महाशिवरात्र पर्व पर जागेश्वर धाम में उमडी भीड

bandakpurलाखों श्रद्धालुओं द्वारा किया जा रहा अभिषेक
महाशिवरात्रि पर्व पर दमोह के विश्व प्रसिद्ध मंदिर जागेश्वर धाम बांदकपुर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड भगवान शिव का अभिषेक करने पहुंच रही है ऐसा नहीं है कि श्रद्धालु आज ही यहां पहुंचे हो यहां पर करीब एक सप्ताह से श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है और आज यहां करीब एक लाख श्रद्धालु यहां स्वयंभू भगवान जागेश्वर नाथ का अभिषेक करने पहुंचेगे।
स्वयंभू भगवान जागेश्वरनाथ का यह शिवलिंग कितना प्राचीन है यह किसी को नही पता लेकिन बुजुर्गो की माने तो यहां पर शिवलिंग हर वर्ष लगातार बढता था जिसे रोेकने के लिये विधिविधान के साथ शिवलिंग के शीश पर कील ठोकी गयी जब कहीं जाकर शिवलिंग का बढना रूका।
आज साधु संतों का ढेरा यहा जुडा है और श्रद्धालु इनके सानिध्य में भगवान जागेश्वर का अभिषेक कर रहे है।

ओंकारेश्वर से हनुवंतिया तक विकसित होगा जल-मार्ग

CM-Hanu-Tapuपर्यटन स्थल हनुवंतिया को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी

भोपाल :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जल-महोत्सव हनुवंतिया में बोरियामाल टापू का सपत्नीक भ्रमण कर वहाँ पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावना पर पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर से हनुवंतिया और सिंगाजी तक जल-मार्ग तथा टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक श्री हरिरंजन राव, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वनसंरक्षक और अधिकारी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हनुवंतिया में पर्यटन संबंधी विकास कार्यों में स्थानीय ग्रामीणों को भी रोजगार देने का ध्यान रखा जाये। क्षेत्रीय ग्रामीणों को पास के आईटीआई में तकनीकी प्रशिक्षण दिलवाकर हनुवंतिया में ही पर्यटन निगम के कार्यों एवं अन्य संस्थाओं में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा।

हॉट एयर बलून की सवारी की

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हनुवंतिया में सपत्नीक हॉट एयर बलून की सवारी का लुत्फ उठाया। उन्होंने वहाँ आने वाले पर्यटकों से हनुवंतिया में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। पर्यटकों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से हाथ मिलाया और मुख्यमंत्री के साथ मोबाइल से सेल्फी भी ली।

टापुओं पर पर्यटकों के मनोरंजन के होंगे इंतजाम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले पाँच साल में हनुवंतिया के आसपास इस तरह विकास कार्य किये जायेंगे कि इस क्षेत्र की तस्वीर ही बदल जायेगी। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आसपास के टापुओं पर भी पर्यटकों को सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि जो टापू वन विभाग के अधीन है उसे इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जायेगा। जो टापू पर्यटन विभाग के अधीन है वहाँ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हर टापू पर कुछ न कुछ विशेष व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि टापू पर पानी का पुराना जहाज रखवाकर पर्यटकों को आकर्षित किया जायेगा, तो किसी टापू पर झूले आदि की व्यवस्था कर पर्यटकों को लुभाया जायेगा।

विश्व का सबसे सुन्दर पर्यटक स्थल बनेगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हनुवंतिया विश्व का सबसे सुन्दर स्थल बने इसके लिए यहाँ भरपूर संभावनाएँ है। हनुवंतिया में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नर्मदा के बेकवाटर का अथाह जल, भरपूर वन एवं वन्य जीव उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ओंकारेश्वर से हनुवंतिया एवं सिंगाजी तक जल-मार्ग तथा टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जायेगा ताकि पर्यटक जब ज्योर्तिलिंग के दर्शन करने ओंकारेश्वर आये तो जल-मार्ग से हनुवंतिया एवं संत सिंगाजी की समाधि के दर्शन भी कर सकें।

हनुवंतिया क्षेत्र का तेजी से होगा विकास

CM-Hanuwantiya-ruralभोपाल :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हनुवंतिया एवं पुरनी गाँव के ग्रामीणों से चौपाल पर चर्चा की। उन्होंने जल-महोत्सव स्थल के नजदीक बसे गाँव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी तथा उनकी माँग पर हनुवंतिया में माध्यमिक विद्यालय खोलने और नवीन माध्यमिक विद्यालय भवन की स्वीकृति दी। हनुवंतिया की पेयजल समस्या के निदान के लिए गाँव में एक अतिरिक्त ट्यूबवेल तथा मोटर लगवाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने ग्राम पुरनी में चौपाल चर्चा में गाँव में हाई स्कूल एवं पेयजल योजना की क्षमता बढ़ाकर पेयजल के लिए फिल्टर प्लांट की भी मंजूरी दी।

आदिवासी कन्या के विवाह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुरनी में एक आदिवासी कन्या आरती के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने पुरनी के सभी वास्तविक गरीबों के नाम से बीपीएल कार्ड जारी करने तथा गरीब परिवारों की सूची में उनके नाम जोड़ने एवं अपात्र लोगों के नाम हटाने के लिये एक बार पुनः सर्वे करने को कहा। उन्होंने इसके लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये।

इस दौरान पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री हरिरंजन राव, कमिश्नर इंदौर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कलेक्टर सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी उनके साथ थे।

तीन बार किया हनुवंतिया का दौरा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हनुवंतिया पर्यटक स्थल के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके लिए वे स्वयं प्रयासरत हैं। एक माह में तीन बार हनुवंतिया का दौरा करने से न केवल प्रदेश बल्कि देश तथा विदेश में भी हनुवंतिया टूरिस्ट सेंटर का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ है। श्री चौहान ने कहा कि हनुवंतिया में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर और उनकी आय के साधन भी बढ़ेंगे। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शक्कर, गेहूँ, चावल और नमक के वितरण की जानकारी ली।

नैतिक का उपचार करायेगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हनुवंतिया में सपत्नीक बैलगाड़ी की सवारी की। बैलगाड़ी हाँकने वाले पंढरी सिंह भिलाला निवासी जलकुँआ मुख्यमंत्री से मिला तथा उनके साथ फोटो निकलवाया। पंढरी ने मुख्यमंत्री से अपने 3 वर्षीय पौते नैतिक को मिलवाया तथा उसके जले चेहरे और अन्य अंगों की प्लास्टिक सर्जरी करवाने में सहायता की माँग की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन्दौर भेजकर नैतिक का उपचार राज्य सरकार के खर्चे पर करवाने के निर्देश दिये।

वित्त मंत्री जयंत मलैया का भ्रमण कार्यक्रम

दमोह: jayant

प्रदेश के वित्त, जलसंसाधन, वाणिज्यिक कर, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जयंत कुमार मलैया आज दो दिवसीय भ्रमण पर दमोह आयेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगें।

वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया आज 13 फरवरी को दोपहर 12 बजे सीतानगर विधानसभा क्षेत्र पथरिया जायेंगे जहां स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। वित्त मंत्री दोपहर 2 बजे स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय दमोह मंे विधायक कप 2016 क्रिकेट टूर्नामेंट पुरूस्कार वितरण एवं समापन कार्यक्रम में भाग लेंगे, तदोपरांत आप अपरान्ह 3.30 बजे दमोह से नोहटा पहुचेंगे जहां आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लेंगे। आप रात्रि विश्राम दमोह में करेंगे।

वित्त मंत्री जयंत मलैया 14 फरवरी को प्रातः 11.30 बजे दमोह से आमखेड़ा, दोहपर 12 बजे आमखेड़ा-पटेरा मार्ग का भूमिपूजन कर हिण्डोरिया के लिये प्रस्थान करेंगे। आप दोपहर 1 बजे हिण्डोरिया में क्रिकेट टूर्नामेंट पुरूस्कार वितरण समारोह में भाग लेंगें, अपरान्ह 3 बजे पटेरा एवं जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन करेंगे।

फोटो वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया

सौन्दर्य की पराकाष्ठा है रनेह-फाल

fallवर्ष 2015 में पहुँचे तकरीबन 40 हजार देशी-विदेशी पर्यटक
भोपाल :

विश्व प्रसिद्ध खजुराहो से मात्र 20 किलोमीटर दूरी स्थित रनेह-फॉल, लगता है जैसे प्रकृति भी मानव शिल्प को चुनौती दे रही हो। खजुराहो के मंदिर जहाँ मानव निर्मित शिल्प के अदभुत उदाहरण हैं, वहीं विशाल रनेह-फॉल की बहुरंगी शुद्ध क्रिस्टल ग्रेनाइट, लाइम-स्टोन, काग्लोमरेट, बेसाल्ट तथा डोलोमाइट की परतदार चट्टानों का अप्रतिम सौन्दर्य पर्यटक को अवाक कर देता है। यही कारण है कि इसकी अदभुत छटा को निहारते विदेशी पर्यटक अक्सर रनेह-फॉल की तुलना उत्तरी अमेरिका के सुप्रसिद्ध केन्यन से करते मिल जायेंगे। करीब 40 हजार देशी-विदेशी पर्यटकों ने वर्ष 2015 में इस अदभुत प्राकृतिक सौन्दर्य का लुत्फ उठाया।
पन्ना टाइगर रिजर्व के मुहाने पर स्थित रनेह-फॉल देश के ग्रेन्ड केन्यन के रूप में भी जाना जाता है। केन नदी का यमुना से मिलन खूबसूरत रनेह-फॉल बनाता है। केन नदी के जल-प्रपातों ने 5 किलोमीटर लम्बी और 98 फीट गहरी बुन्देलखण्ड ग्रेनाइट तथा विंध्ययन परतदार चट्टानों से केन्यन का निर्माण किया है। गुलाबी, लाल, ग्रे, हरे रंग की विशाल चट्टानों पर पड़ती डूबते सूर्य की किरणें और इनके बीच में हरित नील आभा लिये पानी पर्यटक को किसी दूसरी ही दुनिया में पहुँचा देती है। यहीं केन घड़ियाल अभयारण्य भी है। केन नदी के किनारों पर मगर और घड़ियालों को धूप सेंकते देखा जा सकता है।
विश्व की प्राचीनतम विन्ध्य बेसाल्ट चट्टान पर गिरने वाले रनेह-फॉल का रास्ता पन्ना टाइगर रिजर्व में से गुजरने के कारण काफी रमणीक है। कुलाँचे भरते हिरण, नील गाय, सांभर, चीतल और रंग-बिरंगी चिड़िया पर्यटक का मन मोह लेती है। स्थानीय लोग इसे ज्वालामुखी का क्रेटर मानते हैं।

प्रदेश में प्रथम चरण की गणना में 6700 गिद्ध पाये गये

सबसे अधिक 532 श्योपुर जिले में

भोपाल : valcher

प्रदेश में पहली बार गिद्धों की गणना के प्रथम चरण में 32 जिले में 876 स्थल पर लगभग 6,700 गिद्ध पाये गये।

राज्यव्यापी गिद्ध गणना का प्रथम चरण 23 जनवरी को सम्पन्न हुआ। गणना में प्रदेश में सबसे अधिक श्योपुर जिले में 532 गिद्ध पाये गये। दूसरे स्थान पर मंदसौर में 511, गांधी सागर अभयारण्य में 487, पन्ना टाइगर रिजर्व में 470, भोपाल 499 तथा रायसेन में 420 गिद्ध पाये गये। प्रजातिवार गिद्धों की संख्या का आकलन शीघ्र ही भारतीय वन प्रबंधन संस्था भोपाल द्वारा किया जायेगा। गिद्ध गणना का द्वितीय चरण मई, 2016 में शुरू होगा। वित्त पोषण राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा गिद्ध गणना एवं प्रदेश गिद्ध एटलस तैयार किया जा रहा है। इसके बाद गिद्धों पर एक बेस लाइन आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिससे गिद्धों के संरक्षण की व्यापक रणनीति तैयार की जायेगी।

साजली जूड़ी परियोजना आगामी 3 साल के भीतर पूर्ण हो

sichai पंचमनगर, पगरा, गोपालपुरा, साजली और जूड़ी परियोजना आगामी 3 साल के भीतर पूर्ण हो जायेगी। इससे एक लाख 10 हजार हेक्टर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होने लगेगी। सिंचाई के क्षेत्र में प्रदेश के साथ ही जिले में काफी काम हुए हैं, और सतत् जारी है। इस आशय के उद्गार कल प्रदेश के वित्त और जल संसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया ने पंचमनगर और पगरा डेम क्षेत्र में गत दिवस आयोजित गरिमामय समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा पंचमनगर परियोजना से आने वाली रबी फसल से सिंचाई का काम शुरू कर दिया जायेगा। श्री मलैया ने पंचमनगर और पगरा डेम के कार्यो का अवलोकन भी किया।
वित्त और जलसंसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा दमोह जिले में वर्ष 2003 में 9752 हेक्टर क्षेत्र में 53 सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई होती थी, प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रयासों से वर्ष 2015-16 में बढ़कर 40 हजार हेक्टर से अधिक हो गयी है, इनमें 130 परियोजनाएं शामिल है। यह लगभग 4 गुना से अधिक है। वित्त और जल संसाधन मंत्री ने कहा 2017-18 तक 20 सिंचाई परियाजनाओं बांसाकला जलाशय, हरदुआ खुर्द जलाशय, अम्बाही, बालाकोट सहित अन्य योजनाओं से 11 हजार हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा पंचमनगर, गोपालपुरा, साजली जूड़ी और इन सभी परियोजनाओं के पूरा हो जाने से 10 वर्षो में जिले में 10 गुना ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई होने लगेगी। उन्होंने कहा शीघ्र ही सतधारू योजना पर भी काम शुरू कराया जायेगा इससे दमोह श्हर को पेयजल के साथ ही सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

जल-महोत्सव में बसाया जायेगा टेन्ट का नगर

भोपाल :

वीकेंड (Weekend) पर अपने परिवार के संग उपयुक्त और नजदीकी स्थान की तलाश करने वाले पर्यटन के शौकीन लोगों को अब ज्यादा दूर जाने तथा इंतजार की जरूरत नहीं पड़ेगी। सैलानियों को इंदिरा सागर बाँध स्थित हनुवंतिया टापू पर वीकेंड मनाने की सहूलियत मिलने जा रही है। राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा हनुवंतिया टापू को एक आकर्षक पर्यटन-केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ पर्यटकों के रुकने के लिये 10 कॉटेज बनाये गये हैं। एक क्रूज तथा दो मोटर-बोट का इंतजाम किया गया है। उल्लेखनीय है कि पर्यटन-स्थल पर सैलानियों के पहुँचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।पर्यटन विकास निगम द्वारा हनुवंतिया पर बोट-क्लब एवं रेस्टोरेंट तैयार करवाये गये हैं। पर्यटन सुविधाएँ विकसित करने के लिये निगम द्वारा लगभग 8 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। टापू को हरा-भरा बनाने के लिये पौध-रोपण भी किया गया है। यहाँ वॉटर-स्पोर्ट कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया जा
रहा है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा सागर बाँध स्थित हनुवंतिया टापू पर आगामी 12 से 21 फरवरी, 2016 तक जल-महोत्सव किया जायेगा। इसके लिये तकरीबन 120 से अधिक टेंट स्थापित कर इसे पर्यटन नगरनुमा बसाया जायेगा। इसी स्थान पर सैलानियों को ‘वॉटर टूरिज्म’ की सौगात मिलेगी। साहसिक एवं रोमांचकारी पर्यटन का लुत्फ उठाने के शौकीन सैलानियों के लिये यह स्थान पसंदीदा जगह बन सकेगा। जल-महोत्सव के दौरान वॉटर-स्पोर्ट, पतंगबाजी, व्हालीबाल आदि स्पर्धा होगी। फूड एवं क्रॉफ्ट बाजार भी सजेगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुसार प्रदेश में वॉटर-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने एवं इसके लिये देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘जल-महोत्सव’ का व्यापक रूप से आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा इसके सुरुचिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से आयोजन के लिये जरूरी तैयारियाँ शुरू कर दी गयी हैं। सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त पर्यटन श्री हरिरंजन राव द्वारा स्वयं ‘जल-महोत्सव’ की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।Jal

मसाला उत्पादन गतिविधियों को मंजूरी मिली

भोपाल : masala

मंदसौर जिले में मसाला बोर्ड की बैठक में पिछले दिनों जिले की मसाला उत्पादन गतिविधियों की तकनीकी रिपोर्ट को मंजूरी दी गयी। जिले में किसानों ने फसल-चक्र बदलने के प्रति रुचि दिखलायी है।

जिले में किसान परम्परागत फसलों के बजाय मसूर, अलसी, सरसों, मैथी, धनिया, कलोंजी, टमाटर और संतरे सहित उद्यानिकी फसलों में रुचि ले रहे हैं। जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये 135 करोड़ लागत की 18 सिंचाई परियोजना के प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को भेजे गये हैं।

उज्जैन में 6 सेटेलाइट टाउन

भोपाल :kumbh
उज्जैन में वर्ष 2016 में होने वाले सिंहस्थ के लिये 6 सेटेलाइट टाउन बनाये जा रहे हैं। इन टाउन में श्रद्धालुओं के लिये पानी, शौचालय और छाया की व्यवस्था रहेगी। सभी सेटेलाइट टाउन के लिये 393 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गयी है। सेटेलाइट टाउन इंजीनियरिंग कॉलेज सांवराखेड़ी, सोयाबीन प्लांट देवास रोड, पंवासा मक्सी रोड, उन्हेल रोड, आगर रोड तथा बड़नगर रोड पर बनाये जा रहे हैं। शाही स्नानों पर इन्हीं स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिये 134 स्थान पर सी.सी.टी.व्ही. केमरे लगाये जायेंगे। इसके साथ ही 51 अस्थायी थाने बनाये जायेंगे। मेला क्षेत्र में 25 हजार पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगायी जायेगी। सिंहस्थ के दौरान घाटों पर 2116 तैराक तैनात होंगे। उज्जैन नगर की लोक परिवहन व्यवस्था के लिये 1000 टाटा मेजिक तथा 400 मिनी बस के लिये 28 रूट तय किये गये हैं। नि:शक्तजन के लिये ई-रिक्शा महाकाल तथा राम-घाट तक चलेंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्षिप्रा के घाटों पर रंगाई-पुताई, सौंदर्यीकरण, चेंजिंग-रूम का निर्माण और मंदिरों के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उज्जैन में 7.75 मिलियन गैलन (एमजीडी) के दो जल-शोधन संयंत्र स्थापित किये गये हैं। इनमें गऊ-घाट पर निर्मित यह प्लांट 6 करोड़ 17 लाख की लागत से तैयार हुआ है। इस संयंत्र से सिंहस्थ के दिनों में 6 मिलियन गैलन पानी शोधन किया जायेगा।

उज्जैन स्थित अखाड़ों के लिये व्यापक निर्माण कार्य हाथ में लिये गये हैं। यह निर्माण कार्य आगामी दिनों में अखाड़ों को नया स्वरूप प्रदान करेंगे। विभिन्न अखाड़े में उनकी जरूरतों के मुताबिक बैठक-कक्ष, भोजन-शाला, पहुँच-मार्ग निर्माण और विद्युतीकरण के कार्य प्रमुख हैं। मेन रोड से मुख्य अखाड़ा परिसर तक सी.सी. रोड बनाया जा चुका है।