प्रकृति का कर्ज चुकाने सभी जन आगें आयें-जैन मिलन

दमोह/हटा
अषाढ़ माह के पहले रविवार को भारतीय जैन युवा मिलन, जैन महिला मिलन एवं बीएसडब्लू गु्रप द्वारा के द्वारा स्थानीय मुक्तिधाम पर वट बरगद एवं कदम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर बीएसडब्लू गु्रप के छात्र सोमित नामदेव, कपिल अग्रवाल, राजा पटैल ने कहा कि सामान्यतः अब लोग वृक्षारोपण को एक प्रदर्षन का रूप देने लगे है। यही कारण है कि पता चला कि एक ही स्थान पर दस साल से पौधा रोपित हो रहा है, लेकिन वह पनपता नहीं है। जिस तरह नवजात षिषु की पांच साल तक मां, दादी, नानी सेवा करती उसी के बाद उसे स्कूल षिक्षा के लिए भेजती है, इसी तरह वृक्षारोपण के लिए सबसे बेहतर तो यह है कि जो पौधे
रोपित किया जाना है उनकी कम से कम पांच से लेकर सात साल तक घर के आंगन या जहां सुविधा हो वहां गमला कुप्पा आदि में रोपित करके उसकी सेवा करे। जब पौधा वृक्ष का रूप लेने लगे तभी इसे पूर्ण तकनीकी आधार पर रोपित किया जाना चाहिए। आज जो वट एवं कदम के पौधे रोपित किये गये इसी श्रंखला में पहले उनकी घर पर सेवा की गई बाद में उसे मुक्तिधाम में रोपा गया गया। इन वृक्षो की नियमित देखभाल भी जरूरी है।
भारतीय जैन युवा मिलन के अध्यक्ष बाहुबली जैन एवं महामंत्री आदित्य जैन ने कहा कि नदी किनारे कम से कम एक किलोमीटर दुरी तक हजारों की संख्या में वृक्षों को लगाना होगा तभी नदी का जीवन सुरक्षित है। जैन युवा मिलन एवं सकल जैन समाज के द्वारा निरंतर चार माह तक वृक्षारोपण का कार्य किया जायेगा। प्रकृति का कर्ज चुकाने के लिए सभी जनों को आगे आना होगा। वृक्ष पौधे को संरक्षण दे यह भी एक सेवा का रूप होगा। मेंटर्स संजय जैन ने बताया कि जो भी कार्य किया जाये लक्ष्य निर्धारित करके हो तभी सफलता मिलेगी। वृक्षारोपण से ज्यादा महत्वपूर्ण कार्य है उनकी देखभाल हो। सरकारी भूमि में ऐसे स्थान पर वृक्षारोपण न हो कि भविष्य में निर्माण के नाम पर उन्हे उखाड़ा जाये।
इस अवसर पर सभी ने पौधों के देखरेख का संकल्प लिया।