पौधा रोपणी उधान में खुले आम प्रकृति की अनमोल संपदा, को अधिकारियों की लापरवाही

पथरिया/एक तरफ जहां सरकार करोड़ों पौधे रोपकर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करने में लगी थी ।

तो वही दमोह जिले के पथरिया पौधा रोहणी उधान में खुले आम प्रकृति की अनमोल संपदा को अधिकारियों की लापरवाही का शिकार होना पड़ा जहां हजारों की संख्या में पौधे सड़ते रहे रोपने के लिए तरसते रहे ओर रिकार्डों में दर्ज होते रहे ।

सामने आई जनपद पंचायत सी ओ की लापरवाही…

इस मामले में जब पौधा रोहणी उधान में पदस्त अधिकारी खरे से बात की गई तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी सी ओ पर डालते हुए कहा कि जनपद पंचायत सी ओ के आदेश पर सिर्फ खाना पूर्ति की गई हैं।

हमने अपने सारे पौधे कलेक्टर के आदेश पर जबेरा भेज दिए थे ।

इन सड़ते पौधों और सरकार के आदेश में पलीता लगाने में जनपद पंचायत सीओ की लापरवाही साफ तौर पर सामने आरही हैं ।

जिन्होंने कुछ पौधे लगाकर खाना पूर्ति करदी बाकी को लबरिष अवस्था मे नर्सरी पथरिया में फिकबा दिये ।

इस मामले में पौधा रोहणी उधान से कार्यवाही जाननी चाही तो उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई जबाब नही दिया ।शाशन के जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे हजारों पौधे सड़ते रहे ।

और अधिकारी कुम्भकर्ण की नींद सोते रहे ।जिन्हें प्रदेश के 24 जिलों में मुख्यमंत्री के आदेश पर चल रहा पौधा रोपण से कोई सरोकार नही रहा ।

एक तरह शिवराज सरकार पौधा रोपण कराकर रिकार्ड कायम कर रहे हैं।तो दूसरी तरह अधिकारियों की लापरवाही की बजह से बेहाल पड़े पौधे सरकार के आदेशों की अनदेखी कर किस तरह पलीता लगाया जाता हैं, यह पथरिया में देखने को मिल रहा

है –असलम खान