उपेक्षा की दंश झेल रहे नोहटावासी-प्रशासन मौन

दमोह{हरीशंकर राठौर} लंबे समय से नोहटा कि लोग उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं जो कभी नोहटा का नाम दमोह जिला अपितु प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता था आज यहां पर उपेक्षा की दंश के कारण लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं सन 2011 में नोहटा की नो हलेश्वर शिव मंदिर से लेकर पेट्रोल पंप नोहटा के बीच डिवाइडर बनाया गया था जो आज पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है हालात यह हैं कि कहीं से भी कोई बाहर निकल जाता है आयोजन लोग चोटिल हो रहे हैं और डिवाइडर कमल मा सड़कों पर बिखरने लगा है ऐसा नहीं है कि यहां से प्रशासनिक अमला ना निकलता हूं लेकिन किसी की नजर यहां पर नहीं पड़ती है और टूटे-फूटे पड़े दवाई दवा पर लोगों ने कचरा दान बना लिए हैं भला हो नोहटा पंचायत का की आयोजन डिवाइडरों का कचरा साफ करवा देते हैं नहीं तो यह डिवाइडर का कचरा सीधा लोगों के घरों तक पहुंच जाए हैरानी की बात यह है कि लाखों रुपए खर्च करके यह डिवाइडर बनाई गई थी और इस में घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग किया गया था

शिकायतों की बावजूद प्रशासन ने इस पर कोई लगाम नहीं करती और ठेकेदार इसे बना कर चला गया अब इसकी सजा नोहटा के निवासियों को भुगतनी पड़ रही है सौंदर्य के लिए व्यवस्थित यातायात संचालन हो सके इस उद्देश्य इन डिवाइडरों का निर्माण किया गया था लेकिन यह निर्माण मात्र ठेकेदारों और इसका सत्यापन करने वालों का ही फायदा हुआ है यह सत्य है क्योंकि डिवाइडर का फायदा ना यातायात में और ना ही नोहटा के लोगों को अनेकों बार यहां के लोगों ने शासन प्रशासन से जिला प्रशासन से यहां के डिवाइडर दुरुस्त करने की मांग की लेकिन आज तक कुछ नहीं हो सका यह डिवाइडर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए जबकि यहां से आए दिन मंत्री मिनिस्टर सांसद विधायक जिला प्रशासन के आला अधिकारी दमोह जबलपुर मुख्य सडक को देखते हैं