आपात्र किये गये 5961 वन भूमि दावा फार्मो पर होगी पदयात्रा एकता परिषद के बैनर तले

नोहटा/दमोह{हरीशंकर राठौर }अनुसूचित जनजाति ओर अन्य परंम्परागत वन निवासी ( वन अधिकारो की मान्यता ) नियम 2008 को मध्य प्रदेश सरकार ने 1जनवरी 2008 से लागू किया गया जिसमे ग्रमीण छेत्रो मै निवास करने वाले वन वासियो आदिवासियो ने अपने कब्जे ओर आवास कै लिऐ वन भूमि दावा फार्म भरकर ग्राम वन अधिकार समितियो के पिस जमा किये ओर ग्रामपंचायत प्रस्ताव मै पास करवाकर उपखंड स्तरीय वन अधिकार समिति के पास जमा किये गये


लेकिन वर्ष 2008 से 2012 तक 6961 दावा फार्म जमा हुये उपखंडस्तरीय वन अधिकार समिति तेदूखेडा के पास जिसमे दिसम्वर 2015 तक 1100/हक प्रमाण पत्र वितरण किये गये समय,समय पर लोगो ने एकता परिषद के बेनर तले ग्यापन दिये ग्रामपंचायत से लेकर जिला स्तरीय वन अधिकार समिति जिला दमोह एवं कमिशनर सागर के नाम भी ग्यापन दिया गया लेकिन शासन प्रशासन के कानो मै जू तक नही रेगे बडी संख्या पर उपखंड स्तरीय समिति तेदूखेडा ने 5961 वन भूमि दावा फार्म आमान्य किये जो एक सोचनीये विषय है जनवरी 2016 मै शासन द्वारा ग्रामोदय से भारत उदर अभियान चलाया गया जिसमै लोगो ने ग्राम स्तर पर आयोजित ग्राम सभाओ मै भाग लिया ओर अपने वन भूमि दावा फार्म भरकर जमा किये तथा पुनः परीछण कर उपखंडस्तरीय समिति तेदूखेडा के पास भेजे लेकिन एक वर्ष वीत जाने के बाद भी आवेदको को कोई जानकारी नही है कि क्या कार्रवाही हुई इसकी जानकाली नही दी गयी हितग्राहियो को अब लोगो ने ठाना है अपनी समस्या अपनी ब्यवस्था के साथ बादा निभाओ पदयात्रा शुरू की जायेगी 16 मई 2017 से20 मई 2017 तक 80 किलोमीटर की रोड पर सोना ,रोड पर खाना के साथ ।