khuleaam chal raha satta pulis ke sanrakshan mein ?

दमोह-तेंदूखेड़ा नगर बना सट्टानगर पुलिस के संरक्षण एवं  मिलीभगत से खुलेआम चल रहा सट्टा तेंदूखेड़ा नगर में हर चौराहे पर सट्टा की पट्टी लगातार खुलेआम कट रही हैं एवं नगर के कई वार्डो में सट्टा ऐजेंट बैठे हुए हैं जो छोटे छोटे नाबालिग बच्चों युवाओं और महिलाओं को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं तेंदूखेड़ा नगर में कई ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ो मजदूर प्रतिदिन काम करने आते हैं जो अपनी मेहनत की कमाई सटोरियों के ऊपर कुर्बान करके ही जाते हैं जिससे सटोरियों का व्यापार फल फूल रहा हैं तेंदूखेड़ा नगर के युवा भी सट्टा कर्ज के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठा चुके है ? एवं अनेक युवाओं को नगर छोड़ने पर विवश होना पड़ा था नगर में 10%से40% तक सूदखोरी का धंधा भी चलता है नगर में कुछ सट्टा कंपनी भी सक्रिय है यदि कोई भी पुलिस से शिकायत करता है तो पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती एवं शिकायत करता का नाम भी पुलिस सटोरियों को बता देती हैं जिससे सटोरियों द्वारा शिकायत करता को परेशान कर विवाद की स्थिति निर्मित की जाती हैं नगर के सजग वर्गो द्वारा ऐसे अपराधों के खिलाफ पहल करना चाहिए जिससे नगर में शांति का वातावरण निर्मित हो सके और युवा बर्बाद होने से बच सके।

आलोक पांडेय
तेंदूखेड़ा