प्रधानमंत्री के आदेश पर covid 19 कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु किए गए लाक डाउन में विधानसभा पथरिया की आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलेक्टर महोदय से मिली एवं जरूरत की सामग्री क्रय करने के लिए 1 लाख रुपए राशि सौंपी ।
भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब की जयति की समस्त नागरिकों की शुभकमनाएं दी।


Covid19 कोरोना वायरस की रोकथाम के इस कार्य में संलग्न चिकित्सा स्टाफ, पुलिस स्टाफ, सफाई कर्मचरियों एवं शासन के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं आम जनता से समस्त निर्देशों का पालन करने की अपील की इसके साथ साथ विधानसभा में जो लोग अन्य जिलों या अन्य प्रदेशों से वापस आ रहे हैं उन्हें शासन द्वारा निर्धारित 14 दिन का क्वारांटाइन अनिवार्यतः कराए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया एवं समस्त स्थानीय जनों से भी इसका पालन सुनिश्चित कराने की विनम्र अपील की ।

विदेश से लौटे 54 दमोह निवासियों का होम कोरोन्टाईन पूर्ण

दमोह :
नोवल कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार उपाय किये जा रहे है। इसी कड़ी में कलेक्टर तरूण राठी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिदिन की हेल्थ रिपोर्ट आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिये गये थे। इसी तारतम्य में आज की हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार टेली मेडिसिन से आज 243 व्यक्तियों की कांउसलिंग की गई। जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार वाले 85 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अन्य शासकीय अस्पताल में भी 11 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तुलसा ठाकुर ने बताया आज अभी तक कोविड टेस्ट के लिये 11 प्रकरण भेजे गये थे , जिनमें से अभी तक 10 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। । जिले में बाहर से आने वालों की संख्या 26504 है, इन सभी व्यक्तियों की जाँच की गई है। इनमें से 14136 को होम कोरोन्टाईन में रखा गया है, अभी तक होम कोरोन्टाईन के पश्चात 7163 व्यक्ति स्वस्थ्य हो चुके है। विदेश से दमोह लौटने वालों में 92 लोग शामिल है, जिनमें से 4 यात्री अभी दमोह नहीं लौटे है। विदेश से लौटे दमोह निवासियों में 54 का होम कोरोन्टाईन पूर्ण हो गया है।

जब विधायक राम बाई ने पति के साथ लगाए ठुमके,

दमोह जिले के चकेरी धाम में आयोजित किए गए चकेरी मेला महोत्सव के अंतिम दिवस आजभारी भीड़ देखी गई जिले के 150 से अधिक ग्रामों के 30 हज़ार से अधिक महिला पुरुष एवं बच्चों द्वारा मेला का आनंद लिया गया।


विधायक रामबाई गोविंद सिंह परिहार द्वारा आज मेले के अंतिम दिवस छात्रावास की बालिकाओं के साथ नृत्य की प्रस्तुति दी एवं उपस्थित संगीतकारों के साथ एक भजन भी गाया।
मेले में उपस्थित जनसमूह की मांग पर विधायक महोदय द्वारा अपने पति गोविंद सिंह परिहार के साथ

भी मनोरंजक नृत्य प्रस्तुत किया आज समापन अवसर पर मेला में सातों दिवस से

अपनी सेवाएं दे रहे पुलिस प्रशासन, विद्युत व्यवस्था, टेंट व्यवस्था, साउंड व्यवस्था

,

मेला व्यवस्था के समस्त प्रभारियों एवं मेले में उपस्थित समस्त गायक संगीतकार एवं नृत्यांगनाओं को मेले समिति की और से प्रतीक चिन्ह विधायक द्वारा दिए गए

एवं मेले में सभी के द्वारा किए गए सहयोग हेतु विधायक द्वारा जिले के समस्त नागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों, मीडया/समचारजगत के सभी साथियों एवं सहयोगीयों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापन किया गया एवं आभार व्यक्त किया ।

विधायक रामबाई सिंह परिहार दिखी नृत्य अवतार में


दमोह बुंदेलखंड का प्रसिद्ध मेला चकेरी इन दिनों चर्चा में है क्योंकि यहां पर हर दिन पथरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामबाई सिंह परिहार मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं और नए नए अंदाज में लोगों को रोमांचित करती हैं पिछले दिनों उन्होंने मिकी माउस जंपिंग पैड बा जूले का आनंद लिया वहीं दूसरे दिन उन्होंने छात्राओं के साथ लय के साथ नृत्य की प्रस्तुति की जिसे दर्शकों ने काफी सराहा

बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध मेला जो दमोह जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर नरसिंहगढ़, किशुनगंज, हिंगवानी के मध्य सुनार एवं वेवस नदी के संगम तट पर स्थित चकेरी धाम में आयोजित किए जा रहा है चकेरी मेला महोत्सव के चौथे दिवस आज भारी भीड़ देखी गई आसपास के 100 से अधिक ग्रामों के 22 हजार से अधिक महिला पुरुष एवं बच्चों ने मेले में पहुंचकर मेले का आनंद लिया आज कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्रह्माकुमारी संस्था की मार्गदर्शक दीदी रही जिनका विधायक महोदय द्वारा मंच से स्वागत किया गया।


इसके उपरांत ग्राम मडला निवासी वीरेंद्र पटेल ग्राम सकतपुर निवासी कृष्ण कुमार पटेल ग्राम अहरौरा निवासी राजा पटेल एवं उनके साथियों द्वारा विधायक महोदय द्वारा किए जा रहे इस विशेष कार्य के लिए मंच से विधायक महोदय का स्वागत एवं सम्मान किया गया।


प्रति दिवस की भांति आज भी जिले के विभिन्न कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई जिले की हरिजन आदिवासी छात्रावास में निवासरत माध्यमिक एवं हाई स्कूल की बच्चियों द्वारा जब प्रस्तुति दी गई तो विधायक भी अपने आप को रोक ना सके और सभी बच्चियों के साथ लय मिलाते हुई नृत्य करने लगी विधायक महोदय द्वारा किए गए नृत्य से उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित हुआ एवं विधायक महोदय द्वारा किए गए नृत्य को लेकर समस्त जनसमूह ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
इसके उपरांत टीकमगढ़ जिले से पधारी कला मंडली द्वारा ढिमरयाई एवं अन्य प्रस्तुतियां दी गई।

दबंग विधायक रामबाई सिंह परिहार बाल अवतार में नजर आईं मेले में

बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध मेला जो दमोह जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर नरसिंहगढ़, किशुनगंज, हिंगवानी के मध्य सुनार एवं वेवस नदी के संगम तट पर स्थित चकेरी धाम में आयोजित किए जा रहा है चकेरी मेला महोत्सव के तीसरे दिवस आज भारी भीड़ देखी गई आसपास के 70 से अधिक ग्रामों के 18 हज़ार से अधिक महिला पुरुष एवं बच्चों द्वारा मेला का आनंद लिया गया इस अवसर पर क्षेत्र की

विधायक द्वारा बच्चों की तरह मेले में शामिल होकर मेले में मिकी माउस झूला जंपिंग पैड का मजा लिया एवं मेले की गन्ना सिलबट्टा ज्वेलरी एवं चार्ट की दुकानों पर पहुंचकर जमकर खरीदारी की ।


प्रति दिवस की तरह आज भी बुंदेलखंड के विभिन्न कलाकारों द्वारा अपने नृत्य एवं लोक संगीत की रंगारंग प्रस्तुति दी गई।


मेले में सभी प्रकार की दुकाने एवं झूले लगाए गए हैं,इस चकेरी के मेले में फिल्मी गानों के डांस व राई नृत्य भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा ।


विधायक रामबाई गोविंद सिंह परिहार द्वारा संपूर्ण मेला क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया गया एवं आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने हेतु संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए इसके साथ साथ विधायक महोदय द्वारा जिले के सभी नागरिकों एवं अधिकारी-कर्मचारियों से सपरिवार मेला में शामिल होने एवं मेला का आनंद लेने की अपील की गई

सुदूर अंचलों तक उच्च शिक्षा व्यवस्था की पहल

भारत का उच्च शिक्षा तन्त्र अमेरिका और चीन के बाद विश्व का सबसे बड़ा उच्च शिक्षा तंत्र है। मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने इस तंत्र को सशक्त बनाने की पहल शुरू की है। यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश के विश्वविद्यालय, महाविद्यालय इतने सक्षम और सर्व-सुविधा सम्पन्न बनें कि हमारे छात्र-छात्राओं को यहाँ उच्च शिक्षा की सभी विश्व-स्तरीय सुविधाएँ मिलें। भारतीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने विदेश नहीं जाना पड़े बल्कि विदेशी छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हों।

प्रदेश में पहली बार वर्ष 2019 में तहसील और ग्राम स्तर तथा सुदूर आदिवासी अंचल तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान हर स्तर पर महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास के कार्यों को बढ़ावा दिया गया जिससे विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा के प्रति रुचि पैदा हो। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा को कम्युनिकेशन स्किल और रोजगार से जोड़कर विद्यार्थियों को रोजगार की समस्या से निजात दिलाने की व्यवस्था स्थापित की है।

प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को भारतीय संस्कृति की गुरुकुल परम्परानुसार सभी विषयों की उच्चतम शिक्षा का केन्द्र बनाया जा रहा है। गुरुकुल वास्तव में सावास विश्वविद्यालय (रेसीडेंशियल यूनिवर्सिटी) थे। उसी तर्ज पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अधोसंरचना विकास के कार्य कराये जा रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर प्रदेश के चुने हुए 200 महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था और अधोसंरचना विकास के लिये नवाचार शुरू किये गये हैं।

राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक प्राध्यापकों, लायब्रेरियन्स और खेल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन कर दिया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षा सत्र-2019 से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में विद्यार्थियों को पोर्टल शुल्क से पूरी छूट दी गई। इसी वर्ष पहली बार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A+ ग्रेड मिली।

राजीव ज्ञान ज्योति अभियान

प्रदेश में पहली बार महाविद्यालयीन शिक्षकों के उत्कृष्ट अकादमिक एवं शोध कार्यों की जानकारी आम नागरिकों को उपलब्ध कराने के लिये राजीव ज्ञान ज्योति अभियान चलाया गया। अभियान में शासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों के उल्लेखनीय अकादमिक एवं रिसर्च संबंधी कार्यों को विभागीय पोर्टल पर संकलित किया जा रहा है। अब तक लगभग 2200 शिक्षकों ने पोर्टल पर अपनी उपलब्धियाँ दर्ज कराई हैं।

भूमि सुरक्षा अभियान

प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की भूमि का स्वामित्व महाविद्यालय/विभाग के नाम पर खसरे में दर्ज कराने और भूमि का सीमांकन कराने के उद्देश्य से भूमि सुरक्षा अभियान शुरू किया गया। भूमि का स्वामित्व एवं सीमांकन तय हो जाने के बाद प्रत्येक महाविद्यालय के लिए उपलब्ध भूमि पर आगामी 30 वर्षों के निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान तैयार किया जायेगा, जिसे समयबद्ध तरीके से वर्षवार क्रियान्वित किया जायेगा। भूमि स्वामित्व के राजस्व अभिलेख, सीमांकन दर्शाता नजरी-नक्शा और निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध रहेगा। 

महिला महाविद्यालयों में महिला पुलिस चौकी 

प्रदेश सरकार ने सभी  कन्या महाविद्यालय में महिला पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया  है।  इसके लिये कन्या महाविद्यालय  के कामन एरिया में (जिसमें निजता भंग न हो) विशेष तौर पर प्रवेश और निर्गम द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि पिछले 2 वर्ष में संस्थाओं में अगर कोई गंभीर घटना घटित हुई है, तो घटना में शामिल लोगों पर क्या कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को जरूर दें। कन्या महाविद्यालयों और कन्या छात्रावासों में काम कर रहे सभी संविदा कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया
गया है।

केम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एमओयू

विद्यार्थियों में कम्युनिकेशन स्किल का विकास बहुत महत्वपूर्ण है। अंग्रेजी भाषा कौशल विकसित करने और रोजगार क्षमता बढ़ाने में यह मददगार है। इस कौशल विकास के लिये केम्ब्रिज विश्वविद्यालय के साथ 2 वर्ष का एमओयू किया गया। इससे विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कैंब्रिज असेसमेंट इंग्लिश ट्रेनिंग पायलट प्रोग्राम में वर्तमान में11 जिलों के करीब दो हजार छात्रों को 115 प्राध्यापकों/प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के 60 दिन के कार्यक्रम के बाद छात्रों को बी-1 लेवल का प्रमाण-पत्र कैंब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा दिया जायेगा।

उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाओं के लिए 3000 करोड़

राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को बेहतर आधुनिक सुविधाएँ देने का निर्णय लिया। ये सुविधाएँ विश्व बैंक के सहयोग से प्रदेश के चिन्हित 200 महाविद्यालयों में 3000 करोड़ की लागत से मुहैय्या कराई जा रही हैं। इसमें छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट कक्षाएँ और प्रयोगशालाओं के साथ उनकी रूचि एवं रूझान के अनुरूप स्व-रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भी शामिल है। 

महाविद्यालयीन पाठ्यक्रम में रोजगारोन्मुखी शिक्षा के साथ खेलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।  महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों में अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न परीक्षाओं में अच्छे नम्बर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालयों के कैम्पस में खाली समय में निजी प्रतियोगी कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के सहयोग से छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की तैयारी कराये जाने पर शासन विचार कर रहा है।

शिकायत निवारण समितियाँ

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम 2019 लागू कर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों की शिकायत निवारण के लिये महाविद्यालयीन छात्र शिकायत निवारण समिति, विभागीय छात्र शिकायत समिति, संस्थागत छात्र शिकायत निवारण समिति तथा विश्वविद्यालय छात्र शिकायत निवारण समिति गठित की गई है। विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायत की सुनवाई के लिए राज्य स्तर पर लोकपाल की नियुक्ति भी की जाएगी। शिक्षा अथवा अनुसंधान क्षेत्र में प्रख्यात पूर्व कुलपति ही लोकपाल पद के लिए पात्र होंगे। प्रत्येक शिक्षा संस्थान अपना ऑन-लाईन पोर्टल तैयार कर रहा है, जहाँ कोई भी पीड़ित छात्र अपनी शिकायत के समाधान के लिए आवेदन कर सकेगा।

विदेश में उच्च शिक्षा के लिये छात्रवृत्ति

राज्य शासन द्वारा हर वर्ष 20 होनहार विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें विदेश में 2 वर्ष के स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम के लिये 40 हजार डॉलर प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसमें छात्रवृत्ति के रूप में वार्षिक 38 हजार डॉलर के साथ 2 हजार डॉलर किताबों, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बाइडिंग सहित अन्य खर्चों को शामिल किया गया है। योजना शैक्षणिक सत्र 2019-20 से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फिनलैण्ड, फ्रांस, हांगकांग, आयरलैण्ड, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैण्ड, न्यूजीलैण्ड, नार्वे, रशिया, सिंगापुर, स्विटजरलैण्ड, ताईवान, यू.के. तथा अमेरिका की निर्धारित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश ले सकते हैं।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

महाविद्यालयों में ई-प्रवेश प्रक्रिया से वर्ष 2019 -20 में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में 5 लाख 35 हज़ार 589 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.68 प्रतिशत अधिक है। बी.एड. आदि पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया में 8 पाठ्यक्रमों में करीब 56 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया, जो रिक्त सीटों की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक रहा।

आखिर क्यों नाबालिग से क्रूरता करने वाले दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश,

दमोह नाबालिग से क्रूरता करने वाले दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश दमोह कोतवाली में एक नाबालिग को अर्धनग्न कर उसके साथ पुलिस आरक्षक द्वारा बेरहमी से की गई मारपीट के मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संज्ञान में लिया है उन्होंने घटना की जांच के आदेश देते हुए कहा है कि

इस तरह की हैवानियत करने वाले दोषियों को कड़ा दंड दिया जाए इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है और जांच की मांग की बात कही है यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो करीब डेढ़ माह पुराना है