spik maike damoh chepatar kee viraasat shrrnkhala me sun kar jhoom uthe shrota

स्पिक मैके दमोह चेपटर की विरासत श्रृंखला मे सुन कर झूम उठे श्रोता 

दमोह-स्पिक मैके दमोह चेपटर की विरासत श्रृंखला के अंतर्गत दमोह में दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था जिस का समापन डी पी एस जी दमोह में  किया गया कार्यक्रम का प्रारंभ वित्तय मंत्री जयंत मलैया ने दीप जला कर किया एवं पद्मश्री भारती बंधु अनुभव भारती,गोपी भारती,पुरूषोतम,पावन अानंद ने सूफ़ी गायन के साथ,

सूरज की गरमी से जलते हुए तन को मिल जाये तरवर की छाया, गाढ़ी धीरे – धीरे हाँको मेरे राम गाढ़ी वाले की प्रस्तुति दी,गायन को सुन कर श्रोता मन्तर मुगध हो गये जीवन को उत्सव की तरह जीने की बात छात्र -छात्राओं से कही कार्यक्रम के समापन पर भारती बंधुओं का सम्मान डॉ श्रीमती सुधा मलैया ने किया , कार्यक्रम में के एस वाधवा,राजीव आयाची,डॉ अलोक सोनवलकर, लक्ष्मीशंकर रघुवंशी की उपस्थित रही ।