समूहो ने मनाया भूमि मृदा संरछण दिवस

नोहटा/दमोह/ मध्य प्रदेश दीन दयाल अन्तोदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ब्लाक जबेरा व ग्यान ज्योति स्वः सहायता समूह/संस्था द्वारा आज भूमि मृदा संरछण दिवस मनाया गया ।ग्राम नोहटा मे सहयोगी सदस्य अनिलसिहं ने उपस्थति बहनो को भूमि मृदा संरछण की जानकारी दी कि वारिस के समय वर्षा होने से मिट्टी का कटाव होता है इसे हम सबको पौध रोपण कर नदी,नालो,खेतो का कटाव रोकना है मृदा संरछण से हमारे खेत की उपजाऊ मिट्टी जो वारिष मै बहजाती थी वह रूकेगी तथा पानी का भी संरछण होगा

खेतो,नदी,तालाबो,नालो मै जिससे जल स्तर भी बडेगा,गर्मियो पेय जल की समस्या हल होगी तथा परम्परागत कृषि को अधिक महत्व देने की अवश्यकता है कम वारिष मै भी अधिक पैदावार लिया जा सकता है जैसे,ज्वार , बाजरा ,कोदो ,कुटकी, मक्का, ललो सिकिया इत्यादि फसलो को बोने का प्रयास करना चाहिऐ,,,एकता परिषद कार्यकर्ता घनश्याम प्रसाद रायकवार ने कहा कि जलवायु बदलाव के इस दौर मै मौशम व वर्षा की प्रवृत्ति पहले से बदल रही है,जिस समय वर्षा की जरूरत है व उम्मीद है उस समय वर्षा नही होती है पर जिस समय

जरूरत नही होती है  उस समय अधिक बर्षा हो जाती है व कभी कभी ओले भी गिर जाते है यह एक ऐसी नई समस्या है जिस पर हमारा बहुत नियंत्रण नही है। नदियो,नालो,से पौधे काट दिऐ गये जिससे पानी बचा कर रखने की छमता कम कर दी गयी है तेजी से बहते पानी से उपजाऊ मिट्टी  काट कर उसे वहा से बहा ले जाने की छमता भी बढ गयी है भूमि मृदा संरछण कम बढने के स्थान पर तेजी से कम हुआ है, बिमला नामदेव ने कहा कि खेत की मिट्टी खेत मै ,खेत का पानी खेत मै रहना चाहिऐ तभी हमारे भूमि मृदा संरछण दिवस मनाने की सार्थक पहल होगी,जैविक खेती का अधिक उपयोग करे किसान जिससे खेती को लाभ का ब्यवसाय बनाया जा सके |