RELIGIOUS

मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्र ने जैनियों के धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया
1008 सिद्ध चक्र महा विधान मण्डल का आयोजन सोनागिर में dddमध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन, जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्र ने सोनागिर पहुंचकर जैन समाज के धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित हुए। विशाल धर्मशाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में संत श्री सुबल सागर महाराज के सानिध्य में 1008 सिद्ध चक्र महा मंडल विधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्र ने सुबल सागर महाराज का आशीर्वाद लिया। इस दौरान जैन समाज द्वारा मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्र को टोपी पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक व जैन समाज के महामंत्री श्री ज्ञान चन्द्र जैन को भी टोपी पहनाई गई।
अपने आशीर्वचन में संत श्री सुबल सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति ईश्वर प्राप्ति का मार्ग खोज रहा है। किंतु ईश्वर प्राप्ति का एकमात्र रास्ता सम्यक मार्ग पर चलकर ही प्राप्त होता है। जिसे पद पाकर भी घमंड न हो अभिमान से दूर रहकर जग की भलाई करने वाला ही सम्यक मार्ग है। उन्होंने विनम्रता के लिए मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्र की तारीफ और उन्नति का आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री वालचन्द्र जैन ने स्वागत भाषण दिया। श्री पवन कुमार जैन ने संचालन किया। इस दौरान श्री अजय जैन सहित अन्यजन उपस्थित रहे।

कार्तिक मेले में दिखते हैं संस्कृति के रंग -केन्द्रीय मंत्रीगेहलोत

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उज्जैन |
     मेले हमारी संस्कृति के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित करते हैं। इन मेलों में संस्कृति के कई रंग देखने को मिलते हैं। कार्तिक मेला भी हमारी संस्कृति के रंगों को बखूबी प्रस्तुत करता है। यह बात केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत ने रविवार रात्रि को कार्तिक मेला शुभारम्भ के अवसर पर कही। इस अवसर पर विधायक डॉ.मोहन यादव, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, म.प्र.जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय, निगम अध्यक्ष श्री सोनू गेहलोत, श्री राकेश डागोर आदि उपस्थित थे।
शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने कहा कि हाल ही में उज्जैन में सफल सिंहस्थ का आयोजन हुआ है। कार्तिक मेला भी हमारी सांस्कृतिक परम्परा अनुसार लम्बे समय से आयोजित हो रहा है। ये मेले सांस्कृतिक मेल-मिलाप के केन्द्र होते हैं। कार्तिक मेला भी सांस्कृतिक प्रसार और हमारी बहुरंगी संस्कृति को प्रदर्शित करता है। इस मेले में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उज्जैन शहर एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी है। यहां कई महापुरूष हुए हैं। उन्होंने अपने सम्बोधन में धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख भी किया।
महापौर श्रीमती मीना जोनवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्तिक मेले में नगर निगम द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां चाइनीज वस्तुओं का विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। सफाई व्यवस्था के साथ अधिकाधिक रूप से शौचालयों की भी व्यवस्था की गई है। आपने आग्रह किया कि मेले में सभी लोग स्वच्छता का ध्यान रखें। इस मेले में पूरे माह सांस्कृतिक एवं खेलकूद का आयोजन किया जायेगा। विधायक डॉ.मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्तिक मेला उज्जैन का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस मेले में बड़ी संख्या में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आते हैं।
निगम अध्यक्ष श्री सोनू गेहलोत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्तिक मेला आयोजन के महत्व और नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं से अवगत कराया।