कोविड केयर सेंटर का एक अनूठा अनुभव..

दमोह :
आज जब हम (डॉ विशाल शुक्ला, और डॉ आशुतोष गुप्ता)राउंड लेने पहुँचे, तो कोविड केअर सेंटर (पॉलीटेकनिक )दमोह में कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने हमारा स्वागत ज़ोरदार तालियों से किया,त्योहार का माहौल बनाया,हमें राखियां बांधी…बोले- सिर्फ बहिन ही क्यों… भाई भी भाई को राखी बांध सकता है, एक बुजुर्ग मरीज ने मुझे जब राखी बांधी,तब मेरी आँखों मे आंसू थे,या पीपीई के कारण माथे से टपकती पसीने की बूंदे ,पता ही नही चला।
उन्होंने इस त्योहार के माहौल में खुद को पहली बार इस सिचुएशन में पाया, दोनों ही पक्ष एक दूसरे का मनोबल बढ़ा रहे थे उनमें से कुछ को हमारे पीपीई के अंदर होने वाली घुटन का शायद अंदाज़ा था,सो उन्होंने कार्यक्रम बिल्कुल तय समय मे निपटा लिया।
फर्क कुछ यूं था कि उन्होंने हमारी कलाइयों पर राखी बांधी,जिन पर ग्लव्स चढ़े हुए थे,और हमारे पास शगुन देने को उन्हें सिर्फ दवाइयां थी।दुख ये भी था,कि एक परिवार के 2 सदस्य वहां थे,जिन्होंने कुछ दिन पहले ही अपने घर के मुखिया को कोरोना में खो दिया,उनके लिये हमने 2 मिनिट का मौन भी रखा, फिर किसी ने नोटिस किया कि पूजा की थाली की जगह,हमारी स्टील ट्रे में bp इंस्ट्रूमेंट,पल्सऑक्सीमेटर, दवाएं,ग्लूकोमीटर वगैरह थे,और सब खिल खिलाकर हंस पड़े। हमने भी उन्हें बीमार न पड़ने देने का वचन दे ही दिया।

आखिर क्यों निर्भीकता के साथ फीवर क्लीनिक आना ?

दमोह : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्य्1 अधिकारी डॉ. तुलसा ठाकुर ने बताया कि कोरोना फैलाव रोकने के लिये फीवर क्लीनिक स्थापित किये गये हैं। बुखार, सर्दी-खांसी, श्वास लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब किये फीवर क्लीनिक में जांच कराई जाये। फीवर क्लीनिक की स्थापना आपके नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्दों में स्थापित किये गये हैं। बुखार होने पर घबरायें नहीं हर बुखार कोरोना का लक्षण नहीं होता।

सर्दी-खांसी बुखार जैसे लक्षण उभरने पर निर्भीकता के साथ बिना विलंब किये फीवर क्लीनिक में आयें, नि:शुल्क उपचार भी पायें। फीवर क्लीनिक में उक्तक लक्षणों वाले रोगियों की नि:शुल्को जांच एवं दवा देने के लिये अलग काउंटर स्थापित किये गये हैं। बच्चों एवं गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बुजुर्ग, उच्च् रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों का प्राथमिकता से उपचार किया जाता है। कोविड-19 के संदिग्धों की पहचान भी की जाती है। कोविड-१९ के लक्षण पाये जाने पर जांच तथा आवश्यकता अनुसार रिफरल की सुविधा भी उपलब्ध है।

कोविड-19 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिये राज्य हैल्पलाईन नंबर १०४ अथवा जिले में संचालित टेलीमेडीसिन केन्द्रों के मोबाईल नंबरों पर संपर्क कर आवश्य्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। कोरोना वायरस बचाव, उपचार-परामर्श हेतु टेलीमेडीसिन सेंटरो से सीधे संपर्क जिले में कोरोना वायरस बचाव, उपचार-परामर्श हेतु जिला ई दक्ष केन्द्र में टेलीमेडीसिन सेंटर स्थापित किये गये हैं। आमजनों की सुविधा के लिये ब्लाकवार नंबर भी आवंटित किये गये हैं। दमोह शहरी क्षेत्रों हेतु 9755285655 दमोह ग्रामीण क्षेत्र, ब्लॉक तेंदूखेडा और ब्लॉक पथरिया 8815992492, ब्लॉक पटेरा 8815508322, ब्लॉक हटा 8815984242, ब्लॉक जबेरा 8815989025 नंबर स्थापित किये गये है।

आखिर क्यों जिला मजिस्ट्रेट को करना पड़ा नया आदेश ?बाजार के टाइम में व्यापक फेरबदल

कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को कम करने ’’सामाजिक दूरी’’ बनाए रखने की
गहन आवश्यकता –जिला मजिस्ट्रेट तरूण राठी
समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्णतः बंद रहेंगे

मात्र किराना, पशु आहार दुकाने, आटा चक्की, बीज, उर्वरक/कीटनाशक विक्रय हेतु अधिकृत प्रतिष्ठान प्रातः 08 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुले रहेंगे
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत न्यायालयीन संशोधित आदेश जारी
दमोह :
राज्य शासन द्वारा संपूर्ण राज्य के लिए कोरोना वायरस को संक्रामक रोग घोषित किया गया है। दमोह के समीपस्थ जिलों में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है, जिसे दृष्टिगत रखते हुये दमोह जिले में रोक-थाम के अन्य उपाय किया जाना आवश्यक है। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को कम करने ’’सामाजिक दूरी’’ बनाए रखने की गहन आवश्यकता को देखते हुये जिला मजिस्ट्रेट तरूण राठी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत न्यायालयीन संशोधित आदेश 24 अप्रैल 2020 तथा 19 अप्रैल 2020 में संशोधन किया है।
संशोधित आदेश में दमोह जिले के समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्णतः बंद रहेंगे । मात्र किराना, पशु आहार दुकाने, आटा चक्की, बीज, उर्वरक/कीटनाशक विक्रय हेतु अधिकृत प्रतिष्ठान प्रातः 08 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुलने की छूट रहेगी । स्वरोजगारी व्यक्तियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवायें जैसे इलेक्ट्रीशियन, आई.टी. मरम्मत, प्लंबर, मोटर मैकेनिक और बढ़ई को मात्र घर पर रह कर कार्य करने की अनुमति रहेगी ।
कार्यालयों हेतु निजी सुरक्षा एजेंसियां व आउटसोर्स ऐजेन्सी के कर्मचारियों, बैंक, शाखाओं, ए.टी.एम., बैंकिंग करस्पोंडेन्ट, बीमा कंपनी कार्यालय, मीडिया, कोरियर, ई-कामर्स, गैस ऐजेंसी, पेट्रोल पंप, कोरियर सेवायें, वेयरहाउस, कोल्डस्टोरेज, दुग्ध केन्द्र, सार्वजनिक उचित मूल्य की दुकानों प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी ।
इसी प्रकार अखबार बेण्डर को सुबह 09.30 तक अखवार बांटने की अनुमति रहेगी, दुध विक्रेता दोपहर 12 बजे तक दूध विक्रय कर सकेंगे, फल-सब्जी मात्र हाथठेलों द्वारा/फेरी लगाकर ही विक्रय की जायेगी । थोक मंडियों के खुलने के समय निर्धारण तथा राजमार्गों पर ट्रक मरम्मत दुकाने तथा ढावे चिन्हित कर खोलने के संबंध में संबंधित अनुविभागीय मजिस्ट्रेट अधिकृत रहेंगे । अत्यावश्यक वस्तुओं की होम डिलेवरी की सुविधा प्रतिबंध से मुक्त रहेगी ।
न्यायालयीन आदेश 19 अप्रैल 2020 के बिन्दु क्रमांक-09 में उल्लेखित सभी प्रकार की शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य सुविधायें यथावत रहेंगी । दवाईयों की दुकाने पूर्व की भांति प्रतिदिन दिनभर खुली रहेगीं। आदेश में किसी क्षेत्र विशेष के लिये यदि कोई अनुविभागीय मजिस्ट्रेट परिवर्तन करना चाहें तो वह इसके लिये अधिकृत होंगे । शेष प्रतिबंध तथा प्रभावी दिनांक यथावत रहेंगे ।

कहां लगेगा बिना गेट पास के पाए जाने पर ₹100 जुर्माना

जिला अस्पताल में भर्ती मरीज के साथ अधिकतम 2 लोग रूकने की अनुमति
अन्य परिजनों को मुलाकात की अनुमति नहीं

अस्पताल परिसर में थूंकना अपराध
दमोह :
कोरोना वायरस एपिडेमिक/महामारी से बचाव के संदर्भ में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने जनहित में एडवाईजरी जारी की है।
उन्होंने आमजन से कहा है चिकित्सालय में भर्ती मरीज के साथ सिर्फ एक ही परिजन को रूकने तथा गंभीर रूप से भर्ती मरीज के साथ अधिकतम दो लोगों को रूकने की अनुमति होगी। मरीजों के अन्य परिजनों, रिश्तेदारों आदि को व्यवहारिक मुलाकात करने की अनुमति नहीं होगी, अस्पताल परिसर में थूंकना अपराध घोषित किया गया है। तय स्थान पर वाहन पार्क नहीं होने की दशा में नियमानुसार यातायात पुलिस को कार्यवाही हेतु सूचित किया जायेगा।
उन्होंने कहा जिला चिकित्सालय परिसर में बिना गेट पास के पाये जाने पर 100 रूपये जुर्माना बसूल किया जायेगा एवं कोविड-19 एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही भी की जायेगी। कोरोना वायरस महामारी, एपिडोमिक के समय एपिडेमिक एक्ट एवं केन्द्र सरकार की सोशल डिस्टेंसिंग की अधिसूचना जारी है, को नहीं मानने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

कोरोना महामारी में आयुष विभाग का सराहनीय योगदान


दमोह //करोना वायरस के दृष्टिगत जहां संपूर्ण देश में इसकी रोकथाम के प्रयास जारी किए जा रहे कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं 24 घंटे कर्मचारी अधिकारी मौजूद रहकर इस कार्य को अंजाम दे रहे और कई कई क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं कई कर्मचारी अधिकारी तो ऐसे हैं जो अपने परिवार को छोड़कर जनसेवा के लिए लगे हुए

हैं इसी क्रम में आयुष विभाग द्वारा भी स्थानीय वैशाली नगर में घर घर जाकर लोगों के लिए कोरोनावायरस से बचाव की जानकारी दी गई काढा के पैकेट बांटे गए खाली पेट इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने की दवाई दी गई इसके अलावा अन्य दवाइयां भी

वितरित की गई और बचाव के उपयोग के गुण समझाएं गए जहां रवि प्रकाश गोस्वामी ने सोशल डिस्टेंस की बात समझाई कि सबसे अच्छा बचाव है कि उचित दूरी बनाकर रखें जिससे कि कराना वायरस की चेन टूट सकें वही सुरेश पंडित जी ने इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने की दवाई के बारे में

विस्तार से समझाया वही संजीव लैंबर्ट ने काढ़ा बनाने की विधि का उपयोग कैसे करना है उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई वही अजय हजारी प्रेम शंकर राय श्याम खत्री घनश्याम पाठक चिंटू दुबे लवली मिश्रा

ने भी कोरोनावायरस के किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की और कहा कि वैशाली नगर में किसी भी प्रकार की समस्या के लिए हमेशा अपनी

सहभागिता निभाने के लिए तत्पर हैं स्थानीय लोगों ने घनश्याम पाठक आयुष विभाग का और इस कार्य में लगे हुए पूरी टीम के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया

हरे माधव परमार्थ सत्संग समिति द्वारा की जा रही मानव सेवा


दमोह :
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश अहिरवाल एवं सिंधी पंचायत अध्यक्ष अनिल कोटवानी द्वारा हरे माधव दरबार दमोह में हरे माधव परमार्थ सत्संग समिति सदस्यो के साथ सेवा कार्य किया गया एवं उन्होंने सतगुरु के श्री चरणों मे नमन अर्पण भी किया ।
सेवादार भाइयों और बहनों की सेवा देख उन्होंने कहा हम सब के जीवन मे ऐसा मौका पहली बार आया हैं कि ऐसी महामारी के चलते हम सब एकजुट होकर मानव सेवा कर रहे हैं आप और हम धन्य हैं जो हमको ऐसी सेवा करने का सौभाग्य मिल रहा है, साफ सफाई और सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन किया जा रहा है।
समिति द्वारा प्रतिदिन 113 पैकेट प्रशासन को दिए जा रहे हैं एवं उसके अलावा जरूरतमंदों के घरों में जाकर भी 100 पैकेट भोजन के पैकेट दिए जा रहे है, और पुलिस चेक पॉइंट्स पर जाकर पुलिस प्रशासन को चाय नाश्ता प्रदान किया जा रहा हैं।

अच्छी खबर बटियागढ़ में खरीदी कार्य शुरू किसान शासन की व्यवस्था से हो रहे संतुष्ट, किया जा रहा सोशल डिस्टेंस का पालन


दमोह :
कोरोना महामारी को धयान में रखते हुए जिले के सभी किसानों को गेंहू की तुलाई हेतु एसएमस के द्वारा अवगत कर रही है जिले में खरीदी केन्द्र बनाये गए है इसी कड़ी में बटियागढ़ में 2 खरीदी केन्द्र जिनमे बटियागढ़ खरीद केंद और निवोरा खरीद केन्द बनाये गए हैं।
एस एम एस प्राप्त होने के बाद किसान अपना अनाज खरीदी केन्द्र ला रहे है। इसी कड़ी में आज केन्द्र ग्राम सरिया के किसान मोहन सिंह ने बताया कल एस एम एस मिला था आज 7 किवटल गेहू लाये है, जिसकी तुलाई हुई शासन की इस व्यवस्था से हमारा अनाज की बिना किसी परेशानी तुलाई हो रही है। इसी प्रकार निवोरा खरीदी केंद पर अनाज लेकर आये ग्राम भियाना के किसान सुदाम पटेल ने बताया शासन की इस नई व्यवस्था से सरलता से तुलाई हो रही है इस व्यवस्था से सभी किसानों को अपने अनाज की तुलाई सरलता से जाएगी, यह भी कहा हम किसान शासन की व्यवस्था से संतुष्ट हैं।

लाक डाउन में चाय नाश्ता से लेकर खाने तक का इंतजाम कर रहे हैं स्वागत है इनका

दमोह कॅरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु किए गए लाक डाउन में गरीब मजदूर असहाय परिवारों की देखरेख करने में बहुत सी संस्थाएं और बहुत से आम लोग इनके सहयोग करने के लिए आगे आए हैं जो इन परिवारों के लिए चाय नाश्ता भोजन की व्यवस्था में अपना पूरा दिन सेवा में लगाए हुए हैं सुबह से इनकी तैयारी दोपहर तक चलती है और दोपहर के बाद यह है शहर के बाईपास बाहर मुख्य चौराहों पर जाकर जरूरतमंद लोगों को यह सब जरूरत का सामान बांटते हैं दोस्तों हम बात कर रहे हैं शहर के राहुल टंडन उम्मु यादव राजेश सभनानी मयंक छाबड़ा संतोष अग्रवाल ऋषभ जैन जैसे अनेक कलमठ निष्ठावान लोगों की और उनकी मित्र मंडली की जिन्होंने लॉकडाउन के समय से निरंतर यह धर्म अपना रखा है तो आइए उन से चर्चा के कुछ खास अंश आपके सामने प्रस्तुत है

सुबह से इनकी तैयारी दोपहर तक चलती है और दोपहर के बाद यह है शहर के बाईपास बाहर मुख्य चौराहों पर जाकर जरूरतमंद लोगों को यह सब जरूरत का सामान बांटते हैं दोस्तों हम बात कर रहे हैं शहर के राहुल टंडन  उम्मु यादव राजेश सभनानी मयंक छाबड़ा संतोष अग्रवाल ऋषभ जैन रविश रोबिनसन  जैसे अनेक

निष्ठावान लोगों की और उनकी मित्र मंडली की जिन्होंने लॉकडाउन के समय से निरंतर यह धर्म अपना रखा है तो आइए उन से चर्चा के कुछ खास अंश आपके सामने प्रस्तुत है दोस्तो आप सभी के साथ और सहयोग से कोरोना की आपदा से लड़ने के लिए कलेक्टर महोदय के आह्वान पर हम सब ने मिल कर 26 मार्च से  100 पैकेट

भोजन 14 अप्रेल  2020 तक   प्रतिदिन उपलब्ध कराने का हमने संकल्प लिया था शुरूआत हम कुछ मित्रो ने की फिर आप सब जुड़ते गए और आवश्यकता अनुसार हम सब ने वो सब निर्णय लिए जो मानवता के हित में थे कुछ मुश्किलें भी आई पर आप सभी के स्नेह आशीष एवम सहयोग से हम सबने न सिर्फ भोजन बल्कि चाय नाश्ता

बिसकिट्स पानी सेनेटआइज़र मास्क सभी चीजें जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जो कि आप सबके सहयोग के बिना कभी संभव न था इसके लिए आप सभी का आभार दिल से धन्यवाद एवम साधुवाद इन सब प्रयासों की एक झलक आपको चित्रो के माध्यम से सांझा कर रहा हूँ

जैसा कि आप सब जानते है कि लॉक डाऊन 3 मई तक बढ़ गया है पहले भोजन मजदूरो के लिए आवश्यक था  अब आवश्यकता उन दिन दिहाड़ी मजदूरों की है जो रोज कमाते खाते है   इसका आह्वान  हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी, माननीय मुख्यमंत्री जी , विधायक जी, कलेक्टर महोदय एवम sdm सर की तरफ से किया गया है l

 हम सभी प्रयासरत है हमारी सेवाएं जो लगातार चल रही है चलती रहेगी

अच्छी पहल.. आखिर क्यों जिला प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं मिलकर लड़ेगीं कोरोना से जंग,CICM ने भी क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए खोले आठ रूम,MICS ने चार CAPAP मशीनें जिले को कराई उपलब्ध

दमोहः देश ,प्रदेश के साथ दमोह जिला प्रशासन भी कोरोना वायरस को लेकर गंभीर है, भले ही दमोह में  अभी तक एक भी पॉजिटिव मरीज ना पाया गया हो लेकिन जिला प्रशासन कोई भी कोताही बरतना नहीं चाहता। इसमे अच्छी ख़बर ये निकलकर आई है । कि दमोह जिला प्रशासन और जिले की सामाजिक संस्थाये मिलकर इस महामारी से मुकाबला करने तैयार है । दमोह की प्रमुख सामाजिक संस्थाए भी जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस महामारी से मुकाबला करने मैदान में आ गई है

जैसे जैसे कोरोना अपने पैर पसार रहा है उसी रफ्तार से प्रदेश के साथ साथ दमोह जिला प्रशासन भी चौकस और सतर्क होता जा रहा है कोरोना दमोह से महज 75 किलोमीटर की दूरी पड़ोसी जिला सागर तक पहुच गया जिसको लेकर जिला प्रशासन कोरोना को रोकने में कोई कोरकसर छोड़ना नही चाहता दमोह कलेक्टर तरुण राठी ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए हर मोर्चे पर अपनी टीम तैयार कर रखी है जिसमें जिले के डॉक्टर, पुलिसकर्मियों, और जिले की प्रमुख सामाजिक संस्थाए इस वक़्त सब एक होकर इस जान लेवा बीमारी से मुकाबला करेगी हाल ही में सामाजिक संस्था मिड इंडिया क्रिश्चियन मिशन एम आई सी एस के डारेक्टर राजकमल डेविड लाल ने चार CPAP मशीने  दमोह जिले वासियों को उपलब्ध करा दी जिसमें एक मशीन जिला अस्पताल ,2 मशीनें मिशन हॉस्पिटल को और एक मशीन पुलिस अस्पताल को डोनेट

की है। यह मशीन मरीज़ को फेफड़ो के इन्फेक्शन या सांस लेने में तकलीफ होने पर सांस लेने में मदद करती है आम बोलचाल की भाषा में इसको मिनी वेंटिलेटर भी कहा जाता है। जो  एम आई सी एस मिड इंडिया क्रिस्चियन सर्विसेज के सौजन्य से CPAP मशीन अस्पताल को डोनेट की है इसी के साथ संस्था बड़ी संख्या में मास्क भी पुलिसकर्मियों को बनबाकर दे रही है कुल मिलाकर कहा जाए दमोह में एक साथ चार CPAP मशीनें उपलब्ध है अगर कोई भी गंभीर मरीज मिलता है तो उसे तुरंत इलाज के लिए जिला प्रशासन तैयार है ,वहीं दूसरी तरफ आधातशिला संस्थान के

डारेक्टर समाज सेवी डॉ अजय लाल ने भी दमोह जिले की सीमा से लगे मुरड़ गांव में बने अपने कैंपस के आठ कमरे क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए खोल दिये जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन लगातार जगह तलाशने में जुटा है क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए ताकि अगर जिले में कहीं भी कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया जाता है तो उन्हें रखा जा सके जिसका मुआयना खुद दमोह पुलिस कप्तान हेमंत चौहान ने  डॉ

अजय लाल के मुरड़ गांव में बने कमरों का निरीक्षण किया इस अवसर पर एस पी हेमन्त चौहान ,डॉ लाल के अलावा एडिशनल एस पी विवेक लाल, रक्षित निरीक्षक रविकांत शुक्ला मजूद रहे । एस पी हेमन्त चौहान के अनुसार अभी जगह तलाश कर रहे है ताकि कोरोना पॉजिटिव  अगर पाया जाता है तो उसे किसी अलग स्थान पर रखकर इलाज दिया जा सके वही डॉ अजय ने बताया  हमारे जिले के पुलिस कप्तान दमोह

में क्वारंटाइन सेंटर के लिए जगह तलाश कर रहे है मुझे जानकारी मिली हमने भी अपने मुरड़ क्षेत्र में बने कमरों को दिखाया उन्होंने कहा ईश्वर ना करे हमारे यहाँ कोई मरीज मिले लेकिन फिर भी अगर मरीजों को रखने की जरूरत पड़ती है तो हमारे आठ

कमरे उपलब्ध है जो दमोह से दूर स्वच्छ वातावरण में क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए हमारे कमरे तैयार है। समाजिक संस्थाओं के सहयोग और पहल के लिए जिले के मुखिया कलेक्टर तरुण राठी ने भी संस्थाओं का आभार माना। कुल मिलाकर कहा जाए दमोह प्रशासन और जिले की सामाजिक संस्थाये साथ मिलकर कर इस नाज़ुक वक़्त में किसी भी परिस्थितियों का सामना करने तैयार है

इम्तियाज़ चिश्ती दमोह

आखिर क्यों आजीविका मिशन दमोह बना रहा डाक्टर्स के लिए सुरक्षा कवच स्व सहायता समूहों की महिलाएं बना रहीं मास्क, सेनेटाइजर, पी पी ई किट और कोरोना सेफ्टी सूट

दमोह : कोराना वायरस से बचाव के लिए सम्पूर्ण देश मे अपने-अपने स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। विभिन्न प्रकार की शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाएं सहायक सामग्रियों की आपूर्ति हेतु दिन रात मेहनत कर रहीं हैं तथा अस्पताल प्रबंधन को सुरक्षा उपकरण और संदर्भ सामग्री की आपूर्ति और फील्ड वर्कर्स को वांछित सुरक्षा सामग्री की कमी से दो चार होना पड़ रहा है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए दमोह जिले मे जिला प्रशासन ने समस्त आवश्यक प्रबंधन में सारी शक्ति झोंक दी है और प्रयासों की इसी कड़ी में शामिल है, आजीविका मिशन के माध्यम से वायरस के रोकथाम हेतु आवश्यक सहायक सामग्री जैसे काटन बेस्ड वाशेबिल थ्री प्लाई मास्क, सेनेटाइजर, पी पी ई किट और कोरोना वायरस सेफ्टी सूट, फील्ड वर्कस हेतु सेफ्टी गाउन जैसी सहायक सामग्रियों का निर्माण और आपूर्ति। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर तरुण राठी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश मिश्रा के प्रयासों से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती तुलसा ठाकुर और सिविल सर्जन श्रीमती ममता तिमोरी के तकनीकी निर्देशन तथा जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम के प्रबंधन मे आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह उक्त सामग्रियां तैयार कर रहे हैं।

       थ्री प्लाई सर्जिकल मास्क: जिले में कुल 16 केन्द्रों में 72 स्वसहायता समूहों की 156 सदस्याएं निरंतर सर्जिकल मास्क बनाने का कार्य कर रहीं हैं। काटन बेस्ड फेब्रिक पर तैयार किए जाने वाले वाशेबिल मास्क की लागत लगभग छः रु. आती है और 10 रु. में जन सामान्य एवं विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 90 हजार से अधिक मास्क स्वसहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार कर विक्रय किए गए हैं जिसके माध्यम से लगभग 90 हजार लोगों को सीधे ही सस्ते एवं सुलभ मास्क प्राप्त हो सके एवं 156 दीदियों को दस बारह दिनों मे 3 से 4 हजार रु. की आय घर बैठे हो चुकी है।

       सेनेटाइजर: जिले के दमोह विकासखण्ड में चार स्वसहायता समूहों की 22 सदस्याएं सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र मे सेनेटाइजर निर्माण का कार्य कर रहीं हैं। सेनेटाइजर निर्माण हेतु वल्र्ड हैल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा सुझाए गए फार्मूले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तकनीकी मार्गदर्शन दे रहीं है। सेनेटाइजर निर्माण हेतु प्रमुख अवयव एथिल एल्कोहल (स्प्रिट) जिला प्रशासन के सहयोग से आबकारी विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया एवं अन्य समस्त रसायन जैसे हाइड्रोजन पैराक्साइड, ग्लिसरोल, रोज वाटर आदि स्थानीय मेडिकल स्टोर्स से प्राप्त की गईं।

       स्वसहायता समूहों द्वारा अब तक 3000 लीटर अर्थात लगभग 45 हजार शीशियां तैयार करके जिला चिकित्सालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायतों एवं मिशन अस्पताल सहित जन औषधि केन्द्र के माध्यम से जन सामान्य को उपलब्ध कराई गईं हैं। एक लीटर सेनेटाइजर तैयार करने मे 200 रु. की लागत आती है और समूह द्वारा 05 लीटर पैकिंग 280 रु. प्रति लीटर एवं विभिन्न साइज की पैकिंग में 350 रु. प्रति लीटर की दर से विक्रय किया जाता है इस प्रकार स्वसहायता समूहों द्वारा तीन लाख से अधिक राशि अर्जित की गई है और जन सामान्य को सस्ते एवं गुणवत्ता युक्त सेनेटाइजर सुलभ कराए गए हैं।

       पी पी ई किट: आजीविका मिशन के जिला स्तरीय सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र मे स्थापित की गई कार्यशाला में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमैण्ट्स (पी पी ई ) किट तैयार की जा रहीं हैं। मिशन द्वारा तैयार किट में शामिल हैं सर्जन किट जो कि 90 जी एस एम के नान वावेन फेब्रिक पर तैयार की जा रही है। किट में शामिल है लांग गाउन, हैड हुड, शूज कवर, सिंगल पेयर पैंकिंग ग्लब्ज, सर्जिकल मास्क और जीरो पावर का चश्मा। मिशन द्वारा उक्त किट मात्र तीन सौ रु. में तैयार की गई और चिकित्सकीय अमले को उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिशन के पास मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दमोह से 400 नग जिला चिकित्सालय से 300 नग, जिला चिकित्सालय भोपाल से 300 नग आर्मी होस्पीटल सागर से 300 नग सहित मिशन हास्पीटल एवं अन्य प्रायवेट हास्पीटल से 500 नग पी पी किट के क्रय आदेश दिए गए हैं। एक पी ई किट तैयार करने मे लगभग 280 रु. की लागत आती है जिसे 300 रु. की दर पर चिकित्सालयों एवं डाक्टर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है।

       कोरोना प्रोटेक्शन थ्री लेयर सूट: सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डाॅ ममता तिमोरी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. दिवाकर पटेल के निर्देशन मे मिशन द्वारा कोरोना वायरस से सुरक्षा हेतु थ्री लेयर का फुल बाडी कवर सूट तैयार किया गया है। उक्त सिंगल पीस सूट में अन्दर और बाहर की परत में 90 जी एस एम नान वावेन फेब्रिक का उपयोग किया गया है और दोनो परत के बीच मे एक परत प्लास्टिक की डाली गई है और चेहरे को कवर करने हेतु प्लास्टिक के पारदर्शी शीट से फेस कवर शील्ड बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि उक्त तीन परत सुरक्षा वाले सूट जिसमें बीच में प्लास्टिक शीट डाली गई है, के माध्यम से वायरस संक्रमण की संभावना न्यूनतम हो जाती है। विभिन्न चिकित्सालयों द्वारा कोरोना प्रोटेक्शन थ्री लेयर सूट की 2000 से अधिक की मांग आ चुकी है जिसमें से 400 की पूर्ति की जा चुकी है। एक सूट को तैयार करने मे लगभग 650 रु. की लागत आती है जिसे 700 रु. में डाक्टर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है।

       लाँग गाउन- मिशन की महिलाओं द्वारा काटन बेस्ट वाशेबिल फेब्रिक पर लाँग गाउन तैयार किए गए हैं जिसके साथ हेड कवर भी है। उक्त गाउन फील्ड वर्कर्स के लिए उपयोग में आ रहे हैं। इन गाउन्स का फायदा यह  है कि इनसे पूरा शरीर ढंक जाता है और अंदर के कपड़ों तक संक्रमण नही पहुंचता है कर्मचारी शाम को घर पहंुचने पर बाहर ही उक्त गाउन उतार कर घो सकता है जिससे संक्रमण की संभावना को कम किया जा सकता है।

       अन्य जिलों को भी आपूर्ति: आजीविका मिशन द्वारा न केवल दमोह जिले के विभिन्न विभागों को सहायक सामग्रियों की आपूर्ति की गई बल्कि अन्य जिलों को भी सहयोग किया गया है। भोपाल जिले में 300 पी पी ई किट, सागर जिले मे आर्मी हास्पिटल मे 300 किट सतना जिले में 500 किट नरसिंहपुर जिले में यूनियन बैक आफ इण्डिया के लिए 50 लीटर सेनेटाइजर एवं 300 नग मास्क आदि की आपूर्ति की गई है।

       कोरोना की महामारी से निपटने में मुख्य आवश्यकता मास्क और सेनेटाइजर्स की आपूर्ति की थी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. गिरीश मिश्रा के मार्गदर्शन मे आजीविका मिशन को उक्त आपूर्ति हेतु समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई। आजीविका मिशन के प्रयासों से जिले में मास्क और सेनेटाइजर्स की आपूर्ति निरंतर बनी रही जिससे विभिन्न विभागों को आसानी से उपलब्धता हो सकी एवं जन सामान्य को सस्ते मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध होने से काला बाजारी पर रोक लग सकी। मिशन के स्टाफ ने आगे बढ़कर पी पी ई किट जैसी सामग्रियों का भी निर्माण किया जो कि न केवल जिले के अस्पतालों की कमी को पूरा कर पाया बल्कि समूह की महिलाओं की आजीविका में भी सहायक सिद्ध हुआ।

       डा. गिरीश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी- जिला पंचायत: जिला प्रशासन कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए प्रमुख आवश्यक सामग्रियों जैसे सेनेटाइजर्स और मास्क की आपूर्ति को लेकर चिंतित था लेकिन मेरे साथ आजीविका मिशन की टीम ने स्वसहायता समूहों की 200 से अधिक महिलाओं के सहयोग से उक्त आपूर्ति को बनाए रखा और जिले ने कमी की समस्या से निजात पाई। बरिष्ठ डाक्टर्स के मार्गदर्शन में मिशन की महिलाओं ने कोराना सेफ्टी सूट जैसी किट तैयार कर मिशाल कायम की और लाक डाउन की विषम परिस्थिति में मिशन के स्टाफ और स्वसहायता समूहों की सदस्याओं ने बेहतर प्रयास किए जिसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं । 

       डा. तुलसा ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी: जिले मे चिकित्सा अमला विभिन्न सामग्रियों की कमी से परेशान था हमारे फील्ड वर्कर्स को ड्यूटी के दौरान संक्रमण से बचाने की चिंताएं भी थी। जिला प्रशासन के सम्मुख जब हमने उक्त चिंताएं व्यक्त कीं तो प्रशासन द्वारा आजीविका मिशन के सहयोग से पी पी ई किट, कोरोना सेफ्टी सूट और लोंग गाउन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है निश्चित रुप से उक्त प्रयासों से हमें चिकित्सकीय कार्य में सहयोग मिल पा रहा है।

       डा. ममता तिमोरी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक: हमारा चिकित्सालय कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु काफी चिंतित है और चिकित्सक किसी बेहतर सुरक्षा उपकरण की तलाश में थे, वरिष्ठ चिकित्सक श्री दिवाकर पटेल ने आजीविका मिशन के डी पी एम श्री श्याम गौतम को कोरोना सेफ्टी सूट के बारे मे चर्चा की और उनके समूहों के सहयोग से थ्री लेयर फुल बाडी कवर सूट तैयार किया गया जो कि संक्रमण से बचाव मे काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकता है।

       ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के 01 अप्रेल के ट्विटर वाल पर म.प्र. के स्वसहायता समूहों की दीदियो के सेनेटाइजर्स और फेस मास्क बनाने के प्रयासों की सराहना की गई। उक्त ट्वीट के साथ शेयर की गईं समस्त फोटो आजीविका मिशन दमोह की हैं। मिशन मे दिनरात आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में जुटीं दींदियां निश्चित रुप से उक्त पहचान पाने पर उत्साहित हुईं और दोगुनी क्षमता से निर्माण कार्य में जुट गईं हैं। कोरोना महामारी से संघर्ष मे म.प्र. राज्य आजीविका मिशन के स्टाफ और स्वसहायता समूह की दीदियों ने जिस लगन और परिश्रम से सहयोग किया है वह इस विषम परिस्थिति में शासन प्रशासन और जन सामान्य के लिएं संजीवनी साबित हो रहा है।