फिर बरसी किसानों पर आफत की बारिश

चकल्दी- मंगलवार दोपहर बाद एक बार फिर हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि से चकल्दी सही आँचल के कई गांवों की फसलें प्रभावित हुई हैं

जिनका प्रारंभिक सर्वे का काम प्रशासन ने शुरू कर दिया है। सीहोर जिले की रेहटी तहसील के चकल्दी गाँव सहित क्षेत्र के ग्रामीण आँचल में अधिक बारिश और ओलावृष्टि होना बताया जा रहा है। फसलों के पकने का इंतजार कर रहे किसानों पर यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर नया संकट लेकर आई है। हालांकि अभी तक बहुत अधिक नुकसान की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन खेतों में आड़ी हो गई गेहूं की फसलों को आगे चलकर नुकसान होने का अनुमान किसान लगा रहे हैं।

क्योंकि किसानों का कहना है कि आड़ी हुई फसलों में कईयों के बीज सूखकर झड़ जाएंगे। हालांकि अभी देखकर ऐसा लगता है कि वो बच जाएगी, जिसकी उम्मीद कम है। मंगलवार को ओलावृष्टि ओर बारिश बन्द होने के बाद तहसीलदार राजेन्द्र जेन अपने राजस्व अमले के साथ चकल्दी सहित ग्रामीण अंचल के गाँव पहुचे ओर बारिश और ओलावृष्टी से प्रभावित किसानों के खेतों के जायजा लिया

चना और गेंहू पर ज्यादा खतरा

मंगलवार को हुई ओलावृष्टि का असर चना और गेहू की फसलों पर अधिक बताया जा रहा है। हालांकि गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है। कम बारिश के कारण पिटे हुए किसानों पर प्राकृतिक आपदा का चक्र टूट नहीं रहा है।

कुछ दिन बाद पता चलेगा नुकसान

किसानों का कहना है कि गेहूं की फसलें खेतों में आड़ी हो गई हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि कितने प्रतिशत नुसान हुआ। कुछ दिन बाद ही इसका अनुमान लगाया जा सकता है। यदि आड़ी हुई फसल खड़ी हो जाती है तो वह संभल जाएगी और यदि फसल खड़ी नहीं हुई तो फिर नुकसान बढ़ सकता है। आड़ी फसल का दाना पूरी तरह पकने से पहले ही सूख जाएगा, जिसका सीधा असर उत्पादन और गुणवत्ता पर पड़ेगा। इस स्थिति में किसान चिंता में पड़ गया है।

 

आनंद विश्वकर्म