बेशर्मी की हद- रेप पीड़िता से मुलाक़ात या फ़ोटो अपार्च्यूनिटी

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक किसी भी रेप पीडिता की पहचान उजागर करना गंभीर अपराध है

पुष्पेन्द्र वैद्य

नेताओं ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए मंदसौर दुष्कर्म पीडिता की निजता और सेहत से खिलवाड किया। मंदसौर के बीजेपी सांसद, स्थानीय विधायकों, कांग्रेस की पूर्व सांसद और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने शुक्रवार को न सिर्फ मेडिकल नॉर्म्स का उल्लघंन किया बल्कि मासूम पीडिता की निजता का भी सरासर हनन करते हुए पीडिता से जबरिया मुलाकात की और पीडिता के परिवार के साथ फोटों खिंचवाकर इस गंभीर मसले को फोटो अपार्च्यूनिटी में बदला गया। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक किसी भी रेप पीडिता की पहचान उजागर करना गंभीर अपराध है। प्रेस से बात करने के दौरान नेताओं ने अपने पीछे पीडिता के परिवार को खडा कर इस मौके को फोटो अपार्च्यूनिटी में बदलना चाहा लेकिन मीडिया के कहने पर उन्हें बाद में हटा दिया गया। देर शाम राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने तो अस्पताल में बकायदा पीडिता के परिजनों के साथ फोटो खिंचवाई और उसे सोशल मीडिया पर खुद ही पोस्ट भी किया। नियमानुसार इन नेताओं के खिलाफ रेप पीडिता की निजता भंग करने के मामले में भारतीय दंड संविधान की धारा 228 ए में प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। इस धारा में दो साल तक की कैद और जुर्माने का प्रवाधान है। मेडिकल साईंस और बच्ची की निजता से खुद को उपर समझते हुए इन नेताओं ने अस्पताल प्रशासन से अनुमति लेना भी वाजिब नहीं समझा। इस संवेदनशील मामले में बच्ची की सुरक्षा के लिए भले ही प्रशासन ने चाकचौबंद इंतजाम किए हों लेकिन नेताओं के यहां पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन बजाए उन्हें रोकने के उनका प्रोटोकॉल फॉलो करता दिखा।

  नेताओं की बेशर्मी यहीं नहीं थमी सांसद सुधीर गुप्ता ने पीडिता के माता-पिता को एक तरफ ढांढस बंधाई तो दूसरी तरफ वोटों की राजनीति करने का शर्मनाक कृत्य करते हुए बेशर्मी की हद पार कर दी। पीडिता के माता-पिता के साथ खडे विधायक सुदर्शन गुप्ता ने माता-पिता से सांसद जी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सांसद जी उन्ही से मिलने के लिए मंदसौर से यहां आए हैं, उन्हें धन्यवाद दीजिए। लाचार माता-पिता ने विधायक के कहने पर सांसद जी के आगे दोनों हाथ जोडकर कृतज्ञता जताई। इस पर सांसद जी ने भी उतनी ही बेशर्मी से इसे स्वीकार भी किया। इसी तरह कांग्रेस की पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन ने भी अस्पताल के तमाम नॉर्म्स को ताक में रखकर पीडिता से मुलाकात की। इन्होंने भी वही सब किया जो बीजेपी के इनके प्रतिद्वंदी सांसद जी ने किया।

मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता, इंदौर क्षेत्र क्रमांक-1 से विधायक सुदर्शन गुप्ता, क्षेत्र क्रमांक-3 से विधायक उषा ठाकुर, पूर्व विधायक जीतू जिराती सहित अन्य नेता हालचाल के लिए शुक्रवार की सुबह इंदौर के महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय पहुंचे थे। पीडित बच्ची हाल ही में गंभीर सर्जरी के दौर से गुजरी है। उसे रिकवरी के लिए तीसरी मंजिल के सर्जीकल वार्ड में रखा गया है। मेडिकल हाईजीन और संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए ऐसे मरीजों को आईसोलेटेड वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां परिजन के अलावा बाहरी व्यक्ति को मरीज से मिलने के लिए खास तरह के नॉर्म्स फॉलो करना पडता है। रेप पीडिता से वार्ड में सार्वजनिक तौर पर मिलने से बच्ची की पहचान भी उजागर हो सकती है। इसलिए खास तौर पर सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा जाता है। रेप पीडिता के इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए सादी वर्दी में पुलिस भी वार्ड के बाहर तैनात की गई है। अस्पताल प्रशासन ने मीडिया पर भी रोक लगा रखी है। इस वार्ड में प्रवेश करने के लिए अस्पताल प्रशासन की अनुमति जरुरी है लेकिन नेताजी ने अनुमति लेना भी मुनासिब नही समझा। सांसद ने अस्पताल में ही मीडिया की मौजूदगी में मुलाकात की। नेताजी ने माता-पिता की पहचान को उजागर किया जो बेहद आपत्तिजनक है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के भी सख्त आदेश हैं। इसी कानून के चलते कई मामलों में रेप पीडिता की पहचान उजागर करने पर कोर्ट ने गंभीर आपत्ति लेते हुए सजा सुनाई है।