इलाज के बाद घायल युवा बाघिन को बचाने में प्रबंधन की कामयाबी

सिवनी-  जिले के पेंच टाईगर रिजर्व में इलाज के बाद घायल एक युवा बाघिन को बचाने में पार्क प्रबंधन ने कामयाबी हासिल की है। युवा बाघिन के इलाज के बाद स्वस्थ्य होने से उसके दोनों शावक भी सुरक्षित होना बताए गए हैं।सिवनी पेंच टाईगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर शुभरंजन सेन ने बताया कि कर्माझिरी रेंज के कोर क्षेत्र के जूनेवानी तालाब के नजदीक 28 फरवरी को एक युवा बाघिन के घायल अवस्था में दो शावकों के साथ दिखाई देने की सूचना मिली थी।

इस दौरान भोपाल से अधिकारिक तौर पर प्रवास में पेंच आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) दिलीप कुमार व क्षेत्र संचालक शुभरंजन सेन, संयुक्त संचालक केके गुरवानी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पृथम दृष्टया नर बाघ से शावकों की रक्षा करते हुए आपसी संघर्ष में बाघिन का घायल होना पाया गया।फील्ड डायरेक्टर सेन ने बताया कि तत्काल घायल बाघिन के इलाज का फैसला अधिकारियों के निर्देष पर लिया गया। पेंच के वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक डाॅ. अखिलेश मिश्रा से घायल बाघिन का इलाज कराया गया। हाथियों से घेरकर बाघिन को बेहोष किया गया।

डाॅ. अखिलेष मिश्रा ने बताया कि युवा बाघिन के पिछले बायंे पैर मंे गहरे घाव होने के कारण बाघिन 50 मीटर भी नहीं चल पा रही थी। इलाज के बाद बाघिन के रहवास क्षेत्र के आस-पास कैमरा ट्रेप लगाया गया। साथ ही मैदानी अमले की टीम तैयार कर बाघिन व दो शावकांे को निगरानी में रखा जा रहा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान कैमरा ट्रेप से प्राप्त फोटोग्राफ में पता चला है कि इलाज से स्वस्थ्य होकर युवा बाघिन कोर एरिया में शावकों के साथ विचरण कर रही है। वर्तमान में बाघिन दोनों शावको के साथ अपने प्राकृतिक रहवास में दिखाई दे रही हैं, जिसकी पार्क प्रबंधन द्वारा सतत निगरानी की जा रही हैं

सिवनी से सोनू गुप्ता