ये कैसी बेमानी,न सड़क है,न पानी बून्द बून्द पानी के लिए तड़प रहे वाशिंदे

बटियागढ़{रमज़ान खान डॉ अनिल जैन} चुनाव से पहले जनता के कल्याण के लिए बढ़-चढ़कर बड़े-बड़े दावे करने वाले राजनैतिक दलों के नेता कुर्सी पर बैठते ही सिर्फ अपनी और अपनों की चिंता में डूब कर रह जाते हैं लेकिन झूठे वादों से से प्रभावित होकर उन्हें वोट देकर जिताने वाले ग्रामीण आज तक बिजली पानी सड़क जैसी सुविधाओं से वंचित हैं यहां तलक प्रशासन भी इनकी गरीबी का मजाक उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है विधायक लखन पटैल की विधासभा की बटियागढ़ तहसील के शहजादपुरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गीदन गांव में इन दिनों पानी का अकाल आन पड़ा है। करीब 300 लोगों की आबादी वाले इस गांव में 3 हैंड पंप लगाए गये लेकिन सरकारी नुमाइंदों की बेरुखी की वजह से तीनों ही हैंडपंप बिगड़ी हालत में पड़े हैं गांव वालों का कहना है कि तीनों ही हैंडपंपों के गड्ढों में पानी नहीं है इसलिए यह हैंडपंप सुधारे नही गये गीदन गांव के निवासी मूरत आदिवासी का कहना है की हैंडपंपों से हमें सिर्फ बरसात के चार महीनों में ही पानी पीने मिलता है बाकी के8 महीने हमें इधर उधर से पानी लाना पड़ता है।

इस भीषण गर्मी के दिनों में इस गांव के लोग जंगली पथरीले रास्ते से होकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर नाले से पीने का पानी ला रहे हैं। यह नाला गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर पहाड़ी के नीचे घने जंगलों के बीच है,जहां चारों तरफ घना जंगल और उसके साथ जानवरों का खतरा बना रहता है लेकिन फिर भी यह अपने कंठों को तर करने के लिए रोजाना खतरे से खेल कर पीने का पानी ला रहे हैं। रास्ता इतना पथरीला है कि पानी लाते वक्त औरतों के पैरों में छाले पड़ जातेे हैं।पानी के लिए जंग लड़ते इन गांव वालों की कहानी को आप तस्वीरों को देखकर ही समझ जायेंगे,की किस तरह इस गांव के लोग रोजाना मौत को गले लगाकर जीने के लिए पानी लाते हैं।इतनी विकराल समस्या के बावजूद भी सरकार इन गरीब तबके के लोगों के लिए पानी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर पा रही है

।गांव की महिलाएं जिस नाले से पानी लाती हैं उसमें भी महज चंद दिनों के लिए ही पानी बचा हुआ है औरतों का कहना है की इस नाले में आते वक्त हमें हर वक्त जानवरों का खतरा बना रहता है क्योंकि इस जंगली नाले में जंगली जानवर भी पानी पीने के लिए आते हैं।जो आए दिन हमें टकरा जाते हैं।लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद आज तक इस गांव में विधायक जी नहीं आए यह गांव पथरिया विधानसभा के बटियागढ़ तहसील में आता है यहां से लखन पटेल विधायक है लेकिन चुनाव जीतने के बाद आज तक इन लोगों को विधायक जी की शक्ल देखना भी नसीब नहीं हुआ।
प्रशासन इन लोगों से इतनी बेईमानी कर रहा है ना इन्हें चलने के लिए सड़क न पीने के लिए पानी मिल रहा है। हम सोच भी नहीं सकते कि किस तरह से इस गांव के लोग अपनी मजबूरियों के साथ जीवन बसर करके रह रहे हैं।इस आश में कि शायद कोई मसीहा आये और इनकी समस्याओं को सुनें उन पर पहल करे और इन्हें पानी जैसी विकराल समस्या से निजात दिला सके।