वो एक-एक पल मौत से जूझता रहा,और शिवराज की पुलिस शाह के लिए रास्ता रोके खडी रही

वक्त- 6 बजकर 43 मिनट

जगह- अरविंदो हॉस्पीटल से लवकुश चौराहे के बीच

सांय-सांय करती एंबुलेंस। उज्जैन में सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा से लौट रही दर्जनों बसों की भीड के बीच एंबुलेंस बुरी तरह फंस चुकी थी। आगे खडे ठसा ठस वाहन चाहकर भी उसे रास्ता नहीं दे पा रहे थे। एंबुलेंस में जिंदगी और मौत से जूझ रहे इस मरीज के लिए एक-एक पल किमती था लेकिन बेशर्म सिस्टम टस से मस नहीं हुआ। एक जिंदगी बचाने से ज्यादा जरुरी था नेताजी का यहां से गुजरना। चौराहे से मुख्यमंत्री शिवराज और अमित शाह शहर से

एयरपोर्ट के लिए अपने तामझाम के साथ जो गुजर रहे थे। सायरनों से चिंघाडती एंबुलेंस के भीतर मरीज की दम तोडती हालत देखकर आसपास की गाडियों से कुछ नौजवान उतरे और एंबुलेंस को जाम से बाहर निकालने की मशक्कत करने लगे। थोडी जगह बनाकर डिवाईडर चढाते हुए दूसरी लेन में एंबुलेंस को पंहुचाने की कोशिश शुरु हुई। डिवाईडर के पास पत्थर रखकर चढाने की जद्दोजहद की जाने लगी। एंबुलेंस के आगे के दो पहिए डिवाईडर पर चढ भी गए लेकिन पिछले पहिए पानी में फिसलने लगे। लोगों ने धक्के लगाए। करीब 13 मिनट तक एंबुलेंस को निकालने के तमाम जतन किए गए। इसी बीच थोडा ट्रेफिक आगे खिसका।

एंबुलेंस को फिर पीछे लाया गया। बडी मशक्कत के बाद आखिरकार सर्विस लेन से एंबुलेंस को चौराहे से बाहर निकाल जा सका।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री के अलावा नहीं रोका जा सकता किसी वीवीआईपी के लिए ट्रेफिक-

जम्मू के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट दीपक शर्मा को सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के अलावा विदेशी प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति स्तर के वीवीआईपी के लिए ही यातायात रोका जा सकता है।

पुष्पेंद्र वैध