सीटी स्कैन के नाम पर सरकार को लगाया जा रहा चूना

हर महीने दो सैकड़ा से अधिक मरीजों को बनाया जा रहा टारगेट
सांठगांठ कर सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है गोरखधंधा
बैतूल- प्रदेश सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले और अति गरीबों को इसलिए बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनाकर दिए हैं ताकि मुसीबत के दिनों में वह इन कार्डों के सहारा अपना व अपने परिजनों का उपचार करा सके। उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता ना पड़े। लेकिन सरकार के यही कार्ड अब सरकार को चूना लगाने का माध्यम बन गए हैं। राष्ट्रीय जनादेश द्वारा किए जा रहे इस खुलासे में हम सिलसिलेवार इस गोरखधंधे से जुड़े तथ्यों को उजागर कर पूरा मामला उजागर कर देंगे ताकि दुबारा कोई इस तरह का फर्जीवाड़ा ना कर सकें।
गाइडलाइन को ताक पर हो रहा संचालित
पीपीपी मोड पर संचालित किए जा रहे सीटी स्कैन सेंटर में अनुबंध की शर्तों का कोई पालन ही नहीं किया जा रहा है। अनुबंध के अनुसार न तो सेंटर पर निर्धारित शुल्क की कोई जानकारी अंकित की गई है न तो गरीबी रेखा के कार्डधारियों को पूरी छूट देने के संबंध में कोई उल्लेख किया गया है। यहां पदस्थ कर्मचारियों के द्वारा मरीजों और उनके परिजनों से अभद्र व्यव्हार करने के संबंध में दर्जनों बार शिकायतें भी की गईं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कोई कदम आज तक नहीं उठाया।
मनमर्जी से ले रहे शुल्क
जिला अस्पताल परिसर में ग्वालियर मेडीकल सेंटर के माध्यम से सीटी स्कैन सेंटर का संचालन किया जा रहा है। इस सेंटर को शासन द्वारा पीपीपी मोड पर देने के लिए अनुबंध करने के साथ ही मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क का निर्धारण भी किया गया है। जिला अस्पताल परिसर में संचालित किए जा रहे सीटी स्कैन सेंटर को जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के सीटी स्कैन करने पर 1750 रुपए की दर निर्धारित की गई है। इसके अलावा सामान्य मरीजों से सीटी स्कैन का 2300 रुपए शुल्क तय किया गया है। जिला अस्पताल परिसर में चल रहे सीटी स्कैन सेंटर में पहुंचने वाले मरीजों से मनमर्जी का शुल्क लिया जा रहा है।
कार्ड से लगा रहे चूना
जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे मरीजों के सीटी स्कैन कराने के नाम पर बड़ी सांठगांठ की जा रही है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए सीटी स्कैन का शुल्क शासन द्वारा वहन किए जाने के कारण सुनियोजित तरीके से सरकारी खजाने का चूना लगाने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिला अस्पताल में करीब 4 साल पहले पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन सेंटर की शुरूआत की गई थी।
बिना शुल्क के थमा रहे रसीद
जिला अस्पताल परिसर में शासकीय भवन में पीपीपी मोड पर संचालित किए जा रहे सीटी स्कैन सेंटर में मरीजों से शुल्क तो वसूल किया जा रहा है लेकिन उन्हें दी जाने वाली रसीद पर इसका कोई उल्लेख ही नहीं हो रहा है। बीपीएल और दीनदयाल उपचार योजना के कार्ड की पात्रता वाले मरीजों से शुल्क तो वसूल ही नहीं किया जाता है बल्कि उसका भुगतान संबंधित कंपनी के द्वारा शासन से वसूल किया जाता है। चिकित्सकों के द्वारा सीटी स्कैन कराने के लिए भेजे जाने पर मरीज और उसके परिजन वसूल की गई राशि की रसीद में एंट्री न होने के कारण कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराते हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
कुछ दिनों तक तो नियमानुसार कामकाज होता रहा लेकिन धीरे-धीरे यहां सांठगांध परवान चढ़ते ही सरकार को ही लाखों का चूना लगाया जाने लगा। आलम यह है कि जिन मरीजों को सीटी स्कैन की कोई जरूरत ही नहीं होती है यदि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं तो उन्हें तत्काल ही सीटी स्कैन कराने के लिए भेज दिया जाता है। सीटी स्कैन के नाम पर किए जा रहे इस सांठगांठ को लेकर अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगने लगे हैं।
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जांच होते ही होगा भंडाफोड़
स्वास्थ्य विभाग के अफसर यदि सीटी स्कैन में अभी तक किसके सीटी स्कैन किसके कहने पर किए हैं और इससे मरीज को क्या लाभ हुआ है? अथवा सीटी स्कैन की आश्यकता थी भी या नहीं? इन सभी तथ्यों की जांच बिंदुवार कराई जाए तो बड़ी भण्डाफोड़ उजागर हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि  सीटी स्कैन सेंटर में गरीबी रेखा और दीनदयाल उपचार योजना के कार्डधारी मरीजों के सीटी स्कैन करने के रिकार्ड की यदि सूक्ष्मता के साथ जांच की गई तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ जाएगी। जिला अस्पताल में भर्ती ऐसे मरीज जिनका सीटी स्कैन करने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी उनके भी सीटी स्कैन कर दिए गए और शासन से प्रतिमाह लाखों का भुगतान हासिल करने का खुलासा हो जाएगा।
इनका कहना…
अगर अस्पताल से अत्यधिक मात्रा में सीटी स्कैन भर्ती मरीजों के कराए जा रहे हैं तो यह जांच का विषय है। मैं इस मामले में पता करवाऊंगा। अधिक शुल्क वसूलने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। रेट लिस्ट के संबंध में उन्हें निर्देशित कर देंगे।
एके बारंगा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल
सीटी स्कैन सेंटर का संचालन ग्वालियर मेडीकल सेंटर के द्वारा किया जा रहा है। यहां पर रेट लिस्ट के लिए जल्द ही फ्लेक्स लगा देंगे। मरीजों को चिकित्सक ही हमारे पास भेजते हैं इस कारण हमें उनके सीटी स्कैन करना पड़ता है।
महेश चंदेल, प्रभारी सीटी स्कैन सेंटर बैतूल
मयंक भार्गव, बैतूल से