सरकारी पैसों की ऐसे खेली जाती है होली ?

         उमरिया- सरकारी पैसों की होली कैसे खेली जाती है, अगर देखना है तो उमरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में देखें, सबसे ख़ास बात तो यह है कि जिस प्रदेश के मुखिया प्रदेशवाशियों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करते है वहीँ उमरिया जिला अस्पताल एक तरफ मशीनों को तरस रहा है और दूसरी तरफ करोणों रुपये की बरबादी हो रही है, नगर के जागरूक नागरिक तो सीधे शब्दों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भ्रष्ट कहे, | देखिये विशेष रिपोर्ट

  यह है उमरिया जिला अस्पताल यहाँ पूर्व से लगे अच्छे क्वालिटी के टाईल्स और मार्बल को तोड़ कर फिर से नए टाईल्स और मार्बल लगाये जा रहे हैं इतना ही नहीं जिला अस्पताल परिसर में पूर्व में 11 लाख रुपये की लागत से हर्बल गार्डन बनाया गया था जिसमें फब्बारा भी लगाया गया था उसको भी बेरहमी से तोड़ दिया गया उसकी जगह छोटे से क्षेत्र में फिर से पैसों की बरबादी कर हर्बल गार्डन बनाया गया, इस बारे में नगर के जागरूक नागरिक सुनील सिंह सोलंकी बताये कि जिला अस्पताल में डिजटल एक्सरे मशीन की स्थिति ठीक नहीं है, अस्पताल में मरीजों को ठीक से दवाइयां नहीं मिल पा रही है, सारी दवाइयां स्टोर में ही उपलब्ध नहीं है, इन सबके बावजूद इनके द्वारा अपने भवन का सौन्दर्यीकरण, जिला चिकित्सालय जिसमें पूर्व में भी टाइल्स वगैरह लग चुके थे, हर्बल गार्डन यहाँ 11 लाख रुपये से बनाया गया था जिसमें, फब्बारे लगाये गये थे वो सब निकाल कर फेंक दिए गये, जब फेंकने की स्थिति थी तो पूर्व में क्यों 11 लाख रुपये की बर्बादी की गई, खनिज मद का जो 3 करोड़ रुपये आया है, उस मद से अगर सिटी सकें मशीन आ जाती तो यहाँ के लोगों को कितनी सुविधाएँ मिलती, अफसर अधिकारी अपने बंगलों का, जिला चिकित्सालय का सौन्दर्यीकरण करा करके अपनी जेब भारी कर रहे हैं |

    जिला नागरिक मंच के सक्रीय सदस्य राकेश प्रताप सिंह का कहना है कि पिछले दिनों जब पी एस हेल्थ गौरी सिंह उमरिया प्रवास पर आई थीं तो उनसे जिला अस्पताल की दुर्दशा के बारे में चर्चा की गई थी तब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि हम यहाँ कि व्यवस्था सुधारने और डाक्टर भेजने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ, इस अस्पताल में इतनी गन्दगी और इतनी दुर्दशा है करोड़ों रुपये का बजट आने के बाद भी इसकी व्यवस्था नहीं सुधर पाई है गरीब आदिवासी जो क्षेत्र से आते हैं उनकी दवा नहीं हो पा रही है, उनकी कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है और यहाँ जो अच्छी  अच्छी मशीने हैं उनके आपरेटर नहीं है सारी मशीने खराब पडी हैं केवल यहाँ का जो अधिकारी है सी एम एच ओ या सी एस जो भी हैं पैसों पर ध्यान देते हैं, बजट कहाँ से आ रहा है कैसे आ रहा है कैसे दुरुपयोग करना है वो सारी व्यवस्था में लगे रहते हैं, अभी खनिज मद का जो करोड़ों रूपया आया है अच्छी टाईल्स लगी थी उसको हटा करके दूसरी लगा रहे हैं जबकि इस अस्पताल आज भी लोग दवाईयों के लिए तरस रहे हैं, उसकी कोई व्यवस्था नहीं है यहाँ पर एक्सरे मशीन खराब पडी रहती है, सिटी स्केन मशीन नहीं है, डायलिसिस की व्यवस्था यहाँ थी उस पर भी आपरेटर कि व्यवस्था महीनों नहीं थी यहाँ के मरीज तरसते रहते हैं शहडोल  कटनी जाते हैं वहां से डायलिसिस करा कर आते हैं तब अपनी जिन्दगी बचाते हैं, इस सम्बन्ध में कई बार कलेक्टर से कहा गया ज्ञापन सौंपा गया कलेक्टर ने बस एक बात कहा कि हाँ हम व्यवस्था बना रहे हैं देख रहे हैं, लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं बन पा रही है, खनिज मद जो है उसका उपयोग टाईल्स लगाने में, नाली सफाई में न करके अगर मरीजों को सुविधा देते तो बेहतर होता |

   जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रही परवीन खान का कहना है कि आये दिन यहाँ की मशीन खराब हो जाती है, बहुत असुविधा होती है हम मरीजों को अभी पिछले शुक्रवार को डायलिसिस हो रहा था मशीन बिगड़ गई 1 घंटे का भी डायलिसिस नहीं हुआ मैं बहुत ज्यादा सीरियस हो गई, उसके बाद शहडोल ले जाकर डायलिसिस कराया गया पूरा वैसे ही निडिल वगैरह लगा था, शहडोल जाने में हम लोगों को बहुत दिक्कत होती है दोनों मशीन बिगड़ी है, हम लोगों को शहडोल जाने में काफी परेशानी होती है कितना खर्च आता है साथ में दो लोग को जाना पड़ता है |

  वहीँ जिले के जागरुक नागरिक सुनील सिंह सोलंकी आरोप लगते हुए कहते हैं कि अगस्त 2017 से जबसे सी एम एच ओ डाक्टर नामदेव जी का यहाँ पदार्पण हुआ है, तब से जिला चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर होती चली जा रही है, पूर्व में शहडोल के मुख्य जिला चिकत्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी थे, उस समय विशेष भर्ती अभियान के तहत 45 बैगाओं की भर्ती की गई थी वह भी नियम विरुद्ध तरीके से, एक परिवार के 6  6, 7  7 बैगाओं की भर्ती कर ली गई, जिसकी शिकायत हुई, शिकायत के बाद कमिश्नर महोदय ने इनके डी ई शुरू करा दिए जो आज तक लंबित है, जिस सम्बन्ध में बराबर पत्राचार चल रहा है, संचालनालय से भी एक पात्र आया कि जितने दिन इन लोगों ने काम किया है उतने दिन का पैसा देकर इनकी भर्ती निरस्त कर दिया जाय, इस तरह से भ्रष्ट और नियम विरुद्ध भर्ती करने वाले अधिकारी को यहाँ पर लाकर आहरण संवितरण का अधिकार देकर उमरिया जिले की स्थिति भी खराब की जा रही है, आज भी स्थिति वही की वही है न तो क्षेत्र में दौरा करते हैं बस उमरिया में बराबर बने रहते हैं |

   इस मामले में जब सी एम एच ओ उमरिया डाक्टर उमेश नामदेव से चर्चा किया गया तो उनका कहना है कि खनिज मद से उसका रेनोवेशन किया जा रहा है उन्नयन किया जा रहा है, और उसमें टाईल्स ज्यादा अच्छी क्वालिटी की ज्यादा ऊँचे  ऊँचे तक और नीचे फर्श भी अच्छे ग्रेनाईड का बनाया जा रहा है, उसमें अच्छी सुदृढ़ता आयेगी, अच्छी सुन्दरता आयेगी, हम लोग लक्की है कि खनिज मद से यह प्रावधान मिला है, इस निर्णय के पीछे एक या दो लोग का हाथ नहीं है पूरी कमेटी बैठती है, प्रपोजल जाते हैं और कमेटी में हमारे ख्याल से 20 लोग के लगभग रहते हैं, सबने मिल कर यह निर्णय लिया है और मैं तो इतना उत्सुक हूँ इससे, इतनी मेरे में जिज्ञासा है कि जब भी मौक़ा मिलता है चाहे वह रात में 11 बजे हो या 12 बजे हो एक बार देखने अवश्य जाता हूँ, अच्छा लगता है जहां तक कैट स्केन की बात है उसके लिए भी हम लोगों ने मांग किया है और आशा है कि कैट स्केन हो जाएगा |

  इस मामले में जब जिले के कलेक्टर माल सिंह से बात किया गया तो उनका कहना है कि खराब मशीन अगर है तो उनको दुरस्त करने की शीघ्र कार्यवाही की जायेगी, जो डायलिसिस वाला है उसके लिए कोई एजेंसी है अगर वो नहीं करता है तो उसके लिए भी कार्यवाही की जायेगी, सिटी स्केन मशीन के लिए कहे कि मैं सी एम एच ओ और सी एस से बात करता हूँ उसके लिए क्या प्रावधान है और क्यों नहीं हो पा रहा है ज्ञात करके उसकी व्यवस्था सुनिश्चित करवाता हूँ |

   गौरतलब है कि खनिज मद की राशि का उपयोग जिले के कलेक्टर के स्वयं के विवेक पर निर्भर करता है कि किसको आबंटित करते हैं और उसका कैसे उपयोग करना है वहीँ जिले में जिला अस्पताल को करोड़ों का आबंटन तो दे दिया गया लेकिन जिले के संज्ञा विहीन अधिकारीयों को आम जनता की समस्याओं से कोई लेना  देना नहीं है, मूलभूत आवश्यकता कू पूरा करने में खनिज मद का उपयोग न करके अच्छी टाईल्सों को तोड़ कर कमीशन के चक्कर में दूसरी लगे जा रही है और जिले के सी एम एच ओ को नया काम होना बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन मरीजो को सुविधा देना अच्छा नहीं लगता है, ऐसे में आवश्यकता है सरकारी पैसों की होली खेलने वाले अधिकारीयों की उच्च स्तरीय जांच करा कर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करने की और जिले के लोगों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने की |

                                 सुरेन्द्र त्रिपाठी

                                   उमरिया