pheemel aphasar kee problam, nahin hai ledeej toyalet aur kalektar ne diya kya javaab ?

फीमेल अफसर की प्रॉब्लम, नहीं है लेडीज टॉयलेट और कलेक्टर ने दिया क्या जवाब ?

न्यूज़ डेस्क शिवपुरी- केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान पर काफी जोर दिया जा रहा है जिसके पीछे मुख्य कारण है कि समाज में साफ-सफाई रहे, और महिलाओं का सम्मान बरकरार रहे क्योंकि भारत में बहुत से क्षेत्र में महिलाओं को आज भी खुले में ही प्रसाधन के लिए जाना पड़ता है और सरकार की मंशा है कि स्वच्छता अभियान के अंतर्गत

जरूरी सुविधाएं मुहैया हो सके, और नारी शक्ति को सम्मान मिल सके, और इसके लिए सरकार शौचालय निर्माण के लिए राशि भी दे रही है, इसी कड़ी में एक आश्चर्यजनक बात सामने आई है और वह है एक महिला अफसर को उसके कार्यालय में महिला टॉयलेट नहीं होने के चलते अपना कार्यालय ही दूसरी जगह बदलना पड़ा ,हम बात कर रहे हैं शिवपुरी जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग की इस कार्यालय में जिला संयोजक के पद पर शिवाली चतुर्वेदी हैं परंतु इस

विभाग में महिला टॉयलेट ना होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा ? उनके पदस्थ होते ही उन्होंने देखा कि यहां पर महिला टॉयलेट ही नहीं है, तो उन्होंने अपना कार्यालय एनआईसी के ऑफिस में शिफ्ट कर लिया उनका मानना है कि कार्यालय में आवश्यक प्रसाधन सुविधा तो उपलब्ध होनी ही चाहिए, उनका यह भी कहना है कि महिला का टायलेट ना होने की जानकारी उन्होंने कलेक्टर को भी दी है और उस पर कलेक्टर तरुण राठी का कहना है कि स्वच्छता मिशन को टॉयलेट से जोड़ना ठीक नहीं है, यह सच है कि अफसर के दफ्तर पर महिला टॉयलेट नहीं है इसलिए वो दूसरी ऑफिस में बैठ रही हैं, और टॉयलेट के लिए संबंधित एजेंसी से कहा गया है और इसके लिए बजट में प्रावधान किया जा रहा है और शीघ्र ही टॉयलेट बन जाएगा |