मॉल ने नहीं दी ट्रांसजेंडर को एंट्री, कहा-हमारी पॉलिसी में शामिल नहीं ?

पुणे  एक ट्रांसजेंडर ने कथित तौर पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे पुणे के मॉल में घुसने नहीं दिया गया, भले ही सुप्रीम कोर्ट ने किन्नरों को समाज के तीसरे दर्ज का स्थान दे दिया हो, लेकिन इसी समाज का एक वर्ग ऐसा भी है जो किन्नरों को अपना नहीं पाया है, यह मामला उस वक्त सामने

आया जब एक एनजीओ में ट्रांसजेंडर्स से जुड़े मुद्दों के लिए काम करने वाली पीड़िता ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया, पीड़िता सोनाली ने कहा कि वह पुणे के स्थित फिनिक्स मार्केट सिटी मॉल में गई थी, जहां उसे सिक्योरिटी चेकिंग के लिए महिला विभाग में भेज दिया गया, उसने आरोप लगाया कि वहां महिला ने उसकी जांच करने से मना कर दिया और कहा कि उसे मॉल में एंट्री नहीं दी जा सकती, सोनाली ने उनसे पॉलिसी बुक मांगी और बाद में जब मॉल में अन्य कस्टमर्स ने विरोध किया तो उसे एंट्री दे दी गई, वही मॉल मैनेजमेंट ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा गार्ड्स द्वारा वेरिफिकेशन के लिए कहा गया, और पांच से भी कम समय में उसे एंट्री दे दी गई, हमें कस्टमर को हुई असुविधा के लिए खेद है, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखना प्रक्रिया का हिस्सा है |