राज्यमंत्री ललिता यादव ने बांटी सहायता राशि की चैकें

छतरपुर। पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण, घुमक्कड़-अर्धघुमक्कड़ जनजाति विकास (स्वतंत्र प्रभार) व महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र के कामता अहिरवार (मलपुरा) 5 हजार, चन्दा अहिरवार मलपुरा 5 हजार, बिहारी

अहिरवार नारायणपुरा 5 हजार, पप्पू यादव श्यामरीपुरवा 5 हजार, भरत कौंदर बरकौंहा 5 हजार रुपए की सहायता राशि की चैक प्रदान की। इसके साथ ही बरकौहा के हनुमान मंदिर के टीन शेड के लिये राजाराम यादव व विनोद यादव को 15-15 हजार की सहायता राशि प्रदान की।

छतरपुर से प्रेम गुप्ता

जो मांगा वो दिया, ग्रामीण क्षेत्रों को दी विकास की सौगातें

छतरपुर। प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा महिला एवं बालविकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने विकासयात्रा के तहत आज तीन पंचायतों का भ्रमण कर ग्रामीणों को लाखों रुपए के विकासकार्यों की सौगातें दीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने जो मांगा सरकार ने वो दिया।
राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने महेवा पंचायत के ग्राम तोरना, गोरा पंचायत के ग्राम लहेरा और टुडऱ पंचायत के ग्राम श्यामाझोर में विकासयात्रा के तहत भूमिपूजन और लोकार्पण करने के साथ विकास के अनेक नए कार्यों की घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने पूरे प्रदेश में इतने काम कराए हैं जितने 50 साल में नहीं हुए। गांवों में ऐसे रोड बने जो शहरों तक में नहीं हैं। गांव-गांव में बिजली, हर खेत को पानी उपलब्ध कराया गया है। श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि हम जो कहते हैं वहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए पिछले साल का 200 रुपए और इस साल 265 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके फायदे गिनाए और ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस के लोग आएंगे और दुनियाभर की बातें करेंगे। उनसे केवल एक सवाल पूछें कि आखिर उन्होंने किया क्या है। श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि हमने सेवक बनकर सेवा करने का वादा किया था और उसे निभाया भी। शासक बनकर कभी नजरें नहीं उठाईं। इसीलिए इस सेवक पर हमेशा आशीर्वाद बनाए रखें।


लाखों के विकास की सौगातें
इस दौरान ग्राम लहेरा में 14.85 लाख से बने पंचायत भवन और 8 लाख से निर्मित सीसी रोड का लोकार्पण किया गया तथा 5 लाख रुपए से बनने वाले सीसी रोड का भूमिपूजन किया गया। ग्राम तोरना में 7 लाख 80 हजार से बने सीसी रोड का लोकार्पण करने के साथ ही 15 लाख 60 हजार से बनने वाले दो आंगनबाड़ी भवन का भूमिपूजन भी किया। इसके साथ ही 5 लाख से बनने वाले सीसी रोड तथा विधायक निधि के 5 लाख से सामुदायिक भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। टुडऱ पंचायत के ग्राम श्यामाझोर में 8 लाख रुपए से बनने वाले दो सीसी रोड का भूमिपूजन तथा 5 लाख से बने एक सीसी रोड और 14.99 लाख से बनकर तैयार हाट बाजार का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने श्यामाझोर में पेयजल संकट को देखते हुए एक टैंकर देने, दो हैण्डपंप लगवाने, कुशवाहा समाज भवन के लिए 5 लाख रुपए तथा टुडऱ में कारकदेव के पास सीसी रोड के लिए 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। गांव की बेटियों ने कलश से राज्यमंत्री की अगवानी की। उन्होंने बेटियों के पैर छूकर क्षेत्र के विकास का संकल्प लिया।

प्रेम गुप्ता छतरपुर

किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने वाला प्रदेश बन गया है मध्यप्रदेश

 भोपाल-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली के पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश अब किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने वाला प्रदेश बन गया है। यहाँ किसानों के लिये विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं। वर्तमान में किसान समृद्धि योजना में किसानों को गेहूँ के विक्रय पर 265 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि तथा चना, मसूर और सरसों के विक्रय पर 100 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जा रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना में अब तक 8 लाख आवास बनाये जा चुके हैं और वर्ष के अंत तक 15 लाख आवास बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री की पत्रकारों से चर्चा के मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  एस.के. मिश्रा और आयुक्त जनसंपर्क  पी. नरहरि भी मौजूद थे।

 चौहान ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश आज विकास और जनकल्याण के कार्यों में देश-दुनिया का अग्रणी राज्य है। यहॉ कृषि, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा सड़क, बिजली, सिंचाई, और किसान कल्याण सहित सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुआ है। गरीबी हटाने के लिये गरीबों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अन्य जरूरी सुविधाएं देने का काम भी किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है। प्रदेश में गरीबों के नि:शुल्क इलाज के लिये योजना चलाई जा रही हैं। गरीबी दूर करने के लिये रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। प्रदेश में अब शिक्षकों का एक ही कैडर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी चुनाव चेहरों से नहीं, परफार्मेंस से जीता जाता है। चुनाव में विकास ही हमारा एजेण्डा रहेगा। प्रदेश में हम ने अनेक नवाचार किये हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय स्वशासी सरकारों सहित शिक्षकों के पदों में 50 प्रतिशत और अन्य सभी शासकीय सेवाओं में 33 प्रतिशत (वन विभाग को छोड़कर) आरक्षण की व्यवस्था की गई है। बेटियों को परिवार बोझ नहीं माने, उनकी शिक्षा की उचित सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रदेश में वर्ष 2006 में ही लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किसानों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया जाता है। प्राकृतिक आपदा के समय किसानों की भरपूर मदद की जाती है। भावांतर योजना जैसे राहत के अनेक प्रभावी तरीकों से फसलों की क्षतिपूर्ति भी की जाती है। क्षति का आंकलन 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के मान से किया जाता है। राज्य में कानून बनाकर गरीब व्यक्ति को रहने की जमीन का मालिक बनाया गया है। गरीब प्रतिभाओं को प्रगति के अवसर मिलें, धन का अभाव प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बने, इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना शुरु की गयी है, जिसमें मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस का राज्य सरकार भुगतान करती है।

 चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में विगत पांच वर्षों से कृषि वृद्धि दर औसतन बीस प्रतिशत बनी हुई है। सिंचित क्षेत्र साढ़े सात लाख से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टेयर हो गया है। इसे अस्सी लाख हेक्टेयर तक ले जाने के लिये प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजनाओं में नर्मदा-क्षिप्रा जुड़ गयीं हैं। नर्मदा-गंभीर का कार्य पूर्णता पर है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश को पर्यटन में बेस्ट राज्य का पुरस्कार मिला है। इस वर्ष के राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के इंदौर और भोपाल शहर ने क्रमश: प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

अब किसानों को मण्डी में लम्बी लाईन की परेशानियों से मिलेगी राहत ?

 भोपाल-राज्य शासन ने मंडियों में अत्याधिक उपार्जित स्कंध जमा होने के कारण जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि पंजीकृत किसानों को सीमित संख्या में एसएमएस के माध्यम से मण्डी में उपज बेचने के लिये बुलाया जाये। इससे स्टॉक के परिवहन की गति बढ़ेगी और किसानों को गर्मी के मौसम में मंडी में ट्रेक्टर-ट्राली की लम्बी लाइन की परेशानियों से राहत भी मिलेगी।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर कहा है कि प्रदेश में विगत 15 मार्च से आगामी 26 मई तक गेहूँ का शासकीय स्तर पर उपार्जन किया जा रहा है। इसी प्रकार चना, सरसों एवं मसूर की उपार्जन अवधि विगत 10 अप्रैल से आगामी 9 जून तक निर्धारित है। इन दिनों मंडी प्रांगणों में इन फसलों की व्यापक आवक हो रही है। इस कारण सहकारी समिति को किसानों की उपज की खरीदी और तौल में दो से तीन दिन तक का समय लग रहा है। इस भीषण गर्मी में किसानों को ट्रेक्टर-ट्रॉली के साथ मंडियों के बाहर लम्बी लाईन में खड़ा रहना पड़ता है। इस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए पंजीकृत किसानों के लिये एसएमएस की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है।

जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि मंडी प्रांगण में स्थान की उपलब्धता सहकारी समिति की दैनिक उपार्जन क्षमता एवं उपार्जित उपज के स्टॉक के परिवहन की गति आदि का आकलन करने के बाद ही एसएमएस की संख्या तय की जाये। पंजीकृत किसानों से सहकारी समिति द्वारा उपज की खरीदी और तौल यथासंभव उसी दिन पूरी की जाये, जिस दिन किसान को उपज बेचने के लिये बुलाया गया हो।

राज्य शासन ने निर्देश दिये हैं कि जिन मंडियों में उपज रखने के लिये पर्याप्त स्थान नहीं है, उनमें से कुछ सहकारी समितियों को मंडी प्रांगण के बाहर अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानान्तरित किया जाये। साथ ही सहकारी समितियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने पर उन्हे मंडियों द्वारा यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाये। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर अन्य विभागों से भी आवश्यकता संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। मंडी प्रांगणों में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखने और संभावित अप्रिय स्थिति को नियंत्रित करने के लिये जिला और पुलिस प्रशासन सहित अन्य विभागों के शासकीय सेवकों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से लगाने के निर्देश दिये गये हैं।

जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि इस बार प्रदेश में समय पर मानसून आने की संभावना को देखते हुए चना, सरसों और मसूर को तत्परता से गोदामों तक पहुँचाना आवश्यक होगा। इन उपज का उपार्जन 9 जून तक किया जाना निर्धारित है। इसके अतिरिक्त प्री-मानसून या असमय वर्षा की संभावना पता लगते ही मंडी प्रांगण में उपार्जित तथा खुले में रखे हुए स्टॉक की सुरक्षा के लिये त्रिपाल और पन्नी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जिला स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये भी कहा गया है।

सुपर ग्रेन के नाम से दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके क्विनोआ की खेती अब

भोपाल/

सुपर ग्रेन के नाम से दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके क्विनोआ की खेती अब जबलपुर जिले में भी होने लगी है। पाटन क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने रबी सीजन में सीमित रकबे में क्विनोआ की फसल लेने का प्रयोग किया और इसमें वे सफल भी रहे हैं ।

आमतौर पर क्विनोआ को दक्षिणी अमेरिका की फसल माना जाता है, लेकिन कुछ वर्षों से हमारे देश में भी इसकी खेती की जा रही है । दूसरे अनाज की तरह यह भी एक अनाज ही है और सभी नौ जरूरी अमीनो एसिड्स को मिलाकर प्रोटीन का पूरा स्त्रोत है । क्विनोआ पर हुए कई शोधों से पता चला है कि प्रोटीन्स, विटामिन, मिनरल्स, आयरन सहित इसमें एंटी सेप्टिक, एंटी कैंसर, एंटी एजिंग के गुण भी होते हैं । ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और वजन कम करने में भी यह कारगर है । यह शरीर में खून की कमी को भी दूर करता है। साथ ही आस्टियोपोरोसिस, गठिया और दिल के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है । क्विनोआ का सेवन करने वाले लोगों में त्वचा की समस्या कम देखने मिलती है । इसमें मौजूद एंटी सेप्टिक गुण त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं । क्विनोआ का

ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित होता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है और फाईबर का भी अच्छा स्त्रोत है जो, आसानी से पच जाता है और दूसरे अनाज को पचाने में भी मदद करता है । क्विनोआ कोलस्टेरोल लेबल को बनाये रखने में भी मदद करता है। इसमें विटामिन ई, विटामिन बी, कैल्शियम एवं फेनोलिक एसिड जैसे कई और भी पोषक तत्व होते हैं।

क्विनोआ के इन्हीं गुणों के कारण इसे सुपर फुड कहा जाता है। क्विनोआ का स्पेस फूड के रूप में इस्तेमाल करने पर भी शोध चल रहे हैं । इसकी खूबियों और इसमें मौजूद पोषक तत्वों को देखते हुए इसे लोकप्रिय बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने वर्ष 2013 को क्विनोआ वर्ष के रूप में घोषित किया था। क्विनोआ को किनवा के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल नाश्ते के रूप में होता है और इसे बनाना भी आसान होता है। क्विनोआ के पौधे की पत्तियाँ भी सलाद के रूप में इस्तेमाल की जा सकती हैं।

किसानों को क्विनोआ की फसल लेने के लिए प्रेरित करने वाले कृषि व्यवसाय से जुड़े शशि राजपूत और राजेश गुप्ता बताते हैं कि पाटन क्षेत्र में पैदा हुए क्विनोआ की अच्छी गुणवत्ता को देखते हुए बहुराष्ट्रीय कम्पनी केआरबीएल ने इसमें रूचि दिखाई है। उनके मुताबिक जबलपुर जिले में क्विनोआ की खेती के लिए कुछ और किसानों को जोड़ने तथा ज्यादा रकबे में क्विनोआ की फसल लेने की योजना भी है। उन्होंने बताया कि जबलपुर जिले के साथ-साथ मण्डला और डिण्डौरी जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में क्विनोआ की खेती करने की योजना पर भी काम कर रहे हैं।

क्विनोआ की खेती करने वाले पाटन के ग्राम कंतोरा के प्रगतिशील किसान अशोक साहू के मुताबिक बड़े स्टोर्स में आकर्षक पैकिंग के साथ बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा 800 से 900 रूपये किलो की दर पर बेचे जा रहे क्विनोआ को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में जानकारी का अभाव है । उन्होंने बताया कि मांग बढ़ने और अच्छी कीमत मिलने पर इसका रकबा बढ़ाया जा सकता है

नजूल पट्टे का बकाया शेष नहीं होने पर 30 वर्ष के लिए होगा नवीनीकरण

 

भोपाल

राज्य शासन ने नजूल के स्थायी पट्टों के नवीनीकरण की नयी नीति निर्धारित की है। नीति के माध्यम से स्थायी पट्टों की शर्तों के उल्लंघन/ अपालन के प्रकरणों का त्‍वरित निराकरण होने के साथ ही पट्टों का नवीनीकरण भी हो सकेगा। प्राधिकृत अधिकारी नवीनीकरण के पहले वार्षिक भू-भाटक निर्धारित करेगा। यह अंतिम निर्धारित भू-भाटक का 6 गुना होगा।

राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि स्थायी पट्टे के नवीनीकरण और शर्त उल्लंघन के शमन के लिए जिला कलेक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत अपर कलेक्टर प्राधिकृत अधिकारी होंगे। स्थायी पट्टे की समाप्ति के एक वर्ष पहले की अवधि के दौरान कभी-भी नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जा सकेगा। अवधि समाप्ति के बाद विलम्ब से प्राप्त आवेदनों पर शमन राशि अधिरोपित की जायेगी। यह आदेश 31 मार्च 2017 के पहले जारी किये गए स्थायी पट्टों के संबंध में प्रभावशील होंगे। ऐसे मामले, जिनमें स्थायी पट्टों की अवधि 31 मार्च 2017 के पहले समाप्त हो चुकी है तथा पट्टे की शर्त के उल्लंघन की स्थिति निर्मित हो रही है, में इस परिपत्र के जारी होने के दिनांक 4 मई 2018 से एक वर्ष तक आवेदन किया जा सकेगा। प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जायेगा।

प्राधिकृत अधिकारी पट्टे के नवीनीकरण के पहले नजूल अधिकारी/ तहसीलदार नजूल के माध्यम से निर्धारित बिन्दुओं पर रिपोर्ट लेगा। स्थायी पट्टों की किन्हीं शर्तों का उल्लंघन पाये जाने पर पट्टेदार को सुनवाई का अवसर देने के बाद प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रकरण का निराकरण किया जायेगा।

आवासीय भू-खंड में पट्टेदार द्वारा आवासीय उपयोग के साथ संरचना के 25 प्रतिशत से कम भाग का उपयोग स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य द्वारा ट्यूशन, सिलाई-कढ़ाई, पापड़-बड़ी जैसे कुटीर उद्योग के लिए किया जाता है, तो वह प्रयोजन परिवर्तन नहीं माना जायेगा। लेकिन कोचिंग क्लासेस, बुटीक अथवा ब्यूटी पार्लर के लिए उपयोग करने पर इसे वाणिज्यिक प्रयोजन माना जायेगा। गेस्ट हाउस अथवा हॉस्टल चलाने को भी वाणिज्यिक प्रयोजन माना जायेगा। पट्टेदार निर्धारित प्रक्रियानुसार व्यावसायिक प्रयोजन के लिए परिवर्तन करवा सकता है।

मूल पट्टेदार की मृत्यु होने पर उत्तराधिकारी को पट्टे का अंतरण करवाना होगा। इसके बाद नवीनीकरण होगा। भू-खंड के दान अथवा विक्रय पर भी अंतरण की कार्यवाही होगी।

ऐसे मामलों में जिनमें पट्टावधि अवसान के बाद नवीनीकरण कराए बिना ही भू-खण्ड का अंतरण किया गया है, अंतरिती द्वारा नवीनीकरण चाहे जाने पर इस कंड़िका के अन्य प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए सर्वप्रथम मूल पट्टेदार के नाम कल्पित नवीनीकरण स्वीकार करते हुए, तद्क्रम में अंतरण के आधार पर अंतरिती के नाम से नवीनीकरण किया जाएगा।

ऐसे मामलों में जिनमें पट्टावधि के अवसान होने के बाद तीस वर्ष या उससे भी अधिक की अवधि बीत चुकी है, इस परिपत्र के अन्य प्रावधानों के अध्‍यधीन रहते हुए मूल पट्टा की अवसान तिथि को तीस वर्ष के लिये कल्पित नवीनीकरण मान्य करते हुए तद्क्रम में आगमी तीस वर्ष के लिये पट्टे का नवीनीकरण किया जाएगा।

शर्त उल्लंधन के प्रकरणों में शमन राशि जमा किए जाने की सूचना देने के एक माह के अंदर शमन राशि जमा करना होगा एवं प्रकरण के निराकरण के बाद एक माह के अंदर नवीन पट्टा तैयार कर विधिवत पंजीयन कराना होगा। पट्टा नवीनीकरण के प्रकरणों के निराकरण के लिए 6 माह की समय-सीमा का निर्धारण किया गया है।

किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में अंकित पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध होगी कार्यवाही

दमोह-नगर पालिका, त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त प्रारंभिक मतदाता सूची में दावे, आपत्तियों के दौरान किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 17 के तहत रजिस्ट्रीकरण किये जाने का हकदार नहीं होगा।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जे ने कहा है इसी प्रकार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31के तहत यदि कोई व्यक्ति दावे आपत्तियों के दौरान मिथ्या घोषणाएं करता है, यथा किसी निर्वाचक नामावली की तैयारी, पुनरीक्षण या शुद्धि अथवा किसी प्रविष्टि के किसी निर्वाचन नामावली में सम्मिलित या उसमं अपवर्जित किये जाने के संबंध में ऐसा कथन या ऐसी घोषणा लिखित रूप में करेगा जो मिथ्या है और जिसके मिथ्या होने का या तो उसे ज्ञान है या विश्वास है या जिसके सत्य होने का जिसे विश्वास नहीं है, तो वह ऐसे कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि मतदाता सूची में रजिस्ट्रीकृत होने के लिये किसी एक निर्वाचन क्षेत्र में नगर पालिका के वार्ड अथवा पंचायत अंतर्गत किसी ग्राम पंचायत में एक जगह अपना नाम रजिस्ट्रीकृत करायें। यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में अंकित पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत कार्यवाही की जा सकती है।

पासपोर्ट की समस्या हुई दूर, यह सुविधा अब दमोह में मिलगी

 

दमोह में पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र का शुभारंभ

    दमोह-  वित्त मंत्रालय एवं भारतीय डाक विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र दमोह का उद्घाटन समारोह आज प्रात:11 बजे वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयंतकुमार मलैया के मुख्य आतिथ्य तथा सांसद प्रहलाद पटैल की अध्यक्षता में मुख्य डाकघर में सम्पन्न हुआ।

 

इस अवसर पर वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा मैं सांसद जी का धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं, यहां पासपोर्ट कार्यालय प्रारंभ हुआ। उन्होंने कहाबुन्देलखण्ड का यह प्रथम पासपोर्ट कार्यालय है। यहां प्रतिदिन 50 पासपोर्ट बनेंगे। सांसद के प्रयासों से यह पासपोर्ट कार्यालय प्रारंभ हुआ, यह प्रदेश का 8वां पासपोर्ट कार्यालय है। उन्होंने कहा भोपालमें पहला पासपोर्ट कार्यालय तब खुला था जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बाजपेयी विदेशी प्रधानमंत्री हुआ करते थे।  मलैया ने कहा उन्होंनें जब पासपोर्ट बनाया था, तब उन्होंने दिल्ली या मुम्बाई से बनवाया था। परंतु मध्यप्रदेश में नहीं बना था यह मुझे याद है। उन्होंने कहा लोग अपने रिश्तदारों से विदेश मिलने जाना चाहते हैं, पासपोर्ट की समस्या आड़े आती अब वह समस्या दूर हो गयी है।पासपोर्ट बनवाना दमोह वासियों के लिए अब आसान हो जायेगा। छात्रों के लिए भी पासपोर्ट जरूरी होता है यह सुविधा अब उन्हें मुख्यालय में मिलने लगेगी।

वित्त मंत्री ने कहा मुस्लिम समाज के लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा हो जायेगी, उन्हें हज जाने के लिए अब पासपोर्ट बनवाने भोपाल नहीं जाना होगा। पासपोर्ट दमोह में बन जायेगा।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं सांसद प्रहलाद पटैल ने कहा देश के प्रधानमंत्री जी माननीय विदेश मंत्री जी का एवं माननीय संचार मंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। दमोह को सौभाग्यमिला यहां अब पासपोर्ट बनने लगेंगे, हर दिन यहां 50 व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जिले के निवासियों को इस सुविधा से मिलने पर बधाई दी।सांसद पटैल ने कहा आप सभी इस सुविधा काभरपूर लाभ उठायें। उन्होंने महाविद्यालयों के प्राचार्यो से कहा छात्रों का कार्यक्रम तैयार कर उनके पासपोर्ट बनवायें जाये ताकि उन्हें विदेश अध्ययन या शैक्षिणिक कार्य में जाने में सुविधा हो। सांसदने कहा आवश्यकता पड़ने पर प्रतिदिन 50 की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने वित्त मंत्री जी आज केबिनेट छोड़कर इस कार्यक्रम में शामिल हुए इसके भी उन्होंने ज्ञापित किया। सांसद ने कहा हमें इस कार्यक्रम की महत्ता को समझना होगा।

इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी भोपाल रश्मि बघेल ने कहा आवेदन पासपोर्ट हेतु ऑनलाइन होंगे, एसएमएस के मध्यम से संबंधितों को जानकारी दी जायेगी। उन्होंने आवेदनप्रक्रिया आदि के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा आज 5 आवेदन आयें हैं।

इस अवसर पर अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन और माल्यापर्णकर किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती बंदना सुश्री दिव्या भारद्वाज और चित्तर सिंह ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन आलोक सोनवलकर ने किया।

कार्यक्रम का संचालन आलोक सोनवलकर ने किया।

अब युवाओं को उनकी योग्यतानुसार मिलेगा रोजगार

भोपाल-मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के मॉडल स्कूल में ‘हम छू लेंगे आसमाँ’ ‘मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल’ कार्यक्रम में ‘माय एमपी रोजगार पोर्टल” लांच किया। यह पोर्टल युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, क्षमता एवं रुचि के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाने तथा नियोजक को अपने व्यवसाय की जरूरत के अनुसार योग्य उम्मीदवार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिपूर्ण है। युवा सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा यह पोर्टल तैयार किया गया है।

इस पोर्टल के माध्यम से युवक अपनी योग्यतानुसार स्वयं की प्रोफाइल को पोर्टल पर रजिस्टर कर रोजगार खाता खोल सकेगा। पोर्टल के माध्यम से वह अपनी पसंद के रोजगार की जगह, कार्य-क्षेत्र, सेक्टर एवं जॉब रोल का निर्धारण कर सकता है। प्रोफाइल एकाउंट में सर्च करने पर उसे मालूम हो सकेगा कि उसकी रुचि और योग्यता के आधार पर रोजगार देने वाले कितने नियोजक एवं कितने पद उपलब्ध हैं। ऑनलाइन ही इन कम्पनियों में नौकरी के लिये आवेदन भी कर सकेंगे।

रोजगार एकाउंट में दी गई जानकारी को ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा और नौकरी मिलने के बाद नई नौकरी के लिये भी रोजगार एकाउंट का उपयोग कर सकेगा। नियोजक कम्पनी भी इस पोर्टल पर नि:शुल्क नियोजक खाता खोल सकती है। खाते में वह उसके यहाँ नौकरी के लिये जरूरी योग्यता, प्रशिक्षण आदि की जानकारी रखेगा। जैसे ही नियोजक जॉब रोल/स्किल सेट अपडेट करेगा, वैसे ही पोर्टल नियोजक के समक्ष जॉब प्राप्त करने वालों की लिस्ट एवं प्रोफाइल उपलब्ध करवा देगा। पोर्टल के माध्यम से ही नियोजक आवेदन आमंत्रित कर आवेदक को इंटरव्यू के लिये बुला सकेगा।

पोर्टल की विशेषताएँ

युवाओं के लिये : युवाओं को पोर्टल पर स्वत: रजिस्ट्रेशन, जॉब प्रीफरेंस को अपडेट करने, नियोक्ता की जानकारी, सेक्टर एवं जॉब रोल के आधार पर उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। इंटरव्यू एवं जॉब-फेयर की जानकारी रजिस्टर्ड ई-मेल एवं मोबाइल पर प्राप्त की जा सकेगी।

नियोजक के लिये : नियोजकों को पोर्टल पर स्वत: रजिस्ट्रेशन, सेक्टर एवं जॉब रोल्स को अपडेट करने और इसी के आधार पर डिमांड को पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा होगी। डिमांड के आधार पर योग्य आवेदकों की सूची उपलब्ध हो सकेगी।

मैच-मेकिंग के माध्यम से नियोजक कम्पनियों और रोजगार के इच्छुक युवाओं को नजदीक लाने का प्रयास, ‘माय एमपी रोजगार पोर्टल” के माध्यम से किया गया है।

वो दिन दूर नहीं जब दमोह पंजाब से कम नहीं रहेगा

सिंचाई परियोजना से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी – सांसद प्रहलाद पटैल, 65 गांवों के 18 हजार एकड़ में सिंचाई होगी, 100 गांव में पेयजल मुहैया कराया जायेगा, वो दिन दूर नहीं जब दमोह पंजाब से कम नहीं रहेगा, क्षेत्र की जीवन रेखा सतधरू परियोजना का भूमिपूजन सम्पन्न 

 

दमोह –       वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा 3 अरब 15 करोड़ रूपये की सतधरू परियोजना इस क्षेत्र में हरियाली, खुशहाली और समृद्धि लायेगी। मेरा एक सपना जो पूरा होने जा रहा है, इससे 18 हजार एकड़ में सिंचाई होगी।  मलैया आज ग्राम अधरौटा में सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना के भूमि पूजन उपरांत आयोजित विशाल गरिमामय समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में परियोजना के पूरे होते ही गरीबी दूर होगी, सम्पन्नता आयेगी। परियोजना से 65 गांव में सिंचाई होगी तथा 100 गांव में पेयजल मुहैया कराया जायेगा।  मलैया ने कहा और भी गांव को सिंचाई से जोड़ा जायेगा और जरूरत पड़ने पर दमोह को पेयजल के लिए यहां से पानी मुहैया कराया जायेगा।
वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा केन्द्र की सरकार में प्रधानमंत्री मोदी जी नहीं होते तो इस सिंचाई परियोजना को स्वीकृति नहीं मिलती। किसानों की जमीन के अधिग्रहण के लिए 30 करोड़ रूपये और वन विभाग को 70 करोड़ रूपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा लोग कहते थे सतधरू योजना बन तो गई है पर स्वीकृत नहीं हो सकती। आज वह दिन आ गया कि परियोजना का भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। क्षेत्र के हजारों कि तादात मौजूद जनसमूह आज हर्षित है उनके क्षेत्र में एक वृहद सिंचाई योजना का काम शुरू होने जा रहा है।
मलैया ने कहा करीब 5 अरब की लागत से सीतानगर मध्यम सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति हो चुकी है, डीपीआर तैयार हो गया है, केबिनेट में यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जायेगा। उक्त परियोजना सतधरू से भी बड़ी है, इसे सिंचाई परियोजना से 10 हजार एकड़ में सिंचाई होगी, इसमें दमोह विधानसभा के साथ पथरिया और हटा क्षेत्र में भी सिंचाई होगी। 3 नदियों के संगम में डेम बनाया जायेगा।
वित्त मंत्री ने कहा खेती को लाभ का धन्धा बनाने के दृष्टिगत हर आवश्यक कदम उठायें जा रहे हैं। उन्होंने कहा किसानों को 09 जून को समर्थन मूल्य पर गेंहूं खरीदी पर प्रति Ïक्वटल 265 रूपये के मान से उनके खाते में प्रोत्साहन राशि जमा की जायेगी। प्रदेश में किसानों के  खातों में 3 हजार करोड़ रूपये डाले जायेंगे। इसके पूर्व गत वर्ष की राशि किसानों के खाते में कुछ समय पूर्व ही डाली गयी है। उन्होंने कहा किसानों को 18 प्रतिशत से ऋण कम करते हुए शिवराज सरकार शून्य प्रतिशत कर दिया है। साथ यह भी कहा कि हर जरूरी कदम खेती को लाभ का धन्धा बनाने उठायें जा रहे हैं।

वो दिन दूर नहीं जब दमोह पंजाब से कम नहीं रहेगा

मलैया ने कहा वो दिन दूर नहीं जब दमोह पंजाब से कम नहीं रहेगा। उन्होंने कहा हमारा किसाना मेहनत कश है, हम पानी और बिजली उन्हें देंगे, अगले तीन सालों में जिले के हालात बदल जायेंगे। सिंचाई के कामों से हमें संतोष मिलता है।

2019 में डेम पूरा हो जायेगा

मलैया ने कहा सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना काम 2019 में पूरा हो जायेगा, यहां प्रेशर पद्धति से खेतों में पानी जायेगा।

तपती धूप में आये स्वागत है

वित्त मंत्री ने कहा आप सब बड़ी संख्या में यहां आये हैं तपती धूप है आप सबका स्वागत है, मैं सभी को शुभकामना देता हूं, आपके जीवन में खुशहाली और समृद्धि आयें। यह भी कहा है कि मैं यहां पर हरियाली और समृद्धि देखूं। यह कहते हुए श्री मलैया भावुक हो उठे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सांसद प्रहलाद पटैल ने कहा यह सिंचाई परियोजना जिले की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का परिणाम है, जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ा है और खेतों से मण्डियों में बड़ी तादात में अनाज लेकर किसान आ रहे हैं।  पटैल ने कहा केन्द्र में यदि मोदी सरकार नहीं होती तो इस परियोजना को स्वीकृति नहीं मिलती। इस योजना में मैंने भी प्रयास किये। उन्होंने इस हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
सांसद प्रहलाद पटैल ने कार्यक्रम में मौजूद विशाल जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा यहां का किसान मेहनतकश है, मुझे विश्वास है कि दो साल में यह परियोजना पूरा हो जायेगी। परियोजना से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा जब उन्नति होती है तब विकृति भी आती है।  पटैल ने कहा जीवन में सफलता पर इतराएं नहीं, जीवन को सार्थक बनायें।
सांसद प्रहलाद पटैल ने प्रधानमंत्री जी की आवास योजना की चर्चा करते हुए कहा कि 2022 तक हर व्यक्ति को पक्का आवास मिल जायेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने बड़े साहस के साथ योजना बनाई और लागू की। उन्होंने कई पंचायतों और गांवों के नाम लेते हुए कहा कि वहां दो सौ – ढ़ाई सौ आवास एक वर्ष में बन रहे हैं। यह भी कहा कि उज्जवला योजना तहत गरीबो को एलपीजी गैस कनेक्शन दिये जा रहे हैं।  पटैल ने कहा सरकार ने अधिगृहित जमीन का दुगना पैसा दिया है। उन्होंने कहा आप सब भीषण गर्मी में आये आप सबका स्वागत है और सभी को खुशहाल-सुखमय जीवन की शुभकामनाएं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री आर सी तिवारी ने सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति 3 अरब 15 करोड़ 65 लाख रूपये है। बांध की लम्बाई 755 मीटर ऊंचाई 24.80 मीटर, जल भराव 63 एमसीएम, सिंचाई हेतु उपलब्ध जल 24 एमसीएम, पेयजल हेतु आरक्षित जल 26 एमसीएम, लाभान्वित ग्रामों की संख्या 65 है और प्रेशराईज्ड पद्धति से सिंचाई होगी।
इस कार्यक्रम में सांसद प्रहलाद पटैल, ओजस्वनी संस्थान की चेयरपर्सन डॉ. सुधा मलैया, भाजपा जिला अध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र गुरू, विधायक लखन पटैल, भाजपा उपाध्यक्ष अखिलेश हजारी, पूर्व मंत्री दशरथ सिंह लोधी, कलेक्टर डॉ. विजय कुमार जे, पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल, वन मण्डला अधिकारी एस एच मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत एचएस मीणा, जनपद अध्यक्ष डॉ. आलोक अहिरवार, नगरपालिका अध्यक्ष मलाती असाटी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष राजेन्द्र सिंघई, डॉ. विजय सिंह राजपूत, बिहारीलाल गौतम, पं. नरेन्द्र ब्यास और विद्यासागर पाण्डे, महामंत्री रमन खत्री ऋषि लोधी, प्रीतम सिंह लोधी, धमेन्द्र सिंह लोधी, बृज गर्ग, राजकुमार जैन, अवधेश प्रताप सिंह, सुनील डबुलिया, जिला सदस्य संतोष अट्ठया, कैलाश सेलार, प्रभात सेठ, मनीष तिवारी, मोन्टी रैकवार, भरत यादव, विधायक प्रतिनिधि राघवेन्द्र सिंह परिहार, राजकुमार सिंह, पप्पू भाईया, उमा नेमा, भूपसिंह ठाकुर, विशाल शिवहरे, हरि रजक सहित अन्य जनप्रतिनिधि आसपास के गांव से आये पंच सरपंच, जिला एवं जनपद पंचायतों के सदस्य, सम्मानीय मीडिया प्रतिनिधि, जिला और जनपद अधिकारी-कर्मचारी तथा कई हजारों की तादात में आसपास के गांवों से किसान बन्धु-ग्रामीणजन, महिलाएं तथा युवा मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन पं. विपिन दुबे और मनीष तिवारी ने किया। सीईओ जिला पंचायत एच एस मीणा ने आभार व्यक्त किया