आखिर क्यों अब घर बैठे मिल सकेगा न्याय

विधिक सेवा प्राधिकरण की अनूठी पहल
दमोह-अदालतों में बढ़ते बेशुमार मामले और न्याय में होती देरी के चलते अब मध्यप्रदेश राज्य विधिक प्राधिकरण ने मध्यस्थता को आधार मानकर लोगों को घर बैठे न्याय दिलाने की अनूठी पहल शुरू की है ,इसके लिए नयायाधीश अब खुद ही दमोह के गाँव गाँव और कस्बों में जाकर लोगों में इस तरह की अलख जगाने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए हैं।


दमोह के दूरस्त ग्रामीण अंचलों में इन दिनों एक प्रचार वाहन लोगों को मध्यस्तता के ज़रिए सरल ,सस्ता,जल्द और आसानी से न्याय दिलाने की कोशिश में एक जागरूकता अभियान में मशगूल है,इस वाहन के ज़रिए नयायाधीश चौपालों के ज़रिए ये बताना चाह रहे हैं कि अगर

पक्षकारो के बीच अदालत में विवाद लंबे वख्त से चल रहा है तो नयायालय खुद मध्यस्तता की पहल कर उनके दरवाज़े जाकर सुलह कराने का माददा रखती है जिससे बिना दवाब के एक सद्भावना भरे माहौल में विवाद हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।



दरअसल नियायलयो में छोटे और सुलह योग्य मामलो की भरमार है और लगातार इनकी तादाद दिन व दिन बढ़ती जा रही है ! जागरूकता के आभाव में लोगों को सस्ता सुलभ और शीघ्र न्याय की मिल पाने की अवधारणा साकार नही हो पा रही है।अब नयायाधीश खुद ये अपील कर रहे हैं कि अगर जागरूक लोग और अधिवक्ता पहल करें तो टूटे रिश्तों को मध्यस्तता के ज़रिए जोड़कर एक महान यज्ञ में आहुति जैसा काम किया जा सकता है।



विधिक सेवा प्राधिकरण की इस अनूठी पहल से जहाँ घर बैठे न्याय मिल पाने की संभावनाओं को बल मिल रहा है वहीं समाज मे हिंसा,भेदभाव, अपराध और अराजकता से मुक्ति मिलने के रास्ते भी शांति के शिखर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं

आज के इस दौर में शांति के बारे में बात करने से ज़्यादा आपसी समझौतों पर यकीन कर इस तरह काम करना भी ज़रूरी है जिससे समाज मे बेहतर बदलाव लाया जा सके।

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