गढ में शिवराज को किसानों की ललकार युवा किसान नेता ने शिवराज से बताया जान को खतरा ?

शिवराज के गढ से आज कुछ अलग हकीकत
सामने आ रही है
पुष्पेन्द्र वैद्य
शिवराज सिंह सरकार के किसानों से हमदर्दी भरे इश्तेहारों की चुनावी मौसम
में जमकर भरमार देखी जा रही है। कहीं शिवराज किसानों के मसीहा बने हुए
हैं तो कहीं किसानों के तारणहार। मगर शिवराज के गढ से आज कुछ अलग हकीकत
सामने आ रही है। राजधानी से महज सौ किलोमीटर दूर शिवराज सिंह की बुधनी
विधानसभा इलाके की नसरुल्लागंज तहसील में इन दिनों किसानों ने लामबंद
होकर अपना डेरा डाल दिया है। किसान अपने नौजवान नेता के साथ शिवराज सिंह
को ललकार रहे हैं। ये किसान अपने हक-हकून की लडाई लड रहे हैं। 28 साल का
किसान नेता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। मंगलवार को किसानों के बीच से
इस युवा किसान नेता ने शिवराज से खुद की जान को खतरा बताया है।
सोमवार को किसान नेता अर्जुन आर्य की अगुवाई में इलाके के कई किसान अपनी
सात सूत्रीय मांगों को लेकर लाडकुई गांव से 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा
कर नसरुल्लागंज तहसील मुख्यालय पंहुचे। किसान अपने विधायक और प्रदेश के
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सात मांगे मांग रहे हैं। इन मांगों में
बगैर पट्टाधारी किसानों को पट्टे दिए जाएं, ताकि किसानों को योजनाओं का
लाभ मिल सके, इलाके के कई गांवों के लोगों से फर्जी बैंक द्वारा ठगे गए
लाखों रुपए दिलवाए जांए, इलाके में बन रहे डेम का मुआवजा पट्टेधारी
किसानों की तरह गैर पट्टेधारी किसानों को भी दिया जाए, सरकार की घोषणा के
बाद भी जिन किसानों को ओलावृष्टी का मुआवजा नहीं मिला है उन्हें मुआवजे
की रकम दी जाए, 2017 में खराब हुई सोयाबीन की फसल की फसल बीमा रकम दिलवाई
जाए, फसल न्यूतम समर्थन मुल्य से कम में ना बिके, मजबूत कानून बनाया जाए
और बगैर पट्टाधारी किसानों का सोसायटी में रजिस्ट्रेशन कराया जाना शामिल
है।


युवा किसान नेता अर्जुन आर्य तमाम किसानों के साथ इन मांगों को लेकर
तहसील मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। धरने के दूसरे दिन इस
आंदोलन को और भी ज्यादा किसानों का समर्थन मिला। कई किसानों ने लामबंद
होकर अपने नेता अर्जुन आर्य का हौंसला बढाया। इसी बीच मंगलवार को स्थानीय
पुलिस, प्रशासन और कथित बीजेपी नेताओं से अर्जुन आर्य और किसानों के बीच
विवाद की स्थिती बन गई। धरनास्थल से आर्य ने शिवराज सिंह को ललकारते हुए
कहा कि वो अपनी अंतिम सांस तक किसानों के लिए लडता रहेगा। आर्य ने यह भी
ऐलान किया कि उसकी जान को शिवराज से खतरा है और यदि उन्हें कुछ भी होता
है तो इसके लिए शिवराज सिंह और उनके अफसर जिम्मेदार होंगे।