शिक्षा के मंदिर को बना दिया बकरियों और गाय भैंसों का तबेला ग्रामीण बोले यह स्थिति 3 वर्षों से है

पथरिया ( दमोह ) प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जहां एक ओर अपने भांजे भांजियों को शिक्षित बना करने के लिए तरह-तरह की योजनाएं लागू कर रहे हैं शासकीय भवनों पर करोड़ों अरबों रुपए की राशि शासन द्वारा खर्च की जा रही है वहीं दूसरी ओर उनके ही शिक्षक और अधिकारी उनकी योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं हम बात कर रहे हैं पथरिया जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मारा की जहां पर शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक कार्यालय अतिरिक्त कक्ष और अन्य कक्षाओं में भूसा और लकड़ी कंडे भर कर रखे हुए हैं अब ये हैं किसके ये जानकारी कोई देने के लिए तैयार नहीं एवं स्कूल भवनों और अतिरिक्त कक्ष का उपयोग बकरियां और गाय बछड़े बांधने में किया जा रहा है। और ना ही किसी शिक्षक ने इस मामले में अभी तक अपने उच्चाधिकारियों को कोई लिखित शिकायत की है अब ऐसे में इसमें उनकी मर्जी ना मानी जाए तो यह क्या है यहां के शिक्षकों की मनमानी और लापरवाही के चलते यहां के विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में है कुछ ग्रामवासियों ने बताया कि यहां पर यह भूसा और बकरियां करीब तीन वर्षों से है अब हम और आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब 3 वर्षों से स्कूल की कक्षा और प्रधानाध्यापक के कक्ष में बकरियां बंध रही हैं भूसा रखा है लकड़ी और कंडे रखे हुए हैं तो यहां पर अध्यापन कार्य किस प्रकार होता होगा हम और आप अंदाजा लगा सकते हैं। कभी पथरिया के स्कूलों में अवैध शराब पकड़ी जाती है तो कभी कहीं के स्कूलों में लकड़ी कंडे और भूसा मिलते हैं कहीं बकरियां बंध रही हैं और प्रदेश के मुखिया अपने भांजे भांजियों को शिक्षित बनाने के सपने देख रहे हैं लेकिन ना तो पथरिया के अधिकारी इस संबंध में जांच कार्यवाही करना चाहते हैं और ना तो जिला शिक्षा अधिकारी कभी यहां और आस-पास के गांव में निरीक्षण के लिए आते हैं वहीं दूसरी ओर गांव के ग्राम पंचायत भवन में गांव के ही किसी व्यक्ति ने अपना डेरा जमाया हुआ है जिसमें खटिया बर्तन और भी अन्य गृहस्थी का सामान रखा हुआ देखने को मिला अब क्या कर रहे हैं पथरिया के जनपद सीईओ अवधेश सिंह ठाकुर और क्या कर रहे हैं जिला पंचायत सीईओं क्यों नहीं होती उक्त मामलों में जांच और कार्यवाही।


इस संबंध में उपयंत्री लक्ष्मण सोनी से बात की थी तो उनके द्वारा जानकारी मिली है कि प्रधानाध्यापक का कक्ष और अतिरिक्त कक्ष इन दोनों को अभी हैंडओवर नहीं किया गया है यह अभी सरपंच के अंडर में है और शायद उन्हीं के संरक्षण में यह सब होता होगा।

 

सुरेश नामदेव