पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का किया अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन

विधि छात्र  परिषद मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष घोड़े पर बैठकर पहुंचे ज्ञापन देने

 सागर-विधि छात्र परिषद मध्यप्रदेश के द्वारा पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध के विरोध में प्रदर्शन किया गया साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन पत्र ढाना चौकी प्रभारी और पुलिस प्रशासन को सौंपा गया।

ज्ञापन देने परिषद के प्रदेशाध्यक्ष एड दीपक पौरणिक और उनके साथी घोड़ों पर बैठकर ज्ञापन देने पहुँचे।

उन्होंने कहा पेट्रोल की कीमतें बहुत बढ़ गयी है ऐसे में साइकिल,बैलगाड़ी,घोड़ो का उपयोग ही करना पड़ेगा।

ज्ञापन पत्र में मांग की गई है कि जब कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आ रहा है और तब क्यों कीमते बढ़ रही है।

इतना टैक्स वसूल कर पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा जा रहे हैं देखा जाए तो जो अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड आयल की कीमत लगभग ₹21 प्रति लीटर पड़ती हैं ऐसे पदार्थ निकालकर आवश्यक पदार्थ निकलने के बाद पेट्रोल की कीमत और कम हो जाती है इसके साथ ही डीजल कीमत और कम हो जाती है लेकिन अलग-अलग प्रदेशों की सरकार और केंद्र सरकार से मांग लेते हुए टैक्स वसूली करते हुए इनकी मांग बढ़ाते बढ़ाते जा रहे हैं और जनता विकास के झूठे नाम पर चुपचाप बैठी हुई है ऐसी स्थिति में इंसान क्या करें आज घर से बाहर निकलना और गाड़ियों का उपयोग करना बहुत ही मुश्किल हो रहा है लोगों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्थिति है ऐसी स्थिति में विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन परिषद परिषद मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं सहित ज्ञापन सौंपने घोड़े पर बैठकर गए।  पौराणिक ने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल प्रभाव से पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी करना चाहिए और राज्य सरकार को भी करनी चाहिए और कम कर देते हैं और निश्चित को आगामी चुनाव में उन्हें भी फायदा होगा और जनता को भी आर्थिक रूप से सहायता मिलेगी ।

एड दीपक पौराणिक ने  यह भी बताया कि कुछ समय पूर्व क्रूड ऑयल की कीमत 53.83 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। रुपये में इसकी कीमत 3443 रुपये 89 पैसे होती है। बता दें कि एक बैरल में 159 लीटर होता है। इस लिहाज से एक लीटर कच्चे तेल का मू्ल्य लगभग 21 रुपये 65 पैसे होता है।इसके बाद शुरू होती है कच्चे तेल की रिफाइनिंग। इस प्रक्रिया में प्रति लीटर लगभग 9 रुपये 34 पैसे का खर्च आता है। इस तरह से  देखें तो रिफाइनिंग के बाद पेट्रोल की कीमत हो जाती है 30 रुपये के आसपास होगी,इस कीमत पर डीलर्स सरकारी तेल कंपनियों से पेट्रोल खरीदते हैं। डीलरों को पेट्रोल की बिक्री पर लगभग प्रति लीटर 3 रुपये 24 पैसे का कमीशन मिलता है। इसके बाद केन्द्र सरकार इस पर प्रति लीटर 21 रुपये 48 पैसे का उत्पाद शुल्क लगाती है। इसके बाद अब राज्य सरकार इस कीमत पर वैट लगाती है। देश के 26 राज्यों में पेट्रोल पर वैट की दर लगभग 25 प्रतिशत है। इस हिसाब से प्रति लीटर वैट की रकम लगभग 15 रुपये 04 पैसे पड़ती है। इसके बाद खुदरा बाजार में पेट्रोल की कीमतें लगभग 70 रुपये 75 पैसे प्रति लीटर हो जाती है। ज्ञात हो कि यह कीमते लगभग आंकड़े है इनकी गणना अनुमानित मूल्यों और अनुमानित कर दरों के आधार पर की गई है।

मुख्य रूप से एड दीपक पौराणिक, मोहित पाठक,नवीन तिवारी,माधो सेन,जगदीश मिश्रा, सुन्नु अहिरवार,विशाल अहिरवार शामिल रहे।

टेकराम ठाकुर सागर