The woman tehsildar gave a reply to CM Shivraj Singh, who had left the collectors upside down?

कलेक्टरों को उल्टा लटकाने वाले सीएम शिवराज सिंह को महिला तहसीलदार ने दिया जवाब ?                       

ग्वालियर -शासकीय कर्मचारी और अधिकारियों के सम्मान में अभी कहीं कोई थोड़ी सी भी कमी होती है तो हड़ताल हो जाती है काम बंद हो जाता है परंतु CM शिवराज सिंह ने कलेक्टरों को उल्टा लटकाने की धमकी दे दी और कर्मचारी और अधिकारी सभी शांत चुप बैठे हुए 350 से भी ज्यादा आईएएस अफसर चुप है किसी ने उफ तक नहीं की, मालूम नहीं की क्या हुआ कोई आवाज ही नहीं उठा रहा परंतु ग्वालियर की महिला तहसीलदार भूमिजा सक्सेना ने आवाज उठाई है और उन्होंने सेवा में मर्यादाओं का ध्यान रखते हुए एक कविता पोस्ट की है जिसमें उन्होंने हो रही दिक्कतों के बारे में लिखा है जिन्होंने कविता के अंत में मुखिया को संबोधन करते हुए कई ऐसी चीजें लिखी हैं जैसे आरोप लगाना, भरोसा न करना ,शंका करना ,नजरों से उतरना, विश्वास उठ जाना, और भी बहुत से शब्दों का प्रयोग किया है, इसके पहले वह जीआईएस सॉफ्टवेयर के खिलाफ भी मोर्चा खोल चुकी है|                       

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 अब अधिकारियों काशासन के खिलाफ दवा आक्रोश सोशल मीडिया के जरिए सामने आने लगा है और इसी कड़ी में तहसीलदार भूमिजा सक्सेना ने फेसबुक पर कविता के जरिए अपना दर्द बयान किया है उनकी इस पोस्ट के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है|                       

भूमिजा कि इस पोस्ट को मुख्यमंत्री द्वारा कलेक्टरों को उल्टा लटकाने पर दिए बयान से जोड़कर देखा जा रहा है और इसको लेकर प्रदेश में हडकंप है इसी बारे में ग्वालियर में कृषि मंत्री और प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन से इस बारे में पूछा गया था तो पहले तो वह इधर उधर देखते नजर आए थे व् बाद में सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को गिनाने लगे भूमिजा की एक कविता को लेकर एक बार फिर बहस के मुद्दे को जन्म मिल गया है क्या मध्य प्रदेश में अफसरों पर सत्ता का इतना दबाव बढ़ गया है कि वह अपना दर्द बयां करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं ?वही प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन का इस बारे में कहना है कि प्रदेश के कर्मचारी पूरी तरह संतुष्ट है एक अधिकारी को लाखों के साथ जोड़ कर नहीं देखा जा सकता यह उनकी व्यक्तिगत परेशानी हो सकती है भूमिका के बारे में पहले भी सॉफ्टवेयर जीआईएस के बारे में उन्होंने कहा था और तत्कालीन कलेक्टर को शिकायत पत्र देकर कहा था की म्रत्युपूर्व लिए जाने वाले बयान में पुलिस सहयोग नहीं करती बल्कि अभद्रता करती है |