प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए विशेष बल गठित होगा

इस वर्ष 40 हजार पदों पर हुई नियुक्ति और 52 हजार पदों पर होंगी नयी नियुक्तियाँ

भोपाल -मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए विशेष बल का गठन किया जाये। इस बल के सदस्यों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न विधाओं के विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।  चौहान आज मंत्रालय में शासकीय सेवा में विभिन्न पदों पर भर्ती की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव  बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। बताया गया कि इस वर्ष शासकीय सेवा में 40 हजार विभिन्न पदों पर नियुक्ति की गई है तथा लगभग 52 हजार पदों पर नयी नियुक्तियाँ की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री  चौहान ने बैठक में विभागवार की गई नियुक्तियों और रिक्तियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भर्ती कार्य पूरी पारदर्शिता से किया जाए। नियुक्ति की समस्त कार्रवाईयाँ समय-सीमा में पूरी की जाएं। बताया गया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 3268 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह राजस्व विभाग में 1447, स्कूल शिक्षा विभाग में 30,000, स्वास्थ्य विभाग में 4607, गृह विभाग में 8520, महिला-बाल विकास में 3741 पदों और अन्य विभागों सहित कुल 52 हजार पदों पर भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि राजस्व विभाग द्वारा 9,540, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3,020, गृह विभाग द्वारा 16 हजार 443, महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 620, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 5150 और अन्य विभागों सहित कुल 40 हजार नयी नियुक्तियां की गई है।

मंत्री  के मुख्य आतिथ्य में,मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2018 हितलाभ वितरण कार्यक्रम कल

  दमोह-    मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना  2018 हितलाभ वितरण कार्यक्रम आज बुधवार 13 जून को जेपीबी कन्या शाला दमोह में वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर योजना तहत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष डॉ. आलोक अहिरवार तथा विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनीषा पवन तिवारी होंगी। सीईओ जनपद पंचायत दमोह ने आमजनों, पंचायत प्रतिनिधियों, सम्मानीय मीडिया प्रतिनिधियों तथा हितग्राहियो से कार्यक्रम में उपस्थिति का आग्रह किया है।

मूल अंक-सूची एवं प्रमाण-पत्र के अभाव में भी 12वीं पास को मिलेगा कॉलेज में प्रवेश

उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को जारी किये निर्देश

 दमोह-उच्च शिक्षा विभाग ने सभी पारम्परिक विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी को कम्प्यूटर प्रिंट की अंक-सूची और प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर मान्य करते हुए उनके प्रवेश की कार्यवाही सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों से यह घोषणा-पत्र भी लिया जाये कि एक माह के भीतर संबंधित प्रमाण-पत्र आदि महाविद्यालय में आवश्यक रूप से प्रस्तुत कर देंगे।

विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कक्षा-12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की मूल अंक-सूची एवं प्रमाण-पत्र के बिना प्रवेश की कार्यवाही नहीं करने की सूचना पर उक्त निर्देश जारी कियेगये हैं।

अब शासकीय महाविद्यालयों के लिए विश्व बैंक देगा 204 करोड़

दमोह-उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बताया है कि प्रदेश के चयनित 152 शासकीय महाविद्यालयों की संस्थागत विकास योजनाओं के लिये विश्व बैंक प्रथम चरण में 204 करोड़ रूपये देगा। चयनित महाविद्यालयों को आवश्यकतानुसार औसतन 7 से 10 करोड़ रुपये तक की राशि इस परियोजना में स्वीकृत की जायेगी। पवैया ने कहा कि विश्व बैंक सहायतित इस परियोजना में वित्तीय सहायता के लिये उच्च शिक्षा विभाग और महाविद्यालय के बीच एमओयू साइन होगा।

मंत्री पवैया ने जानकारी दी कि चयनित महा‍विद्यालयों में 64 से 69 तक अंक प्राप्त करने वाले 40 महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। पहले 70 एवं 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 112 महाविद्यालयों को ही इन्स्टीट्यूशनल डेव्हलपमेंट प्रोजेक्ट (आईडीपी) में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 438 महाविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया। परियोजना के दूसरे चरण में अन्य 50 महाविद्यालय शामिल होंगे।

परियोजना के प्रथम चरण में आईडीपी में शामिल महाविद्यालयों में भोपाल के शा. सरोजनी नायडू गर्ल्स पीजी कॉलेज, गीतांजलि शा. गर्ल्स पीजी कॉलेज, आदर्श मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस, स्वामी विवेकानंद कॉलेज, बैरसिया, एमएलबी गर्ल्स पीजी कॉलेज, हमीदिया पीजी कॉलेज, बेनजीर कॉलेज, शासकीय कॉलेज नरेला और शासकीय ऑर्ट एण्ड कॉमर्स कॉलेज शामिल हैं।

 

ग्रीष्मकालीन मूँग खरीदने के लिये किसानों का किया जा रहा है पंजीयन

 भोपाल-प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूँग की मण्डी विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,575 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे होने पर किसानों से 12 जिलों के मूँग उपार्जन केन्द्रों पर 21 जून से खरीदी की जायेगी। किसानों के पंजीयन का कार्य 20 जून तक किया जायेगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूँग खरीदी के लिये 12 जिलों होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, हरदा, विदिशा, गुना, देवास, इंदौर, धार और बालाघाट में उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं।

मूँग के पंजीयन के समय उत्पादक किसानों को मूँग के रकबे के भू-अभिलेख, आधार-कार्ड, मोबाइल नम्बर और बैंक खाते के आईएफसी कोड की जानकारी देनी होगी। मूँग की खरीदी के लिये किसानों के पंजीयन का कार्य उन्हीं जिलों में किया जा रहा है, जहाँ मूँग की बोनी का रकबा 2000 हेक्टेयर अथवा उससे अधिक है। पंजीकृत किसान के रकबे का सत्यापन पोर्टल पर किया जायेगा।

कृषि उपज मण्डियों में इलेक्ट्रॉनिक तौल-काँटे की सुविधा

प्रदेश की कृषि उपज मण्डियों में किसानों द्वारा बेची जाने वाली उपज का सही तौल हो सके, इसके लिये मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने 257 कृषि उपज मण्डियों में इलेक्ट्रॉनिक तौल-काँटे की व्यवस्था की है। मण्डी समितियों में 130 इलेक्ट्रॉनिक तौल-काँटे 10 से 50 टन क्षमता के और 6439 इलेक्ट्रॉनिक तौल-काँटे एक क्विंटल से 5 क्विंटल क्षमता तक के लगाये गये हैं।

हर जिले में खुलेगा कैरियर मार्गदर्शन केन्द्र

 भोपाल-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिये लेपटॉप दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री आज यहां ‘मुख्यमंत्री कैरियर काउंसलिंग पहल – हम छू लेंगे आसमाँ’ के दूसरे चरण के काउंसिलिंग सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभागों के संयुक्त तत्वावधान में 70 प्रतिशत से कम नंबर लाने वाले विदयार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन देने के लिए यह विशेष आयोजन किया गया। सभी जिलों में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के संदेश को दूरदर्शन और आकाशवाणी के लाइव प्रसारण के माध्यम से सुना और आकाशवाणी के फोन इन कार्यक्रम के माध्यम से कैरियर संबंधी सवाल भी पूछे। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील अभिभावक के रूप में विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में उत्कृष्ट विद्यालय में कैरियर काउंसलिंग केन्द्र प्रारंभ किया जायेगा। काउंसलिंग सत्र समाप्त होने के बाद भी किसी बच्चे को जरूरत हो, तो वह उन केन्द्रों में जाकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम अंकों से घबराने और निराश होने की जरूरत नहीं है। कैरियर के कई रास्ते खुले है। कौशल और संपन्न मानव संसाधन की हर क्षेत्र में जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का सम्मान करें। जो विषय पढ़ने में मन लगे, आनंद मिले, उसमें आगे बढें। जो कैरियर मन के करीब हो, उसे चुनें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य तय करें। फिर एक साफ-सुथरा रोडमेप बनायें और पूरी मेहनत से रोडमेप पर चलते रहें। सफलता अवश्य मिलेगी।

प्रदेश में नहरों से सिंचाई में 433 प्रतिशत की वृद्धि

दमोह-मध्यप्रदेश में नहरों से सिंचाई का प्रतिशत आज बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो चुका है। यह वर्ष 2003 में मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था। जनसम्पर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने बताया कि बीते 14 वर्षो में नहरों से सिंचाई कार्य में 433 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मंत्री डॉ. मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शनिवार, 23 जून को मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से रू-ब-रू होंगे। प्रधानमंत्री इस दिन राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे। राजगढ़ जिले में मोहनपुरा और कुंडालिया सिंचाई योजनाओं से लगभग आठ लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। इन दोनों योजनाओं से बांध से लगे क्षेत्रों की पेयजल समस्या भी समाप्त हो जायेगी।

डॉ. मिश्र ने बताया कि प्रदेश में प्रति माह नवीन सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सिंचाई परियोजनाओं से विस्थापित लोगों के समुचित पुनर्वास की व्यवस्था भी की जा रही हैं। विभिन्न परियोजनाओं के लिये आवश्यकतानुसार विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ विस्थापितों को दिया जाता है, जिससे वे पूर्व की तुलना में नई बसाहट में अधिक सुविधाओं के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। नई सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति के क्रम में इस माह मंत्रि-परिषद द्वारा डिण्डौरी और दमोह जिले की सिंचाई योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये संकल्पित होकर कार्य करें प्रदेशवासी

भोपाल-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिकों से प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये संकल्पित होकर कार्य करने का आव्हान किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त बनाने की मुहिम शुरु की जा रही है।

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि पर्यावरण के लिये प्लास्टिक सर्वाधिक हानिकारक पदार्थ है। यह पृथ्वी का शत्रु है। धरती पर प्लास्टिक कचरे की मोटी होती परत मनुष्यों, पशुओं, जीव-जन्तुओं, पेड़-पौधों, हवा, पानी सबके लिये खतरा बन गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन प्लास्टिक के खतरों से निपटने के लिये प्रतिबद्ध है। प्लास्टिक थैलियों के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, विक्रय और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके लिये प्रत्येक नागरिक को जागरुक होने की जरूरत है।

नागरिकों का आव्हान किया है कि वे प्रदेश को प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त बनाने में भरपूर योगदान दें। सरकार के प्रयासों में सहयोग प्रदान करें।

राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना से जुड़ीं मध्यप्रदेश की 58 कृषि उपज मण्डियाँ

 भोपाल-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) एक पैन-इण्डिया इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है। यह कृषि उपजों के लिये एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करने का सशक्त माध्यम है। कृषि उपज मण्डी से संबंधित सभी सूचनाओं और सेवाओं के लिये यह ई-नाम पोर्टल सिंगल विण्डो सेवा प्रदान कर रहा है। इस पोर्टल में उपज के आगमन और कीमतों तथा उपज को खरीदने और बेचने के व्यापारिक प्रस्तावों के प्रावधान को शामिल किया गया है। प्रदेश में ई-नाम पोर्टल के माध्यम से अभी तक 58 कृषि उपज मण्डियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जा चुका है।

अभिनव पहल

  • प्रदेश की 58 कृषि उपज मण्डियाँ राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ीं।

  • 13 कपास मण्डियों को भी राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जा रहा है।

  • ई-नाम पोर्टल पर 49 लाख क्विंटल कृषि जिन्सों का हुआ व्यापार।

प्रदेश में ई-नाम पोर्टल की शुरूआत भोपाल की पण्डित लक्ष्मीनारायण शर्मा कृषि उपज मण्डी करोंद से की गई। योजना के पहले चरण में प्रदेश की 19 चयनित कृषि उपज मण्डियों को इस पोर्टल से जोड़ा गया। ई-नाम पोर्टल से जुड़ी कृषि उपज मण्डियों में 6 जिन्सों पर ऑनलाईन ट्रेडिंग की जा रही है। योजना के दूसरे चरण में 30 और तीसरे चरण में 8 कृषि उपज मण्डियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना में शामिल किया गया है। अब तक प्रदेश की 58 कृषि उपज मण्डियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना से जोड़ा जा चुका है।

इसके साथ ही, 13 कपास मण्डियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना से जोड़ने का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना में अब तक करीब 12 लाख किसानों से 19 हजार लायसेंस धारी व्यापारियों ने ई-प्लेटफार्म के माध्यम से करीब 49 लाख क्विंटल कृषि जिन्सों का व्यापार किया है। प्रदेश में ई-नाम पोर्टल की सभी 58 मण्डियों में कृषि उपज के गुणवत्ता परीक्षण के लिये वृहद एसेइंग एण्ड ग्रेडिंग लैब स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है। ई-नाम पोर्टल में देश के 18 राज्यों में मध्यप्रदेश की स्थिति गेट एन्ट्री और एसेइंग में प्रथम तथा बिड क्रिएशन और सेल ऐग्रीमेंट में तृतीय रही है। ज्ञातव्य है‍कि देश में अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना की शुरूआत की थी। इसका मकसद किसानों को उनकी उपज का राष्ट्रीय स्तर पर सही दाम दिलवाना है।

विधिक जागरुकता का किया गया आयोजन

पथरिया- राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पथरिया में दो दिवसीय महिला विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन विधिक जागरूकता शिविर का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े द्वारा की गई। विधिक जागरुकता शिविर मे विधायक लखन पटैल, कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष खरगराम पटैल, आयोग सखी दमोह की सीमा जाट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्य महिला आयेाग की ओर से मुख्य वक्ता वार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। परियोजना अधिकारी …… द्वारा मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि द्वारा महिलाओं के सशक्त होने एवं महिला को महिला की मदद करने पर बल दिया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विधायक लखन पटैल द्वारा कहा गया कि कानून महिलाओं के हित में बने हैं किंतु उनके प्रति महिलाओं में जागरुकता होना आवश्यक है। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के साथ दुष्कर्म करने पर फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता लता वानखेड़े ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के लिए उनको स्वयं आगे आना चाहिए। महिलाओं को अधिकारों की जानकारी होना चाहिए और समाज में सजग प्रहरी बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिला अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए इसे जड़ से नष्ट करना पड़ेगा।उन्होंने महिलाओं को जागरुक करते हुए कहा कि हर शहर और गांव में महिलाएं संगठित हों। उन पर हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उन्हें ही आगे आना होगा। महिलाओ को हर क्षेत्र में समानता के अवसर दिलाने के लिये और उन पर हो रहे अपराध व अत्याचार पर त्वरित कार्यवाही में महिला आयोग प्रयासरत हैं।


वानखेडे ने बताया कि महिला आयोग का गठन 1998 में 23 मार्च को हुआ था। वानखेड़े ने बताया कि “हर युग मे दाव पर। लगी हैं नारियो की जिंदगी” लेकिन अब हमें दाव पर नही लगना हैं। अब हमें दाव जीतना हैं । मुख्य वक्ता शंभू श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे देश में रीति-रिवाजों परंपराओं और प्रथाओं के कारण समाज में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन देश में सती प्रथा, छुआछूत, बाल विवाह, विधवा विवाह, घरेलू हिंसा, समलैंगिक अपराध के निवारण के लिए सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है और परिवर्तन से ही विकास संभव है। उन्होंने कहा कि मानव । ऐसे में समाज में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। महिलाएं कुप्रथाओं और अंधविश्वासों छोड़ कर बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आगे आएं। इस मौके पर महिला परियोजना अधिकारी राजकुमार लड़िया,व महिला सशक्तिकरण अधिकारी स्वाति जैन व भाजपा की महिला मण्डल की जिला उपाध्यक्ष नीतू सुनील दुबे और अन्य लोग मौजूद थे।