प्रदेश की सात स्मार्ट सिटी में अटल जी के नाम पर बनेंगी विश्वस्तरीय लाइब्रेरी

अटल जी की स्मृति में भव्य स्मारक और स्मृति वन बनाये जायेंगे

 भोपाल-मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये राज्य सरकार ने कई निर्णय लिये हैं। भोपाल और ग्वालियर में स्वर्गीय अटल जी की स्मृति में भव्य स्मारक बनाये जायेंगे। ग्वालियर के गोरखी के जिस विद्यालय में स्वर्गीय वाजपेयी कक्षा 6 से 8 तक पढ़े थे उसे उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसमें स्मार्ट क्लास, प्लेनेटोरियम और म्यूजियम बनाया जायेगा, साथ ही स्वर्गीय अटल जी की प्रतिमा स्थापित की जायेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में कहा कि स्वर्गीय अटल जी की स्मृति में भोपाल और ग्वालियर में स्मृति वन स्थापित किये जायेंगे। जिनमें अटल जी की प्रतिमा के साथ उनके कार्यों को बेहतर ढ़ंग से प्रस्तुत किया जायेगा ताकि भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे ग्लोबल स्किल पार्क का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। प्रदेश के स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जा रहे सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना में स्वर्गीय अटल जी के नाम पर विश्वस्तरीय लाइब्रेरी स्थापित की जायेगी। इन लाइब्रेरियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में युवाओं के लिये कोचिंग, शोध और सामाजिक चिंतन के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी तरह सात स्मार्ट सिटी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर्स का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। इन सेंटरों पर मध्यप्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने की सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।

स्वर्गीय अटल जी की जीवनी स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में होगी

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी की जीवनी अगले वर्ष से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल की जायेगी। स्वर्गीय अटल जी के नाम से तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे। पाँच-पाँच लाख रूपये के यह पुरस्कार कविता, पत्रकारिता और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जायेंगे। प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिये बनाये जा रहे चार श्रमोदय विद्यालयों के नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखे जायेंगे। विदिशा में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। भोपाल के अत्याधुनिक हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर करने के लिये केन्द्रीय रेलमंत्री से आग्रह किया जायेगा।

 

बाढ़ में फँसे लोगों को बचाने वालों को मुख्यमंत्री देंगे 5-5 लाख सम्मान निधि

 भोपाल-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शिवपुरी जिले के बाढ़ में फँसे 45 व्यक्तियों की जिन्दगी बचाने वालों का सम्मान करेंगे। सम्मान निधि के रूप में उन्हें पाँच-पाँच लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे।

चौहान ने जनता से अपील की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात का पानी तेजी से आता है, जिससे छोटे नाले भी उफनने लगते हैं। ऐसे स्थानों पर जाते समय सावधानी रखें। जीवन बहुमूल्य है।

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि उन्हे जानकारी दी गई है कि बाढ़ में फँसे लोगों के बचाव और राहत कार्य में इण्डो तिब्ब्तन बार्डर पुलिस, नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स, राज्य डिजास्टर रिलीफ फोर्स, सेना, मध्यप्रदेश पुलिस और स्थानीय नागरिकों का सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि इसके लिये वे हृदय से आभारी हैं।  चौहान ने बताया कि सेना द्वारा हेलीकॉप्टर से पाँच लोगों को बचाया गया है। हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य को मौसम खराब हो जाने के कारण रोकना पड़ा था। बचाव और राहत कार्य में आस-पास के गाँवों के ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग किया है। विशेष रूप से रामसेवक प्रजापति,  कल्लन बाथम,  निजाम खान,  देवेन्द्र सिंह, श्री बलराम भागीरथ का सहयोग उल्लेखनीय है। वे यश के भागीदार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताया गया है कि बाढ़ में फँसे 6 व्यक्तियों  विशाल चौहान, श्रीकांत कुशवाह,  अभिषेक कुशवाह,  लोकेश कुशवाह,  रवि कुशवाह और  सुशील कुशवाह की तलाश जारी हैं। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर गृह मंत्री  राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ सम्पर्क कर बचाव और राहत के प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रात्रि तीन बजे तक वे स्वयं स्थिति की निगरानी करते रहे। बचाव कार्यों की सफलता के लिये यह आवश्यक था कि फँसे हुये लोग हिम्मत नहीं खोंये। केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्रसिंह तोमर और प्रदेश की खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य की जानकारी ली थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना स्थल, नियमित पर्यटन स्थल नहीं था। एडवेंचर पर्यटन के भाव से लोग ऐसे स्थानों पर जाते हैं, जो घने जंगलों में स्थित है। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिये सावधानी रखने के निर्देश दिये गये हैं।

शिक्षा की आधुनिकतम प्रयोगशाला बनता मध्यप्रदेश

स्कूली शिक्षा से आशय मात्र पुस्तक आधारित ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं,

 भोपाल-जीवन में सफलता पाने के लिये शिक्षा पहली आवश्यकता है। इसकी नींव स्कूल शिक्षा मानी जाती है। भाषा और ज्ञान बच्चों में आधारभूत बौद्धिक कौशल का ही विकास नहीं करता, बल्कि अन्य विषयों की समझ एवं रूचि के विकास में भी सहायक है। स्कूली शिक्षा से आशय मात्र पुस्तक आधारित ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में मदद करना है। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की स्थापना सबके लिए शिक्षा के उद्देश्य से की गयी थी। शिक्षा से वंचित छात्रों को पूर्व माध्यमिक, माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय की कक्षाओं में प्रवेश के लिये व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रमों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। पंजीकृत छात्रों की परीक्षाऍं वर्ष में दो बार मई-जून एवं नवम्बर-दिसम्बर माह में ली जा रही हैं। विद्यार्थी जब तक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेता, तब तक वह लगातार परीक्षा में शामिल हो सकता है। छात्र अपनी योग्यता और इच्छानुसार अवसरों का लाभ लेकर परीक्षा उत्तीर्ण कर सकता है।

मध्यप्रदेश में बिना किसी भेदभाव के सभी को समान रूप से शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के लिये राज्य सरकार ने पिछले एक दशक में अनेक नवाचार किये हैं। प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के साथ उन बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी स्कूली शिक्षा किन्हीं कारणों से अधूरी रह जाती है।

मध्यप्रदेश में अबऐसा विद्यार्थी जिन्होंने कभी भी, कहीं भी औपचारिक अध्ययन नहीं किया है अथवा जिन्होंने कक्षा 5 अथवा कक्षा 8 तक औपचारिक रूप से अध्ययन किया है, वह विद्यार्थी स्टेट ओपन स्कूल बोर्ड की हाईस्कूल प्रवेश परीक्षा के लिए पात्र होगा। बशर्ते उसके पास जन्म-तिथि का प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड हो। हाईस्कूल प्रवेश परीक्षा के लिए शैक्षणिक योग्यता तथा आयु का बंधन नहीं रखा गया है। किसी भी मान्यता प्राप्त मंडल से कक्षा 10 वीं एवं कक्षा 12 वीं के अनुत्तीर्ण छात्र, जो कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण हों, वे स्टेट ओपन स्कूल बोर्ड की पूर्ण क्रेडिट योजना में प्रवेश ले रहे हैं। पूर्ण क्रेडिट योजना में छात्रों को न्यूनतम एक और अधिकतम दो ऐसे विषयों में क्रेडिट की सुविधा दी जा रही है।

इस अंशतः क्रेडिट योजना में हाईस्कूल और हायर सेकण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण छात्र अपने ज्ञानार्जन के लिये कोई अन्य विषय (अधिकतम चार) में परीक्षा देकर मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की परीक्षा पास कर सकते हैं। इस योजना में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की अंकसूची में केवल उन विषयों के ही प्राप्तांक दर्शाये जाएंगे, जिनमें उन्होंने परीक्षा दी है। श्रेणी सुधार योजना में हाईस्कल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद परीक्षार्थी यदि पुनः श्रेणी सुधार हेतु परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें श्रेणी सुधार के लिये नये अवसर दिये जा रहे हैं। पिछले वर्षो में परिषद की कक्षा 10 में 16 लाख 67 हजार 57 और कक्षा 12 में 7 लाख 46 हजार 548 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें से 8 लाख 50 हजार से अधिक विद्यार्थी परीक्षा उत्तीर्ण होकर शिक्षा की मुख्य-धारा से जुड़ गये हैं।

रूक जाना नहीं योजना

राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की ‘रूक जाना नहीं’ योजना ने उन छात्रों में उत्साह पैदा किया है, जो किन्हीं कारणों से मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड अथवा अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की परीक्षा में उत्तीर्ण होने से वंचित रह गये थे। विद्यार्थियों में आत्मघाती कदम को रोकने तथा परीक्षा के और अवसर उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से ‘रूक जाना नही’ योजना छात्र हित में वर्ष 2016 में प्रारम्भ की गयी। योजना में वर्ष 2016 से जून 2018 तक कक्षा 10 में कुल 3 लाख 7 हजार 152 और कक्षा 12 में 2 लाख 41 हजार 834 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें से करीब 2 लाख 15 हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर शिक्षा की मुख्य-धारा से दुबारा जुड़ गये। इनमें से कई विद्यार्थी अब सफलता पूर्वक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। स्टेट ओपन स्कूल बोर्ड बच्चों को व्यवसायिक पाठ्यक्रम में भी शिक्षा उपलब्ध करवा रहा है। इनमें भाषा शिक्षा, स्टेनोग्राफी, खाद्य प्र-संस्करण, टेलरिंग, ड्रेस मटेरियल और कम्प्यूटर हार्डवेयर असेम्बली प्रमुख है। राज्य ओपन स्कूल ने हिन्दी माध्यम में शिक्षा देने के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की सुविधा दी है। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन स्कूल की वेबसाइट शुरू की गई है।

उत्तर पुस्तिका का डिजिटल मूल्यांकन

मध्यप्रदेश स्कूली ओपन बोर्ड प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश का एकमात्र ऐसा बोर्ड है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल पद्धति से किया जा रहा है। इस व्यवस्था में परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिकाएँ उसके जिले में ही स्केन करवाते हुए सेन्ट्रल सर्वर पर अपलोड किये जाने की सुविधा है। डिजिटल मूल्यांकन से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आयी है। इस प्रणाली से जाँची गयी उत्तर पुस्तिकाएँ लंबे समय तक ई-फार्म में सुरक्षित रखी जा रही है। राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की विभिन्न परीक्षाओं के साथ पूर्व में प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा परीक्षाओं में से जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय एवं विकास खण्ड स्तरीय मॉडल विद्यालय प्रवेश परीक्षा, श्रमोदय आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा और सुपर 100 चयन परीक्षा भी सफलता से आयोजित की जा रही है।

वर्ल्ड ऑन व्हील

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ”डिजिटल इंडिया” कार्यक्रम के माध्यम से समाज और अर्थ-व्यवस्था का डिजिटल इम्पावरमेंट करने की पहल की है। यह कार्यक्रम देश के 135 करोड़ से अधिक नागरिकों को कम्प्यूटर लिटरेसी से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाने, शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में कामयाब हुआ है। योजना को सकारात्मक रूप देने तथा डिजिटल शिक्षा एवं जागरूकता के लिये मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड एवं राष्ट्रीय उद्यमिता विकास निगम के माध्यम से ”वर्ल्ड ऑन व्हील” मोबाइल कम्प्यूटर लैब विकसित की गयी है। यह मोबाइल कम्प्यूटर लैब एक स्कूल से दूसरे स्कूल एवं एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचकर शिक्षा के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। इस कम्प्यूटर लैब में 20 कम्प्यूटर सहित इंटरनेट, जनरेटर तथा सौर ऊर्जा पैनल युक्त कई सुविधाएँ ”वर्ल्ड ऑन व्हील” बस में हैं। इससे प्रतिवर्ष हजारों लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। इस प्रयोगशाला में बिजली किसी प्रकार की बाधा न बने, इसके लिए इसे सौर ऊर्जा से संचालित किया गया है। यह मोबाइल बस चार वर्षों तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेंगी।

आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों को कक्षा 12 की समकक्षता

प्रदेश के विद्यार्थी आई.टी.आई. के बाद रोजगार के साथ उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकें, इसके लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्र हित में घोषणा की थी कि अब कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण करने के बाद आई.टी.आई. उत्तीर्ण विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं के समकक्ष बनाया जायेगा। इसके लिये राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास संचालनालय के मध्य एक एम.ओ.यू. भी किया गया है।

मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक प्रयोगशाला बन गया है। स्वयं मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिये भी प्राथमिक स्तर से उच्च शिक्षा तक की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की है। राज्य सरकार ने गरीब बच्चों की शिक्षा की मुफ्त व्यवस्था की है, बच्चों की फीस भर रही है, नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। अब वह दिन दूर नहीं, जब मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर ‘एजुकेशन हब’ के रूप में पहचाना जाएगा।

आदिवासी दिवस 9 अगस्त को 20 जिलों में स्थानीय/ ऐच्छिक अवकाश  

भोपाल-राज्य शासन ने 9 अगस्त को आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में 20 जिलों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इन 20 जिलों में श्योपुर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिन्दवाड़ा, मंडला, बालाघाट, सिवनी, डिण्डोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी और होशंगाबाद शामिल हैं।

राज्य शासन ने कहा कि इन जिलों में यदि तीन स्थानीय अवकाश का उपभोग किया जा चुका है, तो इस वर्ष 9 अगस्त को एक अतिरिक्त स्थानीय अवकाश घोषित करने के लिये जिला कलेक्टर अधिकृत है। राज्य शासन ने 9 अगस्त को ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत करने का निर्णय भी लिया। यह अवकाश मिला कर ऐच्छिक अवकाशों की संख्या 62 हो जायेगी। इनमें से शासकीय सेवक अपनी इच्छानुसार तीन ऐच्छिक अवकाश ही ले सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना अनुसार 61 ऐच्छिक अवकाश घोषित किये गये हैं।

मंत्री की कोशिशें रंग लाईं,मेडिकल कॉलेज स्वीकृत

कैबिनेट की बैठक में छतरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत
छतरपुर। शिवराज कैबिनेट की बैठक में आज छतरपुर तथा सिवनी जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी दे दी गई है। छतरपुर विधायक और प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव की कोशिशें रंग लाई हैं। कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव पारित कर दिया है।


छतरपुर में लम्बे समय से मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग चल रही थी। जनभावनाओं को देखते हुए राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने इसके लिए न केवल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बल्कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर छतरपुर जिले में मेडिकल

कॉलेज की जरूरत बताई थी। वे तभी से लगातार मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयास कर रही थीं। राजधानी भोपाल में आज हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पारित प्रस्ताव में छतरपुर के साथ सिवनी में भी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई है। प्रदेश के जल संसाधन, जनसंपर्क एवं संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज शाम भोपाल में एक प्रेस

कान्फ्रेंंस कर इस आशय की जानकारी दी। छतरपुर के लोगों को जैसे ही मेडिकल कॉलेज स्वीकृत होने की खबर मिली पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। छत्रसाल चौक पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और मेडिकल कॉलेज की मंजूरी पर पटाखे फोडक़र खुशी जताई। लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव का आभार व्यक्त किया है।

प्रेम गुप्ता 

भाजपा सरकार ने जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न योजनाओं के तहत हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाया

शिवराज सरकार ने हर वर्ग का किया विकास : ललिता यादव
राज्यमंत्री ने जिला स्तरीय सम्मेलन में किया हितग्राहियों को लाभान्वित
छतरपुर। जिला स्तरीय हितग्राही सम्मेलन का आयोजन महाराजा कॉलेज में प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। उन्होंने सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए चैकें और सामग्री वितरित की। समारोह में चंदला विधायक आरडी प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश प्रजापति,

नपाध्यक्ष अर्चना सिंह, जिला पंचायत सीईओ हर्ष दीक्षित, छतरपुर एसडीएम कमलेश पुरी, डिप्टी कलेक्टर प्रियंका कंवर, नगर पालिका के सीएमओ हरिहर गंधर्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर सीहोर जिले के बुधनी में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन का एलईडी स्क्रीन के जरिए सीधा प्रसारण किया गया।


मुख्य अतिथि राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न योजनाओं के तहत हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने विशेष तौर पर संबल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत छतरपुर जिले में करीब साढ़े 5 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है। योजना के तहत बहू के पेट में बच्चा आने पर 4 हजार रुपए तथा प्रसव के बाद 12 हजार रुपए देकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के कल्याण की चिंता की है जो गर्भवती होने और प्रसव के बाद भी मजदूरी करने जाती थीं। अब वे इस रकम से पौष्टिक भोजन कर स्वस्थ्य रह सकेंगीं। उन्होंने कहा कि इसी योजना के तहत लोगों के बिजली के बिल माफ किए जा रहे हैं तथा अब उन्हें 200 रुपए प्रतिमाह बिल का भुगतान करना पड़ेगा। इतना ही नहीं यदि किसी के पास रहने के लिए जमीन नहीं है तो उसका पट्टा दिया जाएगा और मकान बनाने के लिए राशि भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संबल योजना में पंजीयन कराने पर दुर्घटना में 1 लाख, स्थाई अपंगता में 2 लाख, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख तथा 60 साल की उम्र के पहले परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए की राशि तथा अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपए तत्काल दिए जाने का प्रावधान किया गया है।


उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भाजपा ने 15 साल में किया क्या है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जो काम किया है हम उसे प्रमाण सहित बताते हैं। कांग्रेस के राज में तो न सडक़ें थीं, न बिजली और योजनाओं का लाभ भी कांग्रेसी ही उठाते थे। समारोह में विधायक आरडी प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश प्रजापति ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर उज्जवला योजना के हितग्राहियों को गैस चूल्हे और सिलेण्डर, दिव्यांगों को ट्राईसाईकिल, लाड़ली लक्ष्मी के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत रोजगार के लिए ऋण के स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को ई-रिक्शा, तेजस्विनी परियोजना के हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु चैकों का वितरण किया गया। सम्मेलन में सैकड़ों हितग्राही लाभान्वित हुए।

चौथी बार फिर भाजपा सरकार, पंच सरपंचों का हुआ सम्मान

पड़रिया हाईस्कूल का उन्नयन, 
छतरपुर। प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा में भारी भीड़ जुट रही है। यहां तक कि कई सर्वे में भी साफ बताया गया है कि प्रदेश में चौथी बार फिर भाजपा की सरकार बन रही है। वे आज पड़रिया हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन करने तथा पंच-सरपंचों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष मणिकांत चौरसिया, महाराजा कॉलेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।


राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने प्रारंभ में फीता काटकर पड़रिया हाईस्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई संबल योजना के फायदे बताए और कहा कि जब सरकार ने हमारे लिए इतना किया है तो हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम चौथी बार फिर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएं। उन्होंने कहा कि पड़रिया स्कूल का उन्नयन हो जाने से क्षेत्र की 8-10 पंचायतों के बच्चों को फायदा होगा। उन्होंने पंच-सरपंचों का सम्मान करते हुए कहा कि पंचों को संबल योजना की जानकारी होनी

चाहिए तभी वे वार्ड के लोगों को इसका लाभ दिला पाएंगे। उन्होंने पड़रिया में सोसायटी की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कलेक्टर से बात हो गई है जल्दी ही पड़रिया में सोसायटी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सटई का रोड पहले काफी खराब था लेकिन लोगों की मांग पर उन्होंने बनवा दिया। जब-जब विकास के लिए मांग की गई वे कभी पीछे नहीं हटीं। राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि आपकी मांग पूरी होने पर उन्हें भी खुशी होती है। उन्होंने बताया कि पड़रिया स्कूल के उन्नयन का आदेश आने पर उसमें विधानसभा क्षेत्र तो छतरपुर लिखा लेकिन ब्लाक बकस्वाहा लिख गया था। इस आदेश को संशोधित कराने तक उन्होंने दम नहीं लिया। इसी तरह की समस्या कीरतपुरा स्कूल के उन्नयन में हुई। उसमें

छतरपुर ब्लाक की जगह बारीगढ़ ब्लाक लिख गया था। लेकिन उन्होंने उसे ठीक करा दिया। इस अवसर पर पड़रिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत पड़रिया, मौराहा, गुरइया, बूढ़ा, पुछी, दालौन, नैगुवां, बसाटा, कदवां और छापर के पंच-सरपंचों का शाल-श्रीफल और माल्यार्पण से सम्मान किया गया। पड़रिया पहुंचने पर ग्रामीणों ने मोटर साईकिल रैली निकालकर राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव की आगवानी की और स्कूल का उन्नयन कराने पर फलों से उनका तुलादान किया।
समारोह में भाजपा नेता रघुनाथ शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, धीरज गुप्ता, देशांत पाठक, रानू परमार, विक्रम सिंह, गुलाब सिंह, राजू यादव, दीपक नागर, रुद्रप्रताप सिंह उनके साथ थे। पड़रिया के महेश अवस्थी, मुरलीधर पाठक, सरपंच बंदीराम प्रजापति, जनपद सदस्य मनीराम अहिरवार, पड़रिया हाईस्कूल के प्राचार्य, प्रधान अध्यापक एमएस अहिरवार, गनेश जू, पुन्ना कुशवाहा, देशराज पटेल, हरिशंकर यादव, रामप्रसाद अहिरवार, किशोरी चौकीदार, शिवम मिश्रा, राहुल अवस्थी, हरिशंकर प्रजापति, हरिशंकर यादव, भरत तिवारी, ब्रजेश पांडे, बबलू यादव, ओमप्रकाश पटेल, गोविंद पटेल, पुष्पेन्द्र तिवारी, राजेश पटेल, अमित जैन, रविशरण तिवारी, महेश अवस्थी सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

प्रेम गुप्ता

बच्चों के प्रयास से गाँव का स्कूल बना स्वच्छता की मिसाल

अलीराजपुर- जिले में चन्द्रशेखर आजाद नगर विकासखंड की ग्राम पंचायत कालियावाव के प्राथमिक विद्यालय-सुतार फलिया का नजारा बदला हुआ है। अब न स्कूल में कीचड़ है और न गंदगी। स्कूल के बच्चों के प्रयास से यह प्राथमिक विद्यालय स्वच्छता की मिसाल बन गया है। स्कूली बच्चों और आसपास के ग्रामीणों के परिश्रम से स्कूल परिसर में स्वच्छता की नई तस्वीर नजर आने लगी है।

स्वच्छता को लेकर एक दिन गाँव में बैठक आयोजित की गई, जिसमें गंदगी वाले स्थानों को चिन्हित कर सफाई करने का निर्णय लिया गया। स्कूली शिक्षकों और बच्चों को लगा कि सबसे अधिक गंदगी स्कूल के हैंडपम्प के बहते पानी के कारण हो रही है। संभी ने मिलकर पास ही निर्माणाधीन मकान से सीमेंट और रेत की व्यवस्था कर पानी की निकासी के लिए नाली बना दी। जिस हैंड पम्प का पानी यहाँ-वहाँ फैल कर कीचड़ और गंदगी करता था, अब वह नियत स्थान पर पहुँचने लगा है। इससे हैंड पम्प के पास कीचड़ और गंदगी समाप्त हो गई है। इस प्रयास से स्कूली बच्चों को काफी राहत मिली।

स्कूल में ही पढ़ने वाली नन्हीं लक्ष्मी, सुनीता और गीता बताती हैं कि पहले कीचड़ और गंदगी के कारण परेशान होना पड़ता था। हम सभी ने मिलकर स्कूल परिसर में स्वच्छता का अभियान चलाया। इससे आज हमें कीचड़ और गंदगी की परेशानी से निजात मिल गई है। इस छोटी-सी लेकिन महत्वपूर्ण पहल का ग्रामीण भी पूरा समर्थन करने लगे हैं। उनका स्कूल स्वच्छता की मिसाल बन गया है

अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग में हुआ संविलियन

मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में नोटिफिकेशन प्रकाशित

 भोपाल-प्रदेश के 224 सामुदायिक विकासखण्डों में स्कूल शिक्षा विभाग की शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की सेवाओं का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 30 जुलाई, 2018 को कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अनुसार मध्यप्रदेश पंचायत अध्यापक संवर्ग और मध्यप्रदेश नगरीय निकाय अध्यापक संवर्ग के अधीन काम करने वाले अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग की सेवा में संविलियन किया जाना था। इसके अनुरूप ही 29 मई, 2018 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था।

प्रदेश के 224 सामुदायिक विकासखण्डों में विभागीय शैक्षणिक संस्थाओं में स्थानीय निकायों के नियंत्रणाधीन नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के सहायक अध्यापक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक का शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है। इनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) शर्त एवं भर्ती नियम-2018 के अनुसार प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर की जायेगी।

नवगठित प्रकाशित नियम के प्रभावशील होने से अध्यापक संवर्ग में कार्यरत अध्यापक संवर्ग का अमला स्थानीय निकाय से स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत हो जायेगा। उक्त अमले को एक जुलाई, 2018 के नियमानुसार सातवें वेतनमान के लाभ के साथ-साथ समरूप शासकीय सेवकों के समान अन्य लाभ भी प्राप्त होंगे।

हमारी सरकार ने महिलाओं, बेटियों को स्वावलम्बी बनाया: ललिता यादव

आजीविका कार्यशाला में महिलाओं का हुआ सम्मान
छतरपुर। तेजस्वनी का मतलब ऊर्जावान व क्षमतावान होता है, हमारी सरकार ने महिलाओं, बेटियों को समूहों से जोडक़र उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिये तेजस्वनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम की सौगात दी है। यह बात आज महिला बाल विकास राज्यमंत्री एवं छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव ने तेजस्वनी कार्यक्रम के तहत स्वसहायता समूहों के लिये आयोजित आजीविका कार्यशाला में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही।


पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण, घुमक्कड़-अर्धघुमक्कड़ जनजाति विकास (स्वतंत्र प्रभार) एवं महिला बाल विकास राज्यमंत्री ने कहा कि यहां माताओं, बहनों, बेटियों ने जो सकारात्मक सोच से आये बदलाव की बातें बिना झिझक के बताईं वह निश्चित ही सभी के कार्यों के लिये विकासपुंज होंगी और उन्हें आज वास्तव में खुशी हो रही है कि सरकार ने जिस मकसद से गांव की महिलाओं को चौका चूल्हे के साथ ही समाज में जीवन का स्तर बेहतर करने के लिये ओजस्वनी कार्यक्रम चलाया कारगर हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज छतरपुर जिले में 8 विकासखण्डों में 10 महिला संघों से 700 महिलाओं ने सहभागिता की और इनके माध्यम से आज जिले में 38000 परिवार न केवल आथ्रिक रूप से स्वावलम्बी हुये हैं बल्कि इनके द्वारा आगे भी महिलाओं को जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव का शाल, श्रीफल से सम्मान किया।


राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने प्रदेश के मुखिया बहनों के भाई शिवराज सिंह द्वारा महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिये दी गई योजनाओं को बताते हुये कहा कि आज छतरपुर के ग्रामीण क्षेत्र की बहन अमेरिका जाकर भी अपने कार्यों का प्रदर्शन कर रही है। यह मप्र सरकार के लिये गौरव की बात है। पहले बेटी के हाथ पीले करने पर घर मकान गरीब के बिक जाते थे, आज हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कारण बेटी का जन्म पर गौरवान्वित हैं लोग और बेटी जन्म से ही लाड़ली लक्ष्मी हो गई है। बेटी बेटा सबकी पढ़ाई लिखाई, शादी का जिम्मा हमारी सरकार ने लिया ही है, अब हमारे गरीब भाई बहनों को बेटा-बेटी डॉक्टर व इंजीनियरिंग की पढ़ाई ही नहीं विदेशों में भी पढ़ाई की भी चिंता नहीं है उन्हें सबकुछ शिवराज सिंह चौहान के कारण मिल रहा है।
राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि गांव की महिलाओं ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि कच्चे मकानों की जगह वह पक्के मकानों में रहेंगी। यह सब हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देन है। उन्होंने न केवल पक्के मकान दिये बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता कर धुएं से निजात दिलाने घर-घर में गैस कनेक्शन दिलाये। उन्होंने कहा कि पहले गैस कनेक्शन सांसद कोटे से मिलते थे, आज घर-घर बिना किसी सिफारिश के मिल रहे हैं।
छतरपुर विधायक एवं महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने बताया कि आज हमारी सरकार ने संबल योजना व श्रमकार्ड से बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी हैं, उन्होंने योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने ओजस्वनी समूहों की बहनों से कहा कि वह गांव-गांव में जाकर शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं को बतायें और किसी भी प्रकार की समस्या हो मुझे तत्काल मेरे मोबाइल पर बतायें मैं हर समय सेवा के लिये तत्पर रहती हूं।
आजीविका कार्यशाला में स्वसहायता समूहों की बहनों को लोन की चैकों के साथ ही सामान भी दिये गये जिसमें बगौता संघ को मिनी दाल मिल, नारायण पुरा, बगौता संघ को सिलाई यूनिट के साथ ही ईशानगर के पुष्पा हिंसा मुक्त समूह को दौना पत्तल के लिये 60 हजार, रेखा यादव उजाला समूह को बकरी पालन के लिये 60 हजार, संगीता मां संतोषी समूह मनिहारी 80 हजार रुपये की चैक, बगौता संघ से संध्या घनश्याम समूह को सब्जी उत्पादन के लिये 1 लाख, राजेश्वरी राधा समूह को किराना व्यवसाय के लिये 50 हजार, बिहारी समूह को किराना के लिये 50 हजार, बमीठा के संतोषी समूह डुंगरिया को 50 हजार रुपये की चैकें दी गई। वहीं सिलाई मशीन के लिये ईशानगर की रामदेवी कुशवाहा, श्रीमती पुष्पा रैकवार, कु. प्रियंका शर्मा, कु. पलक राजा, कु. खुशबू शर्मा, गुलगंज की श्रीमती आरती चौरसिया, कु. प्रीति मिश्रा, कु. रानी चौरसिया, श्रीमती रजनी कुशवाहा एवं बगौता की कस्तूरी कुशवाहा को प्रमण पत्र दिये गये। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने 2000 मुनगों के पौधों का वितरण कर उनके रख रखाव की शपथ दिलाई। इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के प्रबंधक श्री बाजपेयी, तेजस्वनी कार्यक्रम के मनोज नायक (डीपीएम), शैलेश तिवारी (एडीपीएम), नितिन भास्कर (एडीपीएम), प्रकाश कमल गुप्त कार्यक्रम सहायक के साथ-साथ संघ मित्र अनुपमा राना, वंदना तिवारी, ऋषिकेश द्विवेदी, विजय राय, जगदीश रजक, संतोष सिंह, महेन्द्र रैकवार, रामनरेश तिवारी, अनिल जैन, मलखान सेन, संघ अध्यक्ष एवं अन्य संघ स्टाफ भी उपस्थित रहा। राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने तेजस्वनी कार्यक्रम में बेहतर भूमिका निभाने वालों का सम्मान भी किया।

प्रेम गुप्ता