एक बार फिर दमोह में सम्भावनाओ के द्वार खुले हैं, अपने स्वार्थों को तिलांजली देकर सुखद भविष्य के लिए आगे आएं

आग्रह जरूर पढ़िए- आगे बढ़ाइए
मित्रो
एक बार फिर दमोह में सम्भावनाओ के द्वार खुले हैं। केंद्र सरकार के जरिये तीन संसदीय क्षेत्रों को मिलाकर एक मेडिकल कालेज खोला जाना है। दमोह खजुराहो और सतना को मिलाकर एक मेडिकल कालेज खुलना है। इस बात की जानकारी लगते ही पडौसी जिलो के जागरूक लोग सक्रिय हो गए हैं।
याद कीजिये कुछ इस तरह ही कुछ सालों पहले दमोह में यूनिवर्सिटी को लेकर सुगबुगाहट हुई थी और फिर जो हुआ वो आप सब को पता है आखिरकार दमोह देखता रह गया। इस बार अवसर है कि हम सब दलगत राजनीतिक विचारधारा और अपने स्वार्थों को तिलांजली देकर जिस शहर जिस जिले का अन्न पानी खा पी रहे हैं उस मिट्टी के सुखद भविष्य के लिए आगे आएं और पुरजोर कोशिश करें कि मेडिकल कालेज दमोह में ही बने। इसके लिए एक गैर राजनेतिक मुहिम की आवश्यकता है जिसमे चुनावी साल में किसी दल के स्वार्थ आड़े ना आएं। ये विशुद्ध दमोह के हित की बात है आने वाली पीढ़ी को हमारे द्वारा दी जाने वाली विरासत की बात है। आइये हमारे आसपास कद्दावर नेताओं की मौजूदगी है हम उनके जरिये सरकारों को इस बात के विवश करें कि दमोह के साथ अन्याय अब सहन नही होगा।

यूनिवर्सिटी नही मिली तो कम से कम मेडिकल कालेज की सौगात तो मिल ही जाए। सतर्क रहने की आवश्यकता है वरना ये मुहिम भी राजनीतिक स्वार्थों की भेंट चढ़ जाए। समय है जागिये और मिल जुलकर इस बात के लिए संकल्पित होइए की मेडीकल कालेज दमोह में ही खुलेगा वरना फिर नेताओ जनप्रतिनिधियों को कोसने का आपको कोई अधिकार नही होगा । जब वक़्त है तब हम अपने नुमाइंदों को जगाने का काम करें। कुछ लोगों को बातें चुभ सकती हैं पर में इस शहर और जिले की मिट्टी का ऋणी हूँ मैने यहां जन्म लिया पला बड़ा और यहीं से पहचान मिली तो इस ऋण को चुकाना मेरा नैतिक दायित्व है । आप को भी दमोह की मिट्टी से प्रेम है तो आगे जरूर आइये। इस मिशन के लिए पार्टी का सिंबल भूलें बस दमोह को याद करें। चुनाव राजनीति जीत हार अपना पराया जीवन भर है पर ऐसे मौके मुश्किल से आते हैं वरना मिल्ट्री छावनी लोको स्टील प्लान्ट यूनिवर्सिटी और बढे उद्योग धंधों के जैसे ही चौराहों और चाय पान के टपरों पर हम सरकारों को कोसते मिलेंगे इससे ज्यादा कुछ नही कर सकते और आपके बच्चे आपसे दूर जाकर पढ़ने या रोजगार की तलाश में भटकेंगे। फिर कह रहा हूँ वक़्त है । आंदोलन हाईजैक हो कर खत्म हो जाये राजनेतिक स्वार्थों की पूर्ति हो जाये उससे पहले हम सतर्क होकर दमोह के हित में आगे आएं।
इस सन्देश के जरिये ही आप अपना नाम लिखकर इसे आगे बढ़ाएं और सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक भावनाये ग्रुप्स में और व्यक्तिगत तौर पर पहुंचाएं ताकि एक दो दिन में दमोह के हर व्यक्ति तक ये सन्देश पहुंचे और एक आंदोलन खड़ा हो। जहां सिर्फ औपचारिक भाषण बाजी ना हो स्वार्थी लोग इसे अपने षड्यंत्र का शिकार ना बना पाये और दमोह के हित को अनदेखा किया जाए। आइये आप भी दमोही होने का फर्ज निभाएं एक आम राय इस सन्देश के जरिये बनाइये। आप व्यक्तिगत तौर पर मेरे वाट्सप नम्बर 9425095553 पर अपनी राय मश्वरा भेजिए ताकि एक ठोस नेतृत्व हम बनाये और एकजुट होकर मेडिकल कालेज की दमोह में स्थापना का सपना साकार करें। उम्मीद है आप इस बार नही चूकेंगे आइये एक बड़ा दमोह हितेषी आंदोलन खड़ा करें।
जय दमोह
आपका
महेंद्र दुबे