आखिर क्यों रुकमणी माता की मूर्ति वापस आने से गरमाई राजनीति ?

दमोह -दमोह विधायक राहुल सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया पर खुले आरोप लगाए और उन्होंने कहा है कि भाजपा के समय दमोह के कद्दावर मंत्री रुकमणी माता की मूर्ति लाने में असफल रहे क्योंकि इसके पीछे उनकी कुछ इरादे और थे ? उन्होंने कहा कि कांग्रेसी सरकार ने हमारे एक पत्र को संज्ञान में लेकर उस पर कार्यवाही कर रुकमणी माता की मूर्ति वापस लाने में पूरा समर्थन किया जिसमें केंद्रीय एवं संस्कृति मंत्री पहलाद पटेल का योगदान भी रहा उनका कहना था कि भाजपा की राज्य सरकार द्वारा जानबूझकर माता रुक्मणी को ना लाने के प्रयास किए गए जिससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई है? रुकमणी माता की प्रतिमा दमोह लाना मेरा लक्ष्य था और वह मैंने व सांसद के प्रयास में इसको हल भी किया |

उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी देना चाहिए कि आखिर क्यों उन्होंने अपनी सरकार के रहते हुए माता रुकमणी देवी की मूर्ति वापस नहीं ला पाए उन्होंने हिंदुओं की भावनाओं को अनदेखा किया है इसका जवाब उन्हें सार्वजनिक देना ही चाहिए ?

उन्होंने कहा कि सांसद पहलाद पटेल ने यह मुद्दा उठाया था लेकिन केंद्र सरकार का यह विषय नहीं था यह राज्य की सरकार के ऊपर निर्भर था और उस चर्चा के बाद उसके ऊपर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई क्योंकि राज्य में भाजपा की सरकार थी और अब कांग्रेस की सरकार आते ही अनुकूल परिस्थितियों में हमने रुकमणी देवी की मूर्ति वापस लाने के सार्थक प्रयास किए हैं

मैं उन सब का भी बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने इतने वर्षों के बीच में माता रुक्मणी देवी की मूर्ति लाने के लिए पैदल यात्रा की ,ज्ञापन दिया और भी अपने स्तर पर कई प्रयास किए और अब शीघ्र ही माता रानी का मठ तैयार होने के बाद उन्हें सा सम्मान वहां पर स्थापित किया जाएगा

विधायक द्वारा पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री पर खुले आरोप लगाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी मनीष तिवारी ने जानकारी दी कि मंत्री पहलाद पटेल के विशेष प्रयासों से दमोह में रुक्मणी मां की मूर्ति वापस आई है और इस को लेकर स्थानीय विधायक किस हद तक जा सकते हैं यह सभी के सामने हैं उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार अल्पमत में है और चुनाव कभी भी हो सकते हैं ? उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है? और उन्होंने जो पूर्व मंत्री पर आरोप लगाए हैं वह निराधार हो सरासर झूठ है क्योंकि पूर्व मंत्री द्वारा मूर्ति वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे परंतु केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया था

मीडिया प्रभारी ने कहां कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पटेरा में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भी उन्होंने रुकमणी माता की मूर्ति वापस लाने की बात की थी, क्योंकि यह सभी की आस्था का प्रश्न था और जन भावनाओं को समझते थे इसलिए माता रुक्मणी की मूर्ति लाने का एक ही मकसद था कि सभी की जन भावनाओं का सम्मान करना |

आखिर अब प्रश्न उठता है कि राजनैतिक गर्मा गर्मी में बात यहीं थम जाएगी या इसके अंदर की बातें भी सामने आएंगी कि यह चोरी किन परिस्थितियों में हुई थी ? और इस चोरी में कितने लोग शामिल थे? और वह कौन-कौन लोग शामिल थे ? और उस चोरी की घटना के बाद उस पर क्या कार्यवाही हुई ? और उसमें क्या सफलता मिल पाएगी या नहीं आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या इस मामले में खात्मा लग चुका है ? या — ऐसे बहुत से प्रश्न है जो जांच के विषय बने हुए हैं ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *